मोदी का भ्रमजाल और बहुजनों का सवाल

~ नवल किशोर कुमार  विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में चुनाव अब समाप्ति की ओर अग्रसर है। सात चरणों में केवल अंतिम चरण का मतदान शेष है। आगामी 19 मई को यह पूरा हो जाएगा। इसके बाद 23 मई को मतों की गिनती होगी और फिर यह तय हो सकेगा कि अगले पांच साल तक इस देश पर किसका राज होगा। लेकिन, इस चुनाव की सबसे खास बात यह रही कि बहुजनों के मुद्दे नरेंद्र मोदी के राष्ट्रवाद के ढोल और बालाकोट में कथित तौर पर किए गए धमाकों की शोर में गायब हो गए। सबसे दुखद यह कि बहुजनों के सवालों को खुद बहुजनों के नेताओं ने कोई तवज्जो नहीं दी। पूरे…

महिलाओं के साथ बलात्कार संबंधी तथ्य भारतीय पुरूषों की विकृत मानसिकता का प्रमाण प्रस्तुत कर रहे हैं

~Siddharth Ramu अलवर में दलित महिला के साथ बलात्कार की रूह कंपा देने वाली घटना से अभी ऊबरा ही नहीं था, कि कश्मीर में तीन वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार की खबर आ गई। बलात्कार संबंधी तथ्य यह प्रमाणित करने के लिए काफी हैं कि भारतीय समाज जितना क्रूर-निर्मम दलितों के संदर्भ में है, उतना ही क्रूर-निर्मम महिलाओं के संदर्भ में है। दलित समाज की तो एक सामूहिक आवाज भी है, लेकिन दुखद यह है कि महिलाओं की कोई सशक्त सामूहिक आवाज सुनाई नहीं देती। https://www.youtube.com/watch?v=qd-2DKSk-iU&t=231s बलात्कार संबंधी बुनियादी तथ्य- बलात्कार पर…

Supreme Court orders UP government to pay dues to Dr Khan

In what is being seen as a source of relief for Gorakhpur's Dr Kafeel Khan and his family, a double bench of the Hon’ble Supreme Court of India comprising Justice Sanjay Kishan Kaul and Justice Indira Banerjee has ordered timely conclusion of the enquiry regarding his suspension. Dr. Kafeel Khan- the suspended Assistant Professor, Department of Paediatrics, at BRD Medical College, Gorakhpur- and further directed the Yogi Govt. to pay all the subsistence allowance to Dr. Kafeel Khan pending since his suspension. The Allahabad…

कौन है आतिश तासीर? जिसने दुनिया को 2019 के मोदी से पहचान कराई

~ उर्मिलेश हिन्दी के न्यूज चैनल कृपया हिन्दी भाषी समाज को ग़लत सूचना यानी फेक न्यूज मत परोसिए! टाइम मैगजीन की कवर स्टोरी: 'India's divider in chief' के लेखक आतिश तासीर पाकिस्तानी नहीं हैं। कुछ चैनल इस तरह की झूठी सूचना प्रसारित कर रहे हैं! आतिश भारत की वरिष्ठ पत्रकार तवलीन सिंह के सुपुत्र हैं। तवलीन को मीडिया और सियासी हलके में बीते पांच-छह सालों से मोदी जी और उनकी ज्यादातर नीतियों का समर्थक माना जाता है। तासीर के पिता सलमान तासीर एक पाकिस्तानी सियासतदां थे। बाद के दिनों में तवलीन और सलमान तासीर अलग-अलग हो गए! सलमान तासीर…

टाइम मैगजीन ने अपने कवर पेज पर ‘India’s Divider In Chief’ शीर्षक से PM मोदी को नवाज़ा

मैगजीन का मानना है कि 2014 में लोगों को आर्थिक सुधार के बड़े-बड़े सपने दिखाने वाले मोदी अब इस बारे में बात भी नहीं करना चाहते. अब उनका सारा जोर हर नाकामी के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराकर लोगों के बीच राष्ट्रवाद की भावना का संचार करना है. भारत-पाक के बीच चल रहे तनाव का फायदा उठाने से भी वह नहीं चूक रहे हैं. मैगजीन का दावा - 2014 में थे मसीहा, अब सिर्फ राजनेता... मैगजीन का कहना है कि बेशक मोदी फिर से चुनाव जीतकर सरकार बना सकते हैं, लेकिन अब उनमें 2014 वाला करिश्मा नहीं है. तब वे मसीहा थे. लोगों की उम्मीदों के केंद्र में थे.…

अलवर सामूहिक बलात्कार, जाति और हिंदू संस्कृति

~ Siddharth Ramu, lekhak, senior Journalist 18 वर्षीय दलित महिला के साथ सामूहिक बलात्कार की रूह कंपा देने वाली घटना किसी भी इंसान को स्तब्ध कर देने वाली। 5-6 बलात्कारियों 3 घंटे तक बारी-बारी से महिला के साथ बलात्कार किया। इस दौरान वे महिला और उसके पति को पीटते रहे। बलात्कारियों का साहस देखिए वे बलात्कार का वीडियो भी बनाते रहे। इतना नहीं उन्होंने बलात्कार के बाद इन वीडियों को नष्ट करने के लिए 9 हजार रूपए की भी मांग की। यह सब तब हुआ जब पति-पत्नी शादी की खरीदारी के लिए अलवर जा रहे थे। इस पूरी घटना को पुलिस, राजनेता और…

मोदी को खुला पत्र क्यों लिखा वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश उर्मिल ने?

आदरणीय प्रधानमंत्री जी पहली बार आपको चिट्ठी लिखने के लिए मजबूर हो रहा हूं! आशा है, अन्यथा नहीं लेंगे और उचित लगे तो इस पर विचार करेंगे! सबसे पहले तो हम आपको बहुत विनम्रतापूर्वक सिर्फ यह याद दिलाना चाहते हैं कि आप इस देश के प्रधानमंत्री हैं! यकीन कीजिए, भारत नामक इस बड़े देश के प्रधानमंत्री आप ही हैं! हम आपकी तरह 'इंटायर पोलिटिकल साइंस' नहीं पढ़े हैं! संघ-दीक्षित भी नहीं हैं!  'हिन्दुत्व' के संस्कार, संस्कृति और धर्म-कर्म के  ध्वजवाहक भी नहीं हैं! हम तो किसान-संस्कृति में पले-बढ़े! आज एक अदना सा पत्रकार हूं! किसी न्यूज चैनल…

राबड़ी देवी जी को “ट्विटर” कहना नही आएगा,ऐसा “आज तक” के निशांत “चतुर्वेदी” जी बोलते हैं…

By-चन्द्रभूषण सिंह यादव जाति का दम्भ कितनी दूर तक हिलोरे मारता है इसकी एक बानगी भर है श्रीमान निशांत "चतुर्वेदी" जी का ट्वीट जिसमे वे आदरणीय राबड़ी देवी जी(पूर्व मुख्यमंत्री-बिहार) के बारे में लिखते हैं कि "अच्छा जी राबड़ी देवी जी भी ट्वीट करती हैं😊कोई इनसे बोले कि ये बस तीन बार ट्विटर बोल कर बता दें😊।" ये निशांत चतुर्वेदी जी "चतुर्वेदी" हैं।चतुर्वेदी मतलब चतुर हैं चारो वेदों के जानने वाले हैं।भई चतुर्वेदी जी!होंगे आप चारो वेदों के ज्ञाता या नही होंगे ज्ञाता,इससे हमें क्या लेकिन राबड़ी देवी जी के पासंग में भी आप नही होंगे,यह…

जिग्नेश मेवनी तेज बहादुर के लिए वाराणसी क्यों नहीं गए?

जिग्नेश मेवानी गुजरात में कांग्रेस समर्थित एमएलए हैं। लेकिन उन्होंने गुजरात में चुनाव प्रचार नहीं किया। सिर्फ वोटिंग वाले दिन एक दिन के लिए गुजरात में रहे। जबकि गुजरात में सांप्रदायिकता की चुनौती बड़ी है। मोदी का गढ़ है। मेवानी ने सारा समय बेगूसराय में बिताया। बेगूसराय में बीजेपी सातों एमएलए सीटों पर हारी हुई है। यहाँ दंगे भी नहीं होते। पिछले तीस साल में तो नहीं ही हुए। मेवानी ने गुजरात के दलितों से नहीं कहा कि बीजेपी को हराओ। उन्होंने बेगूसराय के दलितों से कहा कि तनवीर हसन को हराओ। ये कौन की पॉलिटिक्स है पार्टनर? बिहार में…

डाॅ.आंबेडकर इसलिए याद आते हैं अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर !

Courtsey ~ Dr Chandrapal 1 मई...मज़दूर दिवस और बाबासाहब डॉ अम्बेडकर बाबा साहेब अम्बेडकर के... श्रमिक वर्ग के उत्थान से जुड़े अनेक पहलूओं को भारतीय इतिहासकारों और मजदूर वर्ग के समर्थकों ने नज़रंदाज़ किया है । जबकि... डॉ अम्बेडकर के कई प्रयास मजदूर आंदोलन और श्रमिक वर्ग के उत्थान हेतु प्रेरणा एवं मिसाल हैं । आईये... आज मज़दूर दिवस के अवसर पर बाबा साहेब के ऐसे ही कुछ प्रयासों पर नज़र डालते हैं 1. बाबा साहेब* वाइसरॉय के कार्यकारी परिषद के श्रम सदस्य थे । उन्‍हीं की वजह से फैक्ट्रियों में मजदूरों के 12 से 14 घंटे काम करने के नियम को…