बहुजनों के बदौलत कामयाब भीलवाड़ा मॉडल,देश में दी जा रही मिशाल!

कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने में अब तक सफल रहे भीलवाड़ा जिले का मॉडल पूरे देश में चर्चा में है। जिसका तारीफ हर जगह पर हो रही है, हर कोई इस भीलवाड़ा माडल को सलाम कर रहा और तो औऱ भीलवाड़ा मॉडल पूरे देश में लागू करने पर विचार किया जा रहा है। सबसे बड़ा वजह कामयाब होने के इस माडल का बहुजन समाज के डाक्टरों के जज्बे को माना जा रहा है क्योकी बहुजन समाज से आने वाले डाक्टर और पुलीस की टीम को लीड करने वाले एसपी दिन रात एक करके मेहनत कर रहे । इस वजह से ये माडल कामयाब हुआ।वही डाक्टर बुनकर औऱ डा मेघवाल तो बीना सुए सबुह 4 4 बजे

MP के बाद गुजरात में टूट, 4 कांग्रेसी विधायकों ने दिया इस्तीफा

मध्यप्रदेश के बाद अब गुजरात में भी सियासी संकट के बादल छा गए है. तमाम कवायदों और प्रयासों के बाद भी सरकार पर काले बादल उल्टा लगातार घने होते जा रहे है. गुजरात में भी राज्यसभा चुनाव से पहले 4 कांग्रेस विधायकों ने इस्तीफा दें दिया है. इस मामले की पुष्टि गुजरात विधानसभा के स्पीकर राजेंद्र त्रिवेदी ने की है. उन्होंने बताया कि चार विधायकों ने मुझे अपने इस्तीफे सौंपे है. जिन विधायकों ने इस्तीफा दिए वे जेवी काकड़िया, प्रवीण मारु, प्रद्युमन सिंह जडेजा और सोमाभाई पटेल है. वहीं इससे पहले भी मध्यप्रदेश में कांग्रेस से 22

कोरोना: यूपी में फैक्ट्री पर छापेमारी, नकली सैनिटाइजर-मास्क जब्त

वैसे तो योगी सरकार में रेप, हत्या और लूटपात चरम पर चल रहा है. लेकिन एक औऱ खबर सामने आई है, जो योगी सरकार को कटघरे में खड़ा करती है. एक तरफ पूरी दुनिया कोरोना जैसी महामारी से लड़ रही है. सभी देश अपने लोगो के बचाव के लिए पैसो को पानी की तरह बहा रहे है. लेकिन यूपी की योगी सरकार में इस महामारी पर भी पैसे कमाने के लिए काला बाजारी हो रही है. मौत के इस महामारी में आम जनता के जान से खेला जा रहा है. अवाम को नकली, सैनिटाइजर और वैकसीन उच्च दामों पर बेचा जा रहा है. यहां तक कि खुद यूपी पुलिस ने यह दावा किया है. बता दें कोरोना

चंद्रशेखर के पार्टी ऐलान पर बवाल, प्रशासन ने की रोकने की कोशिश

भीम आर्मी चीफ के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने बसपा के संस्थापक कांशीराम के जन्मदिन पर अपनी राजनीतिक पार्टी का ऐलान किया. चंद्रशेखर ने आजाद समाज पार्टी अपनी पार्टी का नाम रखा. पार्टी की घोषणा के दौरान उन्होंने यूपी के विधानसभा चुनाव में जोरो-शोरों से लड़ने की बात भी कही. उन्होंने आगे कहा कि वह अकेले ही अपने दम पर लड़ कर दिखाएंगे. दरअसल, आजाद समाज पार्टी में बसपा, सपा, कांग्रेस और आरएलडी के कई पूर्व विधायकों ने सदस्यता ली. जिसमें आजाद समाज पार्टी की सदस्यता लेने वालों की संख्या कुल 100 विधायकों की रही. सदस्यता ग्रहण करने

कोरोना का बढ़ता कहर, 112 पीड़ितों की पुष्टि, इंडो-नेपाल बॉर्डर सील

भारत में भी अब कोरोना वायरस अपना पैर पसारने लगे है. कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढ़कर 112 हो गई है. जिसको देखते हुए एहतियान के तौर पर भारत-नेपाल की सीमा पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. इसके साथ ही एक महीने तक विदेशियों के आवाजाही पर पाबंदी लगा दी गई है. वहीं भारत में कोरोना के बढ़ते कहर को देखते हुए सरकार ने ऐलान किया है कि नेपाल के रास्ते से भूटान और नेपाल के नागरिक ही भारत में आ सकेंगे और नेपाल में भी केवल भारत के नागरिक ही प्रवेश कर सकेंगे. जानकारी देते हुए बलरामपुर के जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने बताया कि

दिवंगत नेता कांशीराम को कई बड़े बहुजन दिग्गजों ने इस तरह से किया नमन!

आज मशहूर दिवंगत नेता कांशीराम का जन्मदिन है. इस अवसर पर उन्हें कई लोगों ने याद किया और उनको श्रद्धापूर्ण भाव से नमन अर्पित किया. भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने कांशीराम को याद करते हुए एक तस्वीर शेयर किया और लिखा कि महान समाज सुधारक और दलित शोषित समाज के अधिकारों के लिए हमेशा लड़ते रहे. मान्यवर कांशीराम जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। वहीं सामाजिक राजनितिक चिंतक और विश्लेषक एवं चिकित्सक मनीषा बांगर ने भी कांशीराम को नमन करते हुए कहा कि कांशीराम जी बहुजनों और पिछड़े वर्गों के लिए जीवन भर लड़ते रहे. अपने जीवन में

कांशीराम के जीवन का संघर्ष कैसा रहा ?

By- Mahendra Yadav 1987-88 के आसपास की बात है। न चुनाव हो रहे थे, न मध्यप्रदेश में उस समय अक्सर होने वाले आरक्षण विरोधी आंदोलन जैसी कोई घटना हो रही थी। छतरपुर जिले में कांशीराम की मेला ग्राउंड में एक सामान्य सभा होने जा रही थी। अचानक महाराजा कॉलेज के सवर्ण छात्रों की बड़ी भीड़ जमा होने लगी। नारे लगाने लगी कि कांशीराम की सभा नहीं होने देनी है। कुछ दूरद्रष्टा आंदोलनकारी अंदेशा जताने लगे थे कि एक दिन यही आदमी देश पर शासन करेगा, इसलिए इसे अभी दबाना ज़रूरी है। सभा के आयोजक गिने-चुने संसाधनविहीन थे। सभा के लिए कई गांवों में

आप कांशीराम जी को कितना जानते हैं ?

BY- प्रेमकुमार मणि 15 मार्च मशहूर दिवंगत नेता कांशीराम का जन्मदिन है . 1934 में पंजाब प्रान्त के रोपड़ या रूपनगर जिलान्तर्गत खासपुर गांव में आज ही के दिन उनका जन्म हुआ था . अनेक कारणों से कांशीराम जी केलिए मेरे मन में अथाह सम्मान है . उनसे एक छोटी -ही सही मुलाकात भी है ,लेकिन यह महत्वपूर्ण नहीं है . महत्वपूर्ण है उनकी वह राजनीति ,जिसने कई बार असंभव को संभव कर दिया . भारत के सबसे बड़े प्रान्त उत्तरप्रदेश ,जो गाय,गंगा,गीता के द्विजवादी विचार -चक्र में हमेशा बंधा -सिमटा रहा में अम्बेडकरवाद की धजा उन्होंने ऐसी फहराई कि

Bahujan activists grieve over the sad demise of Adivasi leader Abhay Flavian Xaxa

Today we lost an incredible person. Abhay Flavian Xaxa, a brother, Adivasi rights activist and organic intellectual whose writings and activism paved a new lens to look at the question of Adivasi rights,land, territory, autonomy, cultural identity and resources. His poem " I am not your data, I am not your entertainment in Indian Habitat centre confronted the "mainstream" fetish of looking at Adivasis as field work, as exotic bodies, as mere datas, as tableaus in republic day parades, or as entertainers. His poem "

MP में सियासी हलचल, नोटिस के बाद भी पेश नही हुए 6 विधायक

मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार पर सियासी संकट के बीच काले बादल छटने का नाम ही नही ले रहे है. तमाम कवायदों और प्रयासों के बाद भी सरकार पर कारे बादल उल्टा लगातार घने होते जा रहे है. कांग्रेस से 22 विधायकों के इस्तीफा देने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने 6 विधायकों को व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होकर इस्तीफा देने को कहा था. इसके साथ ही अपने इस्तीफे की वजह भी बताने की बात कही थी कि इस्तीफा किसी के दबाव में आकर दिया है या स्वेच्छा से दिया गया है. वहीं विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस से इस्तीफा