डॉ. मनीषा बांगर ने ट्रोल होने के विरोधाभास को जताया. ब्राह्मण सवर्ण वर्ग पर उठाए कई सवाल !

ट्रोल हुए मतलब निशाना सही जगह लगा तब परेशान होने के बजाय खुश होना चाहिए. इसके अलावा ट्रोल का उत्तर देना ना देना , कमेंट देखना ना देखना सारा मामला लिखने वाले के नियंत्रण में है. अगर साईबर कानून के विपरित अब्यूज होता है तो रिपोर्ट भी करने की सहूलियत है. फिर ब्लॉक तो किया ही जा सकता है. कई बार ट्रोल अर्मीज धावा बोलती है , तब आपको भी चुस्त रहकर दोस्तो की मदद मिल जाए तो अच्छा है. जब आप ट्रोल हो तो क्या करना आपके और आपके समाज के हित में है , ये बहुत अहम सवाल है. अक्सर हस्तियां ट्रोल होने पर क्या करती है - चाहे वो मीडिया कर्मी

What God is to other religions, morality is to Buddhism!

DR.Babasaheb Ambedkar embraced Buddhism in 1956. For two decades, he studied all major religions to conclude Buddha and his teachings allowed reform. DR.Babasaheb Ambedkar’s embracing Buddhism is often a topic of curiosity and debate among people, who wonder why he chose Buddhism — or didn’t choose Islam, Christianity or Sikhism — when he renounced Hinduism. There are several myths or misconceptions associated with his choice. DR.Babasaheb Ambedkar has answered this in an essay titled ‘Buddha and Future of His

“भगवान नहीं,अद्भुत इंसान थें बुद्ध!”

BY_आकाश सिंह गौतम बुद्ध कहा करते थें कि 'अच्छे बनो और अच्छे कर्म करो,अगर कोई ईश्वर है तो तुम अच्छा बन उसे प्राप्त करो अगर नहीं है तो अच्छा बनना ही स्वयं में उत्तम है'।लेकिन यह है कि बिडम्बना किसी भी पराक्रमी को बिना हर्रे-फिटकरी अवतार के रूप में प्रस्तुत करना संसार की सबसे सुप्रसिद्ध व प्रिय पद्धति रही है।तो भला गौतम बुद्ध भी इस जाल से कैसे निजात पाने वाले? विभिन्न अलंकारों से गौतम बुद्ध को अलंकृत कर उन्हें ठीक वैसे ही लोगों की आम पहुंच से दूर किया गया जैसे मूर्ति पूजा,पाखण्ड-कर्मकांड के धुर विरोधी डॉ.अंबेडकर को हवन

महात्मा ज्योतिबा फूले जयंती पर विशेष: भारतीय आधुनिकता के पिता

ज्योतिबा फुले के जन्मदिन पर आप एक बात गौर से देख पाएंगे। गैर बहुजनों के बीच में ही नहीं बल्कि बहुजनों अर्थात ओबीसी अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों के लोगों के बीच भी ज्योतिबा फुले को उनके वास्तविक रूप में पेश करने में एक खास किस्म की कमजोरी नजर आती है। ओबीसी अनुसूचित जाति और जनजाति के जितने भी महानायक हुए हैं लगभग उनके सभी के साथ यह समस्या नजर आती है। भारत में ब्राह्मणवाद का जो षड्यंत्र सदियों से चला आ रहा है यह समस्या उस यंत्र से जुड़ती है। भारत के वे विद्वान और महापुरुष जो तथाकथित ऊंची जातियों मे जन्म लेते हैं वे

बहुजनों के बदौलत कामयाब भीलवाड़ा मॉडल,देश में दी जा रही मिशाल!

कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने में अब तक सफल रहे भीलवाड़ा जिले का मॉडल पूरे देश में चर्चा में है। जिसका तारीफ हर जगह पर हो रही है, हर कोई इस भीलवाड़ा माडल को सलाम कर रहा और तो औऱ भीलवाड़ा मॉडल पूरे देश में लागू करने पर विचार किया जा रहा है। सबसे बड़ा वजह कामयाब होने के इस माडल का बहुजन समाज के डाक्टरों के जज्बे को माना जा रहा है क्योकी बहुजन समाज से आने वाले डाक्टर और पुलीस की टीम को लीड करने वाले एसपी दिन रात एक करके मेहनत कर रहे । इस वजह से ये माडल कामयाब हुआ।वही डाक्टर बुनकर औऱ डा मेघवाल तो बीना सुए सबुह 4 4

MP के बाद गुजरात में टूट, 4 कांग्रेसी विधायकों ने दिया इस्तीफा

मध्यप्रदेश के बाद अब गुजरात में भी सियासी संकट के बादल छा गए है. तमाम कवायदों और प्रयासों के बाद भी सरकार पर काले बादल उल्टा लगातार घने होते जा रहे है. गुजरात में भी राज्यसभा चुनाव से पहले 4 कांग्रेस विधायकों ने इस्तीफा दें दिया है. इस मामले की पुष्टि गुजरात विधानसभा के स्पीकर राजेंद्र त्रिवेदी ने की है. उन्होंने बताया कि चार विधायकों ने मुझे अपने इस्तीफे सौंपे है. जिन विधायकों ने इस्तीफा दिए वे जेवी काकड़िया, प्रवीण मारु, प्रद्युमन सिंह जडेजा और सोमाभाई पटेल है. वहीं इससे पहले भी मध्यप्रदेश में कांग्रेस

कोरोना: यूपी में फैक्ट्री पर छापेमारी, नकली सैनिटाइजर-मास्क जब्त

वैसे तो योगी सरकार में रेप, हत्या और लूटपात चरम पर चल रहा है. लेकिन एक औऱ खबर सामने आई है, जो योगी सरकार को कटघरे में खड़ा करती है. एक तरफ पूरी दुनिया कोरोना जैसी महामारी से लड़ रही है. सभी देश अपने लोगो के बचाव के लिए पैसो को पानी की तरह बहा रहे है. लेकिन यूपी की योगी सरकार में इस महामारी पर भी पैसे कमाने के लिए काला बाजारी हो रही है. मौत के इस महामारी में आम जनता के जान से खेला जा रहा है. अवाम को नकली, सैनिटाइजर और वैकसीन उच्च दामों पर बेचा जा रहा है. यहां तक कि खुद यूपी पुलिस ने यह दावा किया है. बता

चंद्रशेखर के पार्टी ऐलान पर बवाल, प्रशासन ने की रोकने की कोशिश

भीम आर्मी चीफ के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने बसपा के संस्थापक कांशीराम के जन्मदिन पर अपनी राजनीतिक पार्टी का ऐलान किया. चंद्रशेखर ने आजाद समाज पार्टी अपनी पार्टी का नाम रखा. पार्टी की घोषणा के दौरान उन्होंने यूपी के विधानसभा चुनाव में जोरो-शोरों से लड़ने की बात भी कही. उन्होंने आगे कहा कि वह अकेले ही अपने दम पर लड़ कर दिखाएंगे. दरअसल, आजाद समाज पार्टी में बसपा, सपा, कांग्रेस और आरएलडी के कई पूर्व विधायकों ने सदस्यता ली. जिसमें आजाद समाज पार्टी की सदस्यता लेने वालों की संख्या कुल 100 विधायकों की रही. सदस्यता ग्रहण

कोरोना का बढ़ता कहर, 112 पीड़ितों की पुष्टि, इंडो-नेपाल बॉर्डर सील

भारत में भी अब कोरोना वायरस अपना पैर पसारने लगे है. कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढ़कर 112 हो गई है. जिसको देखते हुए एहतियान के तौर पर भारत-नेपाल की सीमा पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. इसके साथ ही एक महीने तक विदेशियों के आवाजाही पर पाबंदी लगा दी गई है. वहीं भारत में कोरोना के बढ़ते कहर को देखते हुए सरकार ने ऐलान किया है कि नेपाल के रास्ते से भूटान और नेपाल के नागरिक ही भारत में आ सकेंगे और नेपाल में भी केवल भारत के नागरिक ही प्रवेश कर सकेंगे. जानकारी देते हुए बलरामपुर के जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने बताया

दिवंगत नेता कांशीराम को कई बड़े बहुजन दिग्गजों ने इस तरह से किया नमन!

आज मशहूर दिवंगत नेता कांशीराम का जन्मदिन है. इस अवसर पर उन्हें कई लोगों ने याद किया और उनको श्रद्धापूर्ण भाव से नमन अर्पित किया. भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने कांशीराम को याद करते हुए एक तस्वीर शेयर किया और लिखा कि महान समाज सुधारक और दलित शोषित समाज के अधिकारों के लिए हमेशा लड़ते रहे. मान्यवर कांशीराम जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। वहीं सामाजिक राजनितिक चिंतक और विश्लेषक एवं चिकित्सक मनीषा बांगर ने भी कांशीराम को नमन करते हुए कहा कि कांशीराम जी बहुजनों और पिछड़े वर्गों के लिए जीवन भर लड़ते रहे. अपने जीवन