बाबा साहेब को पढ़कर मिली प्रेरणा, और बन गईं पूजा आह्लयाण मिसेज हरियाणा

हांसी, हिसार: कोई पहाड़ कोई पर्वत अब आड़े आ सकता नहीं, घरेलू हिंसा हो या शोषण, अब रास्ता रोक सकता नहीं...यह कहना है बहुजन समाज से आने वाली पूजा आह्लयाण का जिन्होंने पुरुषवादी सोच से लड़ते हुए एक महीने के अंदर सौंदर्य के क्षेत्र में दूसरी बड़ी सफलता अर्जित की है। हरियाणा के हांसी शहर के उत्तम नगर की रहने वाली पूजा आह्लयाण ने मिसेज हरियाणा प्लेटिनम का ताज अपने नाम किया है। गुरुग्राम में आयोजित हुई इस प्रतियोगिता में 250 सुंदरियों को ज्ञान व सुंदरता में पछाड़ते हुए पूजा ने मिसेज हरियाणा का क्राउन जीता। पूजा ने बताया कि इस…

जस्टिस फॉर डॉ पायल: रोहित वेमुला के बाद एक और संस्थानिक हत्या!

By: Susheel Kumar पायल!! आपको ऐसा नहीं करना चाहिए था, हां मैं समझ सकता हूं कि जब किसी इंसान के सामने हालात बद से बद्तर कर दिए जाएं तो फिर जीना मुश्किल हो जाता है पर आप तो ऐसे समाज से आती हैं जिसका इतिहास ही बेहद कठिन और संघर्ष भरा रहा है, तो फिर इस जातिवादी समाज में आपको भी लड़ना चाहिए था, इतनी जल्दी हार नहीं माननी चाहिए थी, आपकी लड़ाई ज्यादा बड़ी थी क्योंकि आप एक तरफ जातिवादी मानसिकता से लड़ रहीं थी तो वहीं दूसरी ओर पुरषवादी सोच को चुनौती दे रहीं थी!! जातिवाद की गंदगी भरे दिमाग में सड़ी हुई सोच की वजह से किसी को जब मौत गले…

भारत मे गरीबों के हित में सामाजिक और राजनीतिक बदलाव क्यों नहीं होते??

- संजय श्रमण ~ क्या ये सवाल आपको पीड़ित करता है? अगर करता है तो आपको समाज और राजनीति में इसके कारण नहीं खोजने चाहिए। जिस मुद्दे को आप समझना चाहते हैं उसे उसी के विश्लेषण से नहीं समझा जा सकता बल्कि उस मुद्दे को जन्म देने वाली परिस्थितियों और कारकों के विश्लेषण से समझा जा सकता है। अगर आप गरीबी को समझना चाहते हैं तो आपकी उन कारकों को समझना होगा जो गरीबी को पैदा करके बनाये रखते हैं। इसी तरह अगर आप भारत मे असमानता, जातीय हिंसा, शोषण और जहालत को समझना चाहते हैं तो इसे इस देश की संस्कृति और धर्म के विश्लेषण से समझिए। इस संस्कृति और…

जीतने वाले भी डरे हुये हैं !

~ krishan kalpit  ~ इस प्रचंड बहुमत के बुलडोजर ने सभी को कुचल दिया है । बुलडोजर जब चलता है तो अपना पराया नहीं देखता । इस बुलडोजर ने इस अपूर्व बहुमत की आधारशिला रखने वालों को भी कुचल दिया है । इस बहुमत की राजधानी अब नागपुर नहीं मुम्बई हो गई है । नागपुर वालों के पास थोड़े दिन बाद Z Plus सुरक्षा में बैठकर संतरे चूसने के अलावा कोई काम नहीं रहने वाला । खेल उनके हाथ से निकल चुका है । अल्पसंख्यक ही नहीं बहुसंख्यक भी इस बहुमत से डर गये हैं । गुजराती भी गुजराती से डरा हुआ है । ताक़तवर मंत्री-संतरी भी डरे हुये हैं । पता नहीं कब कौन…

आरएसएस की जीत नहीं है यह, इत्मीनान के साथ पूर्वाग्रह से मुक्त होकर पढिए क्यों?

~ नवल किशोर कुमार  ~ यह किसकी जीत है? आप में कई कहेंगे कि यह आरएसएस की जीत है। कई यह भी कहेंगे कि यह नरेंद्र मोदी की जीत है। लेकिन यह जीत न तो आरएसएस की है और न ही नरेंद्र मोदी की। क्रिस्टोफर जैफरलोट ने इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित अपने आज के लेख में इस सवाल का जवाब तो नहीं दिया है लेकिन उन्होंने उन कारणों की व्याख्या अवश्य की है जिसके कारण भाजपा गठबंधन को पूरे देश में अपेक्षा से अधिक सफलता मिली। उनके कारणों में हिंदू राष्ट्रवाद, हिंदुत्व और राष्ट्रीय सुरक्षा शामिल हैं। लेकिन मुझे लगता है कि क्रिस्टोफर जैफरलोट न तो भारत को…

रामविलास के चिराग पर संकट गहराया

~ नवल किशोर कुमार    ~ लोकसभा चुनाव 2019 में भले ही केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने भाग नहीं लिया हो लेकिन उन्होंने अपनी विरासत अपने बेटे चिराग पासवान और दोनों भाइयों पशुपति पारस और रामचंद्र पासवान को सौंप दी है। परंतु, इस बार उनके बेटे चिराग पासवान जो कि बिहार के जमुई क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं, उनके उपर संकट के बादल नजर आ रहे हैं। दरअसल, उनके सामने संकट यह नहीं है कि उनकी हार होगी या जीत, बल्कि संकट उनकी जन्मतिथि को लेकर है जो उन्होंने शपथ पत्र के माध्यम से चुनाव आयोग को बताया है। उनकी उम्मीदवारी पर सवाल उपेंद्र…

लोकसभा चुनाव : 2004 की तस्वीर दिखा रहे एक्जिट पोल

- नवल किशोर कुमार लोकसभा चुनाव 2019 के तहत सभी सात चरणों के मतदान समाप्त हो चुके हैं और इसके साथ ही कयासबाजियों का दौर शुरू हो चुका है कि कौन पार्टी कितनी सीटें जीतेगी और 23 मई को ताज किसके माथे पर होगा। अभी तक दस सर्वेक्षणों के परिणाम सामने आए हैं और इनमें से 9 एजेंसियों ने नरेंद्र मोदी को विजेता बताया है और मात्र एक ने इसकी अंदेशा जाहिर की है कि इस बार त्रिशकु सरकार बन सकती है। एक्जिट पोल के परिणामों को आधार मानकर किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता है। मसलन, 2004 में जब अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में एनडीए ने…

मोदी के पक्ष में उतरा कारपोरेट और संघ, जीत का श्रेय लेने की कोशिश

~ नवल किशोर कुमार द इकोनॉमिस्ट ने एक रिपोर्ट प्रकाशित किया है। इसके मुताबिक नरेंद्र मोदी जीत सुनिश्चित है। रिपोर्ट का शीर्षक है - "नेशनलिस्ट फर्वर इज लाइकली टू सेक्योर अ सेकेंड टर्म फॉर मोदी"। यानी राष्ट्रवाद के सहारे नरेंद्र मोदी को दुबारा मौका मिलना लगभग तय। कुछ ऐसे ही संकेत हाल ही में संयुक्त राष्ट्रसंघ द्वारा अजहर मसूद को आतंकी माने जाने और उसके खिलाफ वैश्विक स्तर पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी मिलते हैं। इन सबके अलावा आरएसएस भी अब खुलकर नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगाने लगा है जो कि चौथे चरण के पहले एकदम खामोश था।…

बुद्ध पूर्णिमा पर बुद्ध के दुश्मनों को पहचानिए

~ संजय श्रमण         बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर बुद्ध के सबसे पुराने और सबसे शातिर दुश्मनों को आप आसानी से पहचान सकते हैं। यह दिन बहुत ख़ास है इस दिन आँखें खोलकर चारों तरफ देखिये। बुद्ध की मूल शिक्षाओं को नष्ट करके उसमे आत्मा परमात्मा और पुनर्जन्म की बकवास भरने वाले बाबाओं को आप काम करता हुआ आसानी से देख सकेंगे। भारत में तो ऐसे त्यागियों, योगियों, रजिस्टर्ड भगवानों और स्वयं को बुद्ध का अवतार कहने वालों की कमी नहीं है। जैसे इन्होंने बुद्ध को उनके जीते जी बर्बाद करना चाहा था वैसे ही ढंग से आज तक ये पाखंडी बाबा लोग बुद्ध के पीछे…

बंगाल : यह हश्र तो होना ही था….

~ नवल किशोर कुमार    बीते 14 मई 2019 को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की चुनावी रैली में हिंसा हुई। भाजपा समर्थकों और तृणमूल कांग्रेस के समर्थक आपस में जमकर लड़े। जाहिर तौर पर इस घटना के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर होना ही था। ममता बनर्जी और अमित शाह दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हिंसा के पीछे ममता बनर्जी का हाथ बताया है। भाजपा के समर्थकों ने बंगाल के महान समाज सुधारक ईश्वरचंद विद्यासागर की एक प्रतिमा को भी तोड़ दिया है। कोलकाता में अमित शाह की…