रक्षा मंत्रालय की संसदीय समिति में साध्वी प्रज्ञा के शामिल होने पर विपक्षियों ने जताया विरोध

मालेगांव बम धमाकों की आरोपी और मध्य प्रदेश के भोपाल से बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर को रक्षा मंत्रालय की संसदीय समिति के लिए नामित किया गया और उन्हें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में बनी इस कमेटी का सदस्य बनाया गया है. 21 सदस्यों की इस कमेटी में मीनाक्षी लेखी, सुप्रिया सुले, शरद पवार, ए राजा और फारुख अब्दुल्ला समेत विभिन्न दलों के सांसद शामिल हैं लेकिन सबसे ज्यादा विवाद भोपाल से बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर की सदस्यता पर हो रहा है. सवाल उठ रहे हैं कि जो शख्स खुद किसी आतंकी घटना में शामिल होने का आरोपी हो वो देश की

जेएनयू आपको थोड़ा और संवेदनशील मनुष्य बनाता है!

दिल्ली के जाने-मानेविश्विद्यालय में फीस वृद्धि को लेकर जेएनयू छात्रों ने विरोध प्रदर्शन कर रहे है. वही जेएनयू छात्र जयंत जिज्ञासु ने खत लिखा मुझे 5000 की फ़ेलोशिप मिलती है. रहने का खर्च लगभग नगण्य है. हॉस्टल में तीन वक़्त के भोजन पर 22-24 सौ रुपये खर्च होते हैं. हज़ार रुपये दोस्तों के साथ चाय-नाश्ते पर पांच सौ के आसपास यातायात पर और हज़ार रुपये कलम-काग़ज़-किताब पर. दोस्त अगर साथ लेकर चल पड़े तो कपड़े साल में एकाध बार ख़रीद लिए तो ठीक ही काम चल जाता है. साइकिल से चलता हूँ इसका अपना ही आनंद है. पिताजी मिड्ल स्कूल के टीचर के रूप में

पूरे देश में एनआरसी लागू होने पर राजनीतिक माहौल गरमाया!

नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) के मुद्दे पर असम सरकार केंद्र की मोदी सरकार से सहमत नज़र नहीं आ रही. असम सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई NRC को स्वीकार नहीं करते हुए इसे रद्द किए जाने की मांग की है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को पूरे देश में लागू करने की बात कही है इस दौरान अमित शाह ने दावा किया कि धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होगा. इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने अमित शाह के जवाब का पलटवार करते हुए लोगों को आश्वासन दिया है कि वह राज्य में इस तरह के नागरिक

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में बहुजन छात्र संघ से अध्यक्ष पद प्रत्याशी अरविंद कुमार का नामांकन जुलूस

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी में बहुजन छात्र संघ से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी पद पर अरविंद कुमार के समर्थन में नामांकन जुलूस निकाला गया. विगत १९ नवम्बर को बहुजन छात्र संघ की वाराणसी इकाई के सचिव प्रदीप राजभर व अध्यक्ष जय प्रकाश गौतम जी ने अरविंद कुमार को प्रत्यासी घोषित किया. जल्द ही महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रों के हित में चुनावी घोषणा पत्र जारी किया जाएगा जिसमें विश्वविद्यालय को अकादमिक और मानक बनाए जाने पर जोर दिया जाएगा. आज का नामांकन जुलूस कचहरी वाराणसी स्थित बाबा साहब डॉ आंबेडकर की प्रतिमा से गाजे

मुस्लिम पक्ष का ऐलान, अयोध्या पर दोबारा हो फैसला ?

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू पीटिशन को लेकर मुस्लिम पक्ष दो धड़ों में बंट गया है. मामले में पक्षकार रहे सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने रविवार 17 नवंबर को हुई बैठक में रिव्यू पीटिशन दाखिल करने से साफ इनकार कर दिया. दूसरी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड एआईएमपीएलबी ने रविवार को फैसला किया कि वह अयोध्या जमीन विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा. और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एआईएमपीएलबी की बैठक में यह फैसला लिया गया. कि एआईएमपीएलबी ने कहा कि

मुफ्त नहीं, निशुल्क शिक्षा चाहिए!

मुफ्त शिक्षा किसी के खैरात की मांग जैसी है. जबकि निशुल्क शिक्षा मतलब बिना शुल्क लगाए शिक्षा पहला भीख जैसी मांग है. दूसरा प्राकृतिक अधिकार की मांग है. हम सभी जानते हैं कि सरकारों के पास जो पैसा आता है. उसके तीन मूल स्रोत हैं पहला जनता पर लगने वाले विभिन्न तरह के कर दूसरा देश के प्राकृतिक संसाधनों के इस्तेमाल या बिक्री से होने वाली आय. तीसरा दूसरे देशों को वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात से होने वाली आय. भारत में एक चौथा आय का स्रोत बची-खुची सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनिया हैं कुछ अन्य आय. इन सभी आयों की मालिक जनता है. जिसे

मद्रास IIT टाॅपर फातिमा लतीफ के पिता ने कहा मेरी बेटी ने खुदखुशी नहीं की है

मद्रास की एक छात्रा फातिमा लतीफ की खुदकुशी का मामला सामने आया है ये मामला लगातार उलझता जा रहा है. किसी को ये यकीन नहीं हो रहा है कि फातिमा ने खुदकुशी कर ली और परिवार वाले इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या मान रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें IIT मद्रास के ही एक प्रोफेसर का हाथ हो सकता है. जो कथित रूप से उसके अलग धर्म के कारण उसके साथ भेदभाव करता था और बढ़ते दबाव के चलते अब कॉलेज प्रशासन ने केंद्रीय अपराध शाखा को जांच की जिम्मेदारी दी है. केरल के कोल्लम की रहने वाली फातिमा ने इस साल जुलाई में आईआईटी मद्रास में एडमिशन लिया

बिरसा मुंडा को भारत रत्न, सब तरफ़ से बहुजनों की एक ही अवाज!

सुगना मुंडा और करमी हातू के बेटे बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवम्बर 1875 को झारखंड में राँची के उलीहातू गाँव में हुआ था. साल्गा गाँव में प्रारम्भिक पढ़ाई के बाद वे चाईबासा इंग्लिश मिडिल स्कूल में पढ़े. एक अक्टूबर 1894 को नौजवान नेता बिरसा मुंडा ने आदिवासियों को एकत्र कर अंग्रेजों के खिलाफ लगान माफी का आन्दोलन किया. 1895 में उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया और हजारीबाग केन्द्रीय कारागार में 2 साल के कारावास की सजा दी गयी. 1898 में तांगा नदी के किनारे बिरसा मुंडा की अगुआई में आदिवासियों ने अंग्रेज सेना को मात दी. गुस्साए अंग्रेजों ने

आखिर 40 साल में पहली बार उपभोक्ताओं के खर्च में गिरावट क्यों आई!

सरकारी सर्वे में ये एक नई बात सामने आई है. कि पिछले 40 सालों में पहली बार साल 2017-18 में उपभोक्ताओं की खर्च सीमा में गिरावट देखन को मिली है और इसका प्रमुख कारण ग्रामीण इलाकों में मांग में आई कमी है. बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार भारत में घरेलू उपभोक्ता व्यय नामक राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय एनएसओ की लीक को सर्वे में कथित तौर पर दिखाया गया है. कि किसी भारतीय द्वारा एक महीने में खर्च की जाने वाली औसत राशि साल 2017-18 में 3.7 फीसदी कम होकर 1446 रुपये रह गई है. जो कि साल 2011-12 में 1501 रुपये थी. लेकिन रिपोर्ट के अनुसार

महानायक बिरसा मुंडा कैसे बने भगवान!

आज बिरसा मुंडा की जयंती है और पूरा आदिवासी समाज जयंती मना रहा है. वही ट्वीटर पर भी धरती आबा-बिरसामुंडा ट्रेंडिंग पर चल रहा है. बिरसा मुंडा औपनिवेशिक शोषण के खिलाफ आदिवासी जनता के निर्णायक संघर्ष के प्रतीक माने जाते हैं. हालंकि कम लोग जानते है कि बिरसा मुंड़ा कौन है. तो आपको बता दें कि जिस वक्त राजनीति की मुख्यधारा का प्रतिनिधित्व करने वाली कांग्रेस अंग्रेजों की छत्रछाया में सीमित आंतरिक स्वशासन या होम रूल की मांग कर रही थी. उससे कई दशक पूर्व बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों से मुक्ति के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का ऐलान किया और पूरी