एससी, एसटी,ओबीसी विरोधी पार्टी है कांग्रेस:मायावती

राजस्थान में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के छह विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस को गैर भरोसेमंद और धोखेबाज करार दिया है. मायावती ने मंगलवार सुबह एक के बाद एक तीन ट्वीट किए. उन्होंने पहला ट्वीट किया, ‘राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की सरकार ने एक बार फिर बसपा के विधायकों को तोड़कर गैर-भरोसेमंद एवं धोखेबाज पार्टी होने का प्रमाण दिया है. यह बसपा मूवमेन्ट के साथ विश्वासघात है जो दोबारा तब किया गया है जब बसपा वहां कांग्रेस सरकार को बाहर से बिना शर्त समर्थन दे रही

ईवीआर पेरियार:जिन्हें एशिया का सुकरात कहा जाता है

By-डॉ सिद्धार्थ रामू~ भारतीय समाज और व्यक्ति का मुकम्मल आधुनिकीकरण जिन चिंतकों के विचारों के आधार पर होना है, उनमें ई.वी. रामासामी पेरियार अग्रणी हैं. पेरियार ने उन सभी बिंदुओं को चिह्नित और रेखांकित किया है जिनका खात्मा भारतीय समाज के आधुनिकीकरण की अनिवार्य शर्त है. ई.वी. रामासामी नायकर ‘पेरियार’ भारत की प्रगतिशील श्रमण बहुजन-परंपरा के ऐसे लेखक हैं जिन्होंने उत्तर भारत के द्विजों की आर्य श्रेष्ठता और मर्दवादी दंभ, राष्ट्रवाद, ब्राह्मणवाद, वर्ण-जाति व्यवस्था, ब्राह्मणवादी पितृसत्ता और शोषण-अन्याय के सभी रूपों को चुनौती

दुकानदारों का बुरा हाल एक महीने में पारले जी के सिर्फ तीन पैकेट बिस्किट बिके

क्‍या देश वाकई मंदी के दौर से गुजर रहा है? लोग बिस्किट, तेल, साबुन और शैंपू जैसे जरूरत के सामान भी नहीं खरीद पा रहे हैं? गांवों में हाल और भी बुरा है? अंग्रेजी बिजनेस अखबार ‘द मिंट’ में सायंतन बेरा ने मध्य प्रदेश के विदीशा के ग्रामीण इलाके से एक रिपोर्ट फाइल की है। इसमें नटेरन गांव के एक छोटे दुकानदार का कहना है कि उसने एक महीने में पारले जी बिस्किट (पांच रुपए वाले) केवल तीन पैकेट बेचे हैं। राम बाबू नाम का यह शख्‍स गुजारे के लिए दुकान चलाने के अलावा मजदूरी भी करता है। इनके हवाले से अखबार ने छापा है कि लोगों ने साबुन-शैंपू…

मोदी बहुजन महिला के साथ कचरा छांट कर देश को क्या देना चाहते हैं संदेश?

BY_SADDAM KARIMI प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मथुरा में 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि नदियों, झील और तालाब में रहने वाले प्राणियों का प्लास्टिक को निगलने के बाद जिंदा बचना मुश्किल हो जाता है। सिंगल यूज प्लास्टिक से छुटकारा पाना ही होगा। हमें यह कोशिश करनी है कि इस वर्ष 2 अक्टूबर तक अपने घर, दफ्तर, कार्यक्षेत्र को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करें। सिंगल यूज प्लास्टिक यानी ऐसा प्लास्टिक जिसे एक बार इस्तेमाल करने के बाद फेंक दिया जाता है। वहीं मथुरा में कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी…

अमेरिकी सांसद बोले कश्मीर में मानवीय और मानवाधिकारों के ‘‍संकट’ को लेकर बेहद चिंतित हैं

कश्मीर में मानवाधिकार स्थिति को लेकर अमेरिका के दो सांसदों ने चिंता जाहिर करते हुए विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ से अपील की है. उन्होंने कहा कि वह कश्मीर में संचार माध्यमों को तत्काल बहाल करने और हिरासत में लिए गए सभी लोगों को छोड़ने के लिए भारत सरकार पर दबाव डालें. पोम्पिओ को 11 सितंबर को लिखे गए गए पत्र में प्रमिला जयपाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों को तत्काल जम्मू-कश्मीर में जाने की अनुमति मिलनी चाहिए ताकि वह मानवाधिकार उल्लंघनों की जांच कर पाएं.प्रमिला हाउफ ऑफ रिप्रजेंटेटिव में पहली और एकमात्र…

मुझे ये नहीं मालूम था, मोदी जी निवाला भी छीन लेंगे

By-डा.सिद्धार्थ रामू मेरी जिंदगी का बड़ा हिस्सा मारक गरीबी में गुजरा है। दाल, चावल, रोटी-सब्जी सब एक साथ तभी मिलता था, जब कोई मेहमान आता था या त्योहार होता था या शादी या कोई अन्य समारोह। जिंदगी में बहुत बाद में जाना कि ओढ़ना ऐसा भी होता है कि जिसमें ठंड नहीं लगती है। कुछ एक वर्ष पहले से ऐसे घर में रहने लगा हूं, जिसमें बरसात में चूने का डर नहीं सताता, गोरखपुर जैसे शहर में 10 वर्ष खपरैल के एक कमरे में रहा, जो बरसात में खूब चूता था। बहुत बार खाना बनाने के लिए स्टोप में डालने के लिए एक पाव मिट्टी का तेल लाया हूं, आधा किलो आटा भी…

सेना की आलोचना पर शेहला रशीद पर देशद्रोह का केस :सेना को पवित्र गाय, घोषित करने के निहितार्थ

By-डा.सिद्धार्थ रामू सेना की आलोचना पर शेहला रशीद पर देशद्रोह का केस :सेना को पवित्र गाय, घोषित करने के निहितार्थ चीजों को पवित्र गाय घोषित कर उन्हें संदेह और तर्क से परे मानने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। इसमें पारलौकिक और लौकिक दोनों चीजें शामिल हैं। आजकल सेना को पवित्र गाय साबित करने की पूरे देश में होड़ लगी हुई है। इसके कृत्यों- कुकृत्यों पर कोई, चाहे वे कितने ही जघन्य क्यों न हो, प्रश्न उठाना सबसे बड़ा जुर्म बन चुका है, प्रश्न उठाने का मतलब अपने को देश-द्रोहियों की कतार में शामिल कर लेना और सड़क छाप संघी देश…

प्रो. हेनी बाबू के उत्पीड़न के खिलाफ जन संस्कृति मंच, जनवादी लेखक मंच, दलित लेखक संघ और प्रगतिशील लेखक संघ का संयुक्त बयान।

प्रोफेसर हनी बाबू के पुलिसिया उत्पीड़न के खिलाफ जन संस्कृति मंच, जनवादी लेखक मंच, दलित लेखक संघ और प्रगतिशील लेखक संघ का संयुक्त बयान। दिल्ली, 11 सितम्बर 2019 दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हनी बाबू के घर पर पूना पुलिस द्वारा मारे गए अवैध ”बिना वारंट” छापे, तलाशी और जाब्ते ही कार्रवाई का जन संस्कृति मंच, जनवादी लेखक मंच, दलित लेखक संघ और प्रगतिशील लेखक संघ पुरजोर विरोध करते हैं कड़ी निंदा करते हैं। हनी बाबू अंग्रेज़ी साहित्य के अध्येता, शोधप्रज्ञ और लोकप्रिय प्रोफ़ेसर होने के साथ एक जाने माने समाज चिंतक और सांस्कृतिक…

भीमा कोरेगांव मामला: प्रो.हेनी बाबू को ओबीसी विरोधी मोदी सरकार जबरन प्रताड़ित कर रही है

दिल्ली विश्वविद्यालय में अग्रेजी विभाग के शिक्षक और ओबीसी के हक व समाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने वाले ओबीसी प्रोफेसर हनी बाबू को ओबीसी विरोधी मोदी सरकार जबरन प्रताड़ित कर रही है. बिना किसी वारंट के उनके घर पहुँच कर उनके पूरे परिवार को डराया जा रहा है. हनी बाबू ने हमेशा बहुजनों के लिए आवाज़ उठाया है. यूनाइटेड ओबीसी फोरम के कार्यक्रम में भी वो आते रहे हैं. लेकिन आज उन्हें ये नाजियों की सरकार टारगेट करके उनका उत्पीड़न कर रही है। एक तो एकेडमिया में पहले से ओबीसी प्रोफेसर और एसोशिएट प्रोफेसर की संख्या जीरो है. अब ये भारतीय नाजियों…