प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमेरिका में क्यों हुआ केस दर्ज

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाउडी मोदी कार्यक्रम को संबोधित करने के बाद 23 सितंबर को न्यूयार्क पहुंच चुके हैं. सोमवार को यहां वह संयुक्त राष्ट्रसभा की जलवायु परिवर्तन को लेकर होने वाली बैठक में हिस्सा लेंगे. प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74 वें शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे. कल हाउडी मोदी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बड़े बड़े लतिफे सुनाये। उन्होंने कहा कि भारत एक अलग दिशा में बढ़ रहा है तकलीफ उन लोगों को हो रही है जिनसे अपना देश नहीं सभलता है इस पर आपको विस्तार से और आसान भाषा में बताएगे लेकिन उससे हपले आपको एक कड़वी सच्चाई बताते है प्रधानमंत्री जब ह्यूस्टन के nrg स्टेडियम में पहुचने की तैयारियां हो रही थी तो उस वक्त अमेरिका में रह रहे भारतीय बहुजन गो बैक के नारे लगाकर जमकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे इतना ही नहीं मोदी सरकार के खिलाफ गो बैक के नारे लगाकर और अपनी आजादी की मांग कर रहे थे.

आप इस वक्त अमेरिका के उस वकिल को सुन रहे थे जिन्होंने मोदी के खिलाफ केश फाइल किया ह.वहीं अमेरिका के सड़को पर एकजुट होकर वापस जाओ सरकार के नारे लगा रहे है इतना ही नहीं अमेरिका में भारतीय बहुजन प्रदर्शन के दौरान कई मुद्दो का जिक्र करते हुए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया. साथ ही प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ एक अर्जी भी दाखिल कर मोदी सरकार पर कार्रवाई करने की मांग की. लेकिन हद तो तब और बढ़ गई जब प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका में कहा कि हमने कश्मीर अनुच्छेद 370 को अलविदा कर दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि कश्मीर में विकास कर तरक्की की राह पर ले जाएगें. इतना ही नहीं मोदी सरकार अपने लतिफे में अमेरिका के nrg स्टेडियम में अपने 5 साल में किए गए काम भी बखान किया. लेकिन सच तो ये है कि धरातल में प्रधानमंत्री मोदी ने जनता के लिए क्या किया वो भारत के बच्चा बच्चा जानता है. आज भारत में अगर बोरजगारी की बात होती है उस पर प्रधानमंत्री मौन रह जाते है. भारत में जीडीपी सबसे निचले स्तर पर उस पर कुछ नहीं बोलते है. दिन प्रतिदिन मॉब लिंचिंग की घटना बढ़ती जाती है उस पर निशब्द रहते है.लेकिन अपने काम की बखान करने के लिए बड़े बड़े जुम्ले अमेरिका की आवाम को सुनाकर वाह वाही लूटते है.

अमेरिका में भारतीय बहुजनों ने मॉब लिचिंग के खिलाफ भी अपनी आवाज बुलंद की. साथ ही झारखंड में तबरेज अंसारी की गई मॉब लिंचिंग के खिलाफ उनके के लिए भी अमेरिका के सड़को पर इंसाफ की गुहार लगाया. साथ ही अमेरिका में भारतीय बहुजन ने सड़को पर विरोध जताते हुए कश्मीर मुद्दो पर प्रधानमंत्री को करारा जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के हाथ खुन से सने है.

हम शुरू से किताबों में पढ़ते या शिक्षक से सुनते भी आएं हैं कि कश्मीर भारत का ही हिस्सा है.लेकिन जिस तरह से कश्मीर मुद्दे को वोट बैंक की राजनीति में इस मुद्दे को भूनाया जा रहा है..वो कहीं ना कहीं नायजाज़ है.

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