22 विधायकों को स्पीकर का नोटिस जारी, क्या है इस्तीफे की वजह!

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मध्यप्रदेश में 22 विधायकों के इस्तीफा देने से कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल छाये हुए है. पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया और अब उनके समर्थक भी उनकी राह पर चल पड़े है. लेकिन इन सबके बीच विधानसभा एनपी प्रजापति ने इनके इस्तीफे अस्वीकार कर दिए है.

एनपी प्रजापति ने सभी विधायकों को व्यक्तिगत रुप से मौजूद रहने के नोटिस जारी किए है. प्रजापति ने सभी 22 विधायकों को शुक्रवार तक पेश होने के आदेश दिए है. विधानसभा स्पीकर ने छह विधायकों को शुक्रवार, 7 विधायकों को शनिवार और बाकी के 9 विधायकों रविवार को उपस्थित होने को कहा है. सभी की मौजूदगी में उन से पूछा जाएगा कि वह यह इस्तीफा अपनी इच्छा से या किसी के दबाव में आकर दे रहे है.

वहीं विधानसभा में ये मुद्दा उठाया गया है कि सभी को 15 मार्च से पहले अपनी बहुमत साबित करनी है कि किसकी सरकार कितनी मजबूत है. वहीं ये भी कहा गया है कि 22 विधायकों के इस्तीफा देने के बाद अब विधानसभा अध्यक्ष को ही कोई फैसला लेना है. एनपी प्रजापति ने कहा कि शुक्रवार तक सभी विधायकों को सदन में मौजूद रहकर व्यक्तिगत तौर पर इस्तीफा देना है और इसके पीछे का कारण भी बताना है. दरअसल, इस्तीफा देने का कारण बताना विधानसभा के नियमों में शामिल है. अचानक ज्यादा लोगों के इस्तीफा देने से इससे पहले भी सरकार गिर चुकी है जिसका खामियाजा गिरने वाली सरकार को भुगतना पड़ता है.

गौरतलब है कि बीते मंगलवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेसी राजनिती का पूरा खेल पलट डाला. अचानक ही उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और अगले दिन बुधवार को बीजेपी का दामन थाम लिया. जिसके बाद उन्ही की राह पर चलते 22 विधायकों ने भी इस्तीफा दे दिया. वहीं अब इस सियासी हलचल के बीच कांग्रेस सरकार को तगड़ा झटका लगा है जो पूरी तरह से हिल चुकी है. अब देखना यह होगा कि कमलनाथ सरकार अपनी बहुमत विधानसभा में कैसे साबित करती है.

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