भानुभाई को इंसाफ दिलाने का ऐलान करने वाले विधायकों की गिरफ्तारी के बाद भड़का गुजरात

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By: Ankur sethi

अहमदाबाद। सामाजिक कार्यकर्ता भानुभाई की मौत के बाद गुजरात एक बार फिर भडक गया है। गुजरात के थानगढ़ और ऊना में दलित उत्पीडऩ की घटना पहले ही सामने आ चुकी हैं और अब पाटण में दलित सामाजिक कार्यकर्ता के आत्मदाह ने गुजरात सरकार को बड़ी मुश्किल में डाल दिया है। निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी और कांग्रेस विधायक नौशाद सोलंकी की गिरफ्तारी से नाराज दलित युवकों ने कई जगह हाईवे जाम कर दिया तथा आगजनी की। गौरतलब है की मेवाणी ने रविवार को अहमदाबाद और गांधीनगर बंद का ऐलान किया था चूकिं पीएम मोदी की अहमदाबाद यात्रा जल्द ही और इससे पहले दलितों के आंदोलन से सरकार व प्रशासन के हाथ-पांव फूले गए हैं।

 

बता दें की दलितों को समाज की ओर से आवंटित जमीनों के पट्टे और कब्जे दिलाने के लिए आंदोलन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता भानुभाई वणकर की मौत के बाद रविवार को अहमदाबाद व गांधीनगर बंद के ऐलान के बीच दलित व पुलिस के बीच टकराव की घटनाएं हुई। निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी और कांग्रेस विधायक नौशाद सोलंकी की धरपकड़ से नाराज दलित युवकों ने हाईवे जाम कर दिया तथा कई जगह आगजनी की घटना हुई। उधर मृतक भानुभाई वणकर की पत्नी इंदूबेन ने जिग्नेश मेवाणी तथा अन्य दलितों नेताओं और कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की है। चार दिन से उपवास कर रही इंदूबेन की रविवार को हालत बिगड़ गई जिसके बाद चिकित्सकों ने उनकी जांच की।

मृतक सामाजिक कार्यकर्ता के भाई मनोज वणकर ने उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल के समाधान के फार्मूले को ठुकरा दिया है। उनका कहना है कि सरकार को दी गई पांचों मांगें स्वीकारें तथा विधायक जिग्नेश व नौशाद सहित गिरफ्तार किए गए अन्य दलित नेताओं को रिहा किया जाए।

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