दिल्ली हिंसा पर हाई कोर्ट ने पुलिस को अलर्ट रहने के दिए निर्देश

हाई कोर्ट ने दिल्ली में रविवार से शुरु हुई हिंसा को दुखद बताते हुए बुधवार को कहा कि हम एक और 1984 जैसा दंगा देश में नही होने दे सकते. हाई कोर्ट ने इस मामले को लेकर शीर्ष अधिकारियों को भी चौकन्ना रहने के निर्देश दिए है. वहीं आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की मौत पर हाई कोर्ट ने दुख व्यक्त कर दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. इससे पहले दिन में अदालत ने हैरानी जाहिर कर कहा था कि दिल्ली पुलिस ने कैसे अभी तक कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर और परवेश साहिब सिंह के भड़काऊ भाषण पर कोई एक्शन नही लिया. जिसके बाद पुलिस का कहना था कि उन्होंने अभी तक

शाहीन बाग पर फैसला सुनाने का माहौल नहीं- सुप्रीम कोर्ट

CAA को लेकर देश में कोहराम मचा हुआ है. जहां एक ओर मोदी सरकार और उनके समर्थक इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए इसका स्वागत कर रहे हैं, वहीं विपक्ष, मुस्लिम संगठन और कई कैंपसों में छात्र इसका विरोध कर रहे हैं. इस कानून के बनने के बाद से ही देश में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है. लगातार जगह-जगह इलाकों में दशहत की आग फैल रही है जो बढ़ती ही जा रही है. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में शाहीन बाग मामले को लेकर दायर याचिका पर आज सुनवाई हुई. जिसमे अदालत ने कहा कि सार्वजनिक सड़क प्रदर्शन के लिए नही होती. अदालत ने आगे कहा कि यह माहौल केस की

दिल्ली में नही थम रही हिंसा, 20 की मौत, दर्जनों घायल

दिल्ली में नागरिकता कानून के विरोध में बढ़ती हिंसा ने दिल दहला दिया है. बीते तीन दिनों से इस हिंसा ने देश को झकझोर कर रख दिया है. इस बीच उत्तरी-पूर्वी दिल्ली में तोड़-फोड़, आगजनी, पत्थरबाज़ी और गोलीबारी की कई घटनाएं सामने आ चुकी है. ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इस हिंसा में अब तक हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल समेत कुल 20 लोगों की मौतें हो चुकी है. 200 से ज्यादा लोग घायल हुए है और अस्पताल में भर्ती है. जीटीबी अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक आज भी चार लाशे अस्पताल पहुंचाई गई है. हिंसा प्रभावित इलाकों में पुलिस को आदेश मिले है कि

जानिये कौन हैं ईश्वरीबाई जिनके नाम का पुरस्कार तेलंगाना सरकार ने सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता और मशहूर डॉ मनीषा बांगर को प्रदान किया है।

आंध्र प्रदेश-तेलंगाना की जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता और राजनेता ईश्वरीबाई कहा करती थीं कि सामाजिक न्याय की अंबेडकरवादी विचारधारा लगातार तभी आगे बढ़ सकती है, जब आने वाली पीढ़ियां भी अपने सामाजिक दायित्वों को निभाएं। जे ईश्वरीबाई के नाम पर दिया जाने वाला पुरस्कार का इस वर्ष मशहूर चिकित्सक और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ मनीषा बांगर को प्रदान किया जाना इस मायने में बहुत अहम है क्योंकि डॉ मनीषा भी अपने चिकित्सकीय पेशे के साथ-साथ सामाजिक योगदान करते हुए ईश्वरीबाई की परंपरा को ही आगे बढ़ा रही हैं। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में

जाफराबाद गोलीकांड पर सीएम अरविंद केजरीवाल की बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर दिल्ली में बवाल मचा हुआ है. उत्तरी पूर्वी दिल्ली में सोमवार को समर्थकों और विरोधियों के बीच भिडंत हुई. दंगाईयों ने जमकर उग्र हिंसा को अंजाम दिया. सोमवार के बाद अब मंगलवार को भी मौजपुर और ब्रह्मपुरी इलाके में जमकर पत्थरबाजी हुई. जानकारी के मुताबिक दिल्ली हिंसा में मौतों की संख्या बढ़कर अब 7 हो चुकी है, जिसमें हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल भी शामिल हैं. इसके साथ ही 100 से ज्यादा आम लोग भी घायल हुए हैं. वहीं दिल्ली हिंसा मामले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधायकों के साथ बैठक करने के बाद प्रेस

आग की लपटों में झुलस रही राजधानी दिल्ली, अब तक 5 की मौत

CAA के विरोध और समर्थन में सोमवार को दो गुटों में जमकर तीखी झड़प हुई. जिसके बाद मामले ने विक्राल रुप धारण कर लिया. देखते ही देखते राजधानी दिल्ली आग की लपटों में झुलस उठी. जिसके बाद सोमवार को उत्तरी-पूर्वी दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून के विरोधी और समर्थक के बीच भिड़ंत हुई और मंगलवार को फिर पत्थरबाजी हुई जिसमें अब तक हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल समेत कुल 5 लोगों की मौत हो चुकी है. दिल्ली पुलिस बल के कई कर्मियों समेत करीब 65 लोग घायल हो गए वहीं गंभीर स्थिती को देखते हुए एहतियात के तौर पर आज मौजपुर, जाफराबाद, बाबरपुर,

देश की स्थिति काबू से बाहर, 5 मेट्रो स्टेशन बंद

दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर प्रदर्शन ने अब हिंसक रुप ले लिया है. जिसकी वजह से देश में बवाल मच चुका है. मौजपुर में दो गुटों के बीच जमकर तीखी झड़प हुई. समर्थक और विरोधी दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर पत्थरबाज़ी की और कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया. इस दौरान दिल्ली पुलिस के एक हेड कॉन्सटेबल की भी मौत हो गई है. वहीं जाफराबाद और मौजपुर में हो रही हिंसा के बीच डीसीपी की गाड़ी में भी आग लगा दी गई. जिसमें डीसीपी अमित शर्मा गंभीर रुप से जख्मी हो गए. मौके पर उन्हे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल बेकाबू

शाहीनबाग : अगली सुनवाई 26 फरवरी तक टली

सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग मामले में सड़के बंद को लेकर अगली सुनवाई दो दिन तक के लिए टाल दी गई है. शाहीन बाग मामले की सुनवाई अब 26 फरवरी को होगी. बीते हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने वार्ताकार नियुक्त किए थे. ताकि आंदोलनकारियों से बातचीत करके समाधान निकाला जा सके. वार्ताकारों की गठित टीम में संजय हेगड़े, साधना रामचंद्रन और वजाहत हबीबुल्लाह है. जानकारी के मुताबिक वार्ताकारों ने अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत को सौंपी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि इस रिपोर्ट का अध्ययन करने के लिए लगभग दो दिन का समय चाहिए. जिसके बाद 26

CAA के खिलाफ जाफराबाद में प्रदर्शन जारी, मेट्रो स्टेशन बंद

CAA और NRC के विरोध में दो महीनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन के चलते माहौल गर्माया हुआ है. जो देश के अलग-अलग राज्यों से सामने आ रहे है. शाहीन बाग के बाद अब इस प्रदर्शन ने जाफराबाद में भी उग्र रुप ले लिया है. यह प्रदर्शन इतना बढ़ गया कि स्थिती को काबू में करने के लिए मौजपुर और बाबरपुर के मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए. इस मेट्रो पर किसी भी ट्रेन की स्टोपेज नही हो रही है. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में आज शाहीन बाग की सड़के खोलने को लेकर सुनवाई होगी. दरअसल, शाहीन बाग में बड़ी तादाद में महिलाएं नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ

तेलंगाना सरकार डॉ. मनीषा बांगर को इसलिए इश्वरी बाई मेमोरियल अवार्ड से नवाज़ रही है

प्रतिष्ठित सामाजिक न्याय क्रूसेडर डॉ. मनीषा बांगर के नाम इस साल (2020) का तेलंगाना सरकार और ईश्वरी बाई मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा दिए जाने वाला इश्वरी बाई मेमोरियल अवार्ड घोषीत किया गया है वहीं उत्पीड़ित बहुमत से मुक्ति के लिए डॉ. मनीषा बागर सामाजिक और राजनीतिक अभियान हम सभी के लिए प्रेरणा की गाथा रहा है। 2019 के लोकसभा चुनावों में, मनीषा बांगर ने हैदराबाद से नागपुर तक की यात्रा की और बीजेपी के जाने माने चेहरे नितिन गडकरी के खिलाफ जमकर चुनाव लड़ा। कौन हैं डॉ। मनीषा बांगर? शायद उसे भारत में किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है। आज