Published by- Aqil Raza By- Naeem Sarmad   ~ ۲۰۱۴ کے لوک سبھا انتخابات اور خاص کر اسکے نتيجے سامنے آنے کے بعد ای وی ايم خاصی سرخيوں ميں بنی ہوئی ہے۔ وجہ  بی جے پی کے حق ميں آنے والے حیرت انگیز نتائج اور سياسی معلومات رکھنے والوں کی اٹکليں۔۔ اور اسکے بعد ايک شک اور يقين کا ملا جلا جن باہر آتا ہے کہ ای وی ايم مشین ہيک کی گئی ہے۔ اب تک اس معاملے پر ٹی وی چينلوں پر یا اخبارات ميں صرف مباحثے ہو رہے تھے ۔ ہر بولنے اور لکھنے والا اپنی رائے دے رہا تھا۔ اور پھر اچانک ايک شخص سامنے آتا ہے جسکا چونکانے والا بيان جہاں کتنوں کی…

मुट्ठी भर सवर्ण कैसे डरा ले जाते हैं सत्ताधीशों को?

Published by- Aqil Raza By- Sanjeev Chandan 13 प्वाइंट रोस्टर के खिलाफ भाजपा सरकार ऑर्डिनेंस लाने में भी हिचक रही है और सुप्रीम कोर्ट का आरक्षण-विध्वंसक निर्णय के बाद विभिन्न विश्वविद्यालयों में हो रही नियुक्तियों को रोकने के लिए सर्कुलर लाने को भी तैयार नहीं है. इसके पहले इसी सरकार ने सवर्ण गरीबों को 10% आरक्षण की व्यवस्था भी दी है. सवाल है कि इन निर्णयों के खिलाफ देश का बहुजन समाज उद्द्वेलित है लेकिन सरकार इस बड़े वोट बैंक की परवाह न कर एक छोटे वोट बैंक के लिए दवाब में है. ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ भाजपा का मसला है., ऐसा पहले…

ब्राह्मणवाद का प्रतीक है राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय

Published By– Aqil Raza By- अरविन्द गौड़    भारत में नाट्य प्रशिक्षण से जुड़ी जो सबसे कड़वी सच्चाई है, वह यह कि यहां नाट्य प्रशिक्षण सिर्फ एक संस्थान की परिधि तक सीमित रह गया है। ऐसी धारणा स्थापित कर दी गयी है कि आप यदि एनएसडी से प्रशिक्षित हैं तो ही आप प्रशिक्षित हैं, अन्यथा आप प्रशिक्षित नहीं हैं, आप अमैच्योर हैं। एक साजि़श के तौर पर स्थापित की गयी इस धारणा से पूरे हिन्दुस्तान के थियेटर का सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ है। निस्संदेह राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय एक महत्वपूर्ण संस्था है, जिसने थियेटर की समझ बनाने में, उसके तकनीकी विकास…

वो खत जो इंग्लैंड से बाबासाहेब अम्बेडकर ने रमाबाई को लीखा था।

Published By:Gaurav By:प्रो हेमलता महिश्वर~ लंदन 30 दिसंबर 1930 प्रिय रामू! तू कैसी है? यशवंत कैसा है? क्या मुझे याद करता है? उसका बहुत ध्यान रख रमा! हमारे चार बच्चे हमें छोड़ गए। अब यशवंत ही तेरे मातृत्व का आधार है। उसका ध्यान हमें रखना ही होगा। पढ़ाना होगा। विकसित करना होगा। खूब बड़ा करना होगा। उसे निमोनिया की बीमारी है।  मेरे सामने बहुत बड़े उलझे गणित हैं। सामाजिक पहेलियॉं हैं। मनुष्य की धार्मिक ग़ुलामी का, आर्थिक और सामाजिक असमानता के कारणों की परख करना है। गोलमेज़ परिषद की अपनी भूमिका पर मैं विचार करता हूँ और मेरी ऑंखों…

“Relentless Struggle of Ramabai Ambedkar.”

Published By:Gaurav By:Obed Manwatkar~ Ramabai Bhimrao Ambedkar (7 February 1898 - 27 May 1935; also known as Ramai or Mother Rama) was the first wife of Babasaheb Dr. B.R. Ambedkar ( The Architect Of the Constitution Of India) . Her unwavering support and sacrifices have been credited by Dr. Ambedkar to have been instrumental in helping him achieve his pursuit of higher education and his true potential.She is also the subject of a number of biographical movies and books. A number of landmarks across India have been given…

पश्चिम बंगाल में रार से सीख ये है कि सभी बहुजन समय रहते मुकाबले को तैयार हो जाएं

Published by- Aqil Raza By- Dr. Manisha Banagar   ~ लोकसभा चुनाव सिर पर है। सो लोहा गर्म है। केंद्र में सत्तासीन सरकार हथौड़ा मारने को बेताब है। लेकिन राजनीति में कोई भी चीज एकतरफा नहीं होती। राजनीतिक लोहा पलटकर वार भी करता है। कल पश्चिम बंगाल में जो हुआ, वह इसी का परिणाम है। ममता बनर्जी ने सीबीआई के अधिकारियों को थाने में बंदकर एक तरफ भाजपा को तमाचा मारा है तो इसका एक दूसरा पहलू भी है। इस एक घटना ने भारतीय संघीय व्यवस्था की समीक्षा के दरवाजे खोल दिए हैं। https://www.youtube.com/watch?v=7qlIcmGDiqw&t=21s यानी केंद्र और…

सामाजिक न्याय और ओबीसी के प्रति और कितना धोखा करेगी मोदी बीजेपी सरकार ??

Published By- Aqil Raza By-  Dr. Manisha Bangar भले ही मोदी सरकार SC, आदिवासियों और ओबीसी को लुभाने के लिए नई-नई घोषणाएं कर रही है, परंतु सच्चाई यह है कि सरकार के लिए दलित-बहुजन कोई मायने नहीं रखते हैं। इसका प्रमाण है 1 फरवरी 2019 को केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत अंतरिम बजट। केंद्रीय कार्यकारी वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने जहां एक ओर समाज के हर आय वर्ग के लोगों के लिए कई सब्जबाग दिखाया, वहीं दूसरी ओर बहुजनों के मामले में कंजूसी दिखायी। इसका अनुमान इसी मात्र से लगाया जा सकता है कि अंतरिम बजट में अगले वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए…

ब्राह्मणवादी शक्तियां विश्वविद्यालय में प्रतिनिधित्व से बहुत ज़्यादा परेशान क्यों हैं?

Published by- Aqil Raza By- रमाशंकर   ~ IAS/IPS/MP/MLA में आरक्षण से ब्राह्मणवादी शक्तियां कम परेशान है लेकिन... शिक्षा में..विश्वविद्यालय में.. बहुजनों के प्रतिनिधित्व से बहुत परेशान है, क्योंकि... यहां से मूलनिवासी बहुजन आंदोलन को खुराक मिलती है, ताकत मिलती है... ब्राह्मणवादी शक्तिया का शिक्षण संस्थाओं पर सदियों से नियंत्रण कायम है और इसी नियंत्रण के आधार पर वह मूलनिवासी बहुजन समाज के मन मस्तिक पर नियंत्रण करती हैं। उन्हें लगता है कि... यहां से... अर्थात शिक्षा से नियंत्रण हट जाएगा तो फिर वो समाज को नियंत्रित नहीं कर पाएगी…

अंतरिम बजट समीक्षा: केवल कार्पोरेट घरानो के लिए सौगात, लुभावनी घोषणाओं की है बाढ़!

By- डा. मनीषा बांगर कल 1 फरवरी 2019 को कार्यकारी वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में अंतरिम बजट पेश किया। बजट के नाम पर घोषणाएं अधिक हैं। समाज के सभी तबकों को खुश करने की कोशिश की गई है। मसलन, पांच लाख रुपये तक की आय पर कर में पूरी छूट दी गई है। बताया जा रहा है कि इससे लघु और मध्‍यवर्ग के करीब तीन करोड़ करदाताओं को 23,000 करोड़ रुपये से अधिक की राहत मिलेगी। फसल की उचित कीमत नहीं मिलने से नाराज किसानों को खुश करने के लिए सरकार ने अहम घोषणा की है। बजट में कहा गया है कि छोटे एवं सीमांत किसानों को सालाना 6,000 रुपये की न्यूनतम…

जन्म दिन विशेष: जानिए कौन थे भारत के लेनिन, “बाबू जगदेव प्रसाद”

Published By- Aqil Raza By- Sunil Janardhan Yadav    ~ रूस के महान मजदूरों के नेता लेनिन जो पूरे विश्व में प्रसिद्द है, उनके बारे में तो आपने बहुत सुना होगा | लेकिन क्या आप भारत के लेनिन बाबू जगदेव प्रसाद के बारे में जानते है जिन्होंने भारत के शोषित वर्ग के खातिर अपनी जान न्योछावर कर दी | जिनके विचारो का आज भी लोहा माना जाता है| भारत के लेनिन बाबू जगदेव प्रसाद कहते थे कि "पहली पीड़ी के मारे जाएंगे,दूसरी पीड़ी के जेल जायेंगे,तीसरी पीड़ी के लोग राज करेंगे| " अपने ऐसे विचारो को लेकर बिहार में जन्मे बाबू जगदीश प्रसाद आज पूरे देश…