मोदी सरकार का व्यापारिक रक्त चरित्र

By-Gaurav डॉ मनीषा बांगर~ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार कहा था कि उनके खून में व्यापार है। यानी वे बनिया हैं। उन्होंने कल अपने इस रक्त चरित्र का सबूत भी दे दिया। कल वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि भारत सरकार पाकिस्तान से आयात पर 200 फीसदी कर लगाएगी। साथ ही वे यह भी कह रहे हैं कि भारत सरकार पाकिस्तान को व्यापार की काली सूची में डाल देगी। बताया जा रहा है कि यह सब बदला लेने के लिए किया जा रहा है। 14 फरवरी 2019 को एक आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 42 जवान मारे गए थे। भारत सरकार इस घटना के पीछे पाकिस्तानी हुकूमत को जिम्मेदार बता…

पुलवामा- कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लागू तो फिर इंटेलीलेंस ब्यूरो इस कदर बेखबर कैसे??

By-डॉ मनीषा बांगर~ जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के कितने जवान मारे गए हैं, इस संबंध में अखबार आदि बता रहे हैं कि मरने वाले सैनिकों की संख्या 40 है। कुछ अखबार वाले इससे अधिक की संख्या भी बता रहे हैं। सच क्या है वह तो भारतीय सेना ही बता सकती है और यह भी कि कितने घायल हुए हैं। कितने मौत के कगार पर हैं, यह भी अभी तक साफ-साफ नहीं बताया गया है। जाहिर तौर पर घटना कैसे घटित हुई, इसकी भी जानकारी मुकम्मिल तौर पर देश को नहीं दी गयी है। थोड़ी बहुत जो जानकारी दी गयी है, उसके हिसाब से एक आदमी जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वह…

प्रेम और बहुजन विचारधारा

By-डॉ मनीषा बांगर प्रेम एक अनमोल अहसास है। प्रेम चाहे वह किसी भी रूप में क्यों न हो। चाहे वह माता-पिता का अपने बच्चों से प्यार हो या फिर पति-पत्नी के बीच का प्यार। प्यार न हो तो जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है और न ही समाज की। प्रेम की व्याख्या और ऐहसासात भी समय के साथ बदले है. आधुनिकता जागरूकता शैक्षणिक विकास के आते प्रेम की अनुभूति सिर्फ एक तरफा या पुरुष केंद्रित न होकर दोनों व्यक्तियों ने एक दुसरे का सम्मान करना सहयोग करना , एक दुसरे से ईर्ष्या जलन न करके एक दुसरे को अपने अपने व्यक्तिमत्व को फूलने फलने की स्वतंत्रता…

…तो इस लिए दी जा रही मायावती के स्मार्क बनाने वाले मामले को प्राथमिकता?

Published By- Aqil Raza By- Aqil Raza   ~ तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती द्वारा बनावाए गए पार्कों और स्मार्कों के मामले में, 2009 में डाली गई याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मायावती को पैसा वापस सरकारी कौटे में लौटाने का प्राथमिक विचार किया है। पर सवाल इस बात का है कि लोकसभा के आम चुनावों के करीब आते ही इस मुद्दे पर सुनवाई क्यों हुई है? जब बसपा के वकील ने मामले की अगली सुनाई को चुनावों के बाद डालने की अपील की तो तुरंत CJI रंजन गोगोई ने उसे खारिज कर मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल को तय कर दी । लेकिन आखिर ऐसी…

ای وی ايم کی کہانی شجاع سيّد کی زبانی۔ دوسری قسط۔

Published by- Aqil Raza    ~   گوری لنکیش کا قتل سرخیوں میں خوب رہا لیکن اسکی وجہ بتائی گئی کہ گوری لنکیش شدت پسند مذہبی اداروں کے خلاف کام کر رہی تھیں۔ کوئی ایسی تحریک چلا رہی تھی جو مذہبی شدت کے خلاف کام کر رہی تھی۔ لیکن شجاع کی باتوں کی پر یقین کریں تو معاملہ کچھ اور ہی ہے اور سنگین ہے- بقول شجاع گوری لنکیش کے قتل سے سات روز قبل ہی گوری لنکیش نے ای وی ایم مشین کے خلاف یا اس کے بارے میں جاننے کے لئے آر ٹی آی(RTI) داخل کی تھی۔ وہ شجاع کی ساری کہانی جانتی تھی اور وہ یہ سب باتیں اور سازشیں سب کے سامنے لانا چاہتی تھیں۔ اور یہی…

वह पत्र जिसने रफ़ाल मामले में मोदी सरकार का पर्दाफ़ाश कर दिया

Published By- Aqil Raza   ~ 24 नवंबर, 2015 को उप सचिव (एयरफोर्स) के दस्तख़त से जारी रक्षा मंत्रालय के इस दस्तावेज का अविकल अनुवाद प्रस्तुत है. इसके जरिए आप उस निष्कर्ष तक पहुंच सकते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किस हद तक अपने मित्र अनिल अंबानी को लाभ पहुंचाने के लिए विकल थे कि रक्षा मंत्रालय की प्रतिष्ठा और हैसियत को दांव पर लगाकर खुद ही लेनदेन का एक वैकल्पिक चैनल खोल रखा था. -अतुल चौरसिया मंत्रालय के उस दस्तावेज़ का हिंदी अनुवाद जिसे ने The Hindu छापा है- "अत: यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा इस तरह की समांतर…

क्या एक सिक्के के दो पहलू हैं बीजेपी और कांग्रेस?

Published by- Aqil Raza By- Aqil Raza    ~ क्या राजनीति का नाम सत्ता और विपक्ष तक ही सीमीत है, क्या सत्ता में बैठी सरकार की अलोचना महज़ इस बजह से की जाती है जिससे विपक्ष में बैठी पार्टी फिर से सत्ता पर काविज हो सके। क्या सरकार पर सवाल खड़े करने का मकसद समाज में बहतर सुधार करने से प्रेरित होना नहीं चाहिए। यह सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं इसको समझने की ज़रूरत है। देशभर में गौहत्या और मॉवलिंचिग की पिछले बीते सालों से लेकर अब तक कई घटनांए एक के बाद एक हमार सामने आई हैं। जिनमें SC/ST और मुस्लिम समुदाय के लोग ज्यादातर शिकार हुए हैं…

“मोदी के गुजरात में 13 प्वाइंट रोस्टर का भारी विरोध”

पूरे देश में जहां छात्र और शिक्षक सुप्रीम कोर्ट द्वारा उच्च शिक्षा में निर्देशित 13 प्वाइंट रोस्टर का विरोध कर रहे हैं वहीं ऐसे में नरेंद्र मोदी के गृहराज्य गुजरात के छात्र और शिक्षक भी पीछे नहीं हैं। गुजरात की एकमात्र सेंट्रल यूनिवर्सिटी 'गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय' के छात्र इस नये रोस्टर सिस्टम के खिलाफ पिछले एक हफ्ते से लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि ये सरकार सुप्रीम कोर्ट के रास्ते उच्च शिक्षा में दलित-पिछड़ी जातियों के शिक्षकों की भर्ती खत्म कर देना चाहती है। इसीलिए वह जानबूझकर 200 प्वाइंट…

बहन मायावती सुप्रीम कोर्ट की गीदड़ भभकी से न डरें

Published by- Aqil Raza By- Dr. Manisha Bangar     ~ कल 8 फरवरी 2019 को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती पर टिप्पणी की। चूंकि यह उनका फैसला नहीं है, इसलिए कायदे से उनकी टिप्पणी की आलोचना की जा सकती है। उन्होंने कहा है कि मायावती को वह रकम लौटा देनी चाहिए जो उन्होंने अपनी मूर्तियों और हाथी की मूर्तियों के निर्माण में खर्च किया था। कोर्ट में अभियोजन पक्ष द्वारा बतायी गयी जानकारी के अनुसार यह रकम करीब 2000 करोड़ रुपए है। जस्टिस गोगोई ने यह टिप्पणी नौ साल पहले दायर एक जनहित…

मायावती, ममता बनाम मोदी और ब्राह्मणी मीडिया की साजिशें

Published by- Aqil Raza By- Dr. Manisha Bangar   ममता बनर्जी की सरकार द्वारा सारधा चिटफंड घोटाला मामले में सीबीआई की जांच के संबंध में हुआ विवाद हालांकि सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ठंडा पड़ गया है, लेकिन इसने भारत के सियासी गलियारे में नयी चर्चा छेड़ दी है। यह चर्चा है ममता का बतौर पीएम उम्मीदवार प्रोजेक्शन। इससे पहले सियासी गलियारे में मायावती को उम्मीदवान बताया जा रहा था। दरअसल, मीडिया में हुई अबतक की रिपोर्टिंग को गौर से देखें तो ऐसा कुछ भी नहीं छपा है जिससे यह साबित हो सके कि ममता या मायावती को बतौर पीएम उम्मीदवार…