CAA के खिलाफ जाफराबाद में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, चौकसी बढ़ी

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नागरिकता संशोधन कानून को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन बढ़ते जा रहे है. जिसका एक और मामला जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास से सामने आया है. जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पर शनिवार रात लगभग 500 के करीब लोग इक्टठा हुए और इस प्रदर्शन की शुरुआत की.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका यह प्रदर्शन सीएए के खिलाफ एकजुटता को मजबूत करना है. प्रदर्शन मेट्रो के सामने ही हो रहा है जिसके चलते वहां आवाजाही बाधित कर दी गई. यहां तक की मेट्रो को भी जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पर नही रोका जा रहा है. इसके साथ ही प्रदर्शन के चलते सीलमपुर को मौजपुर और यमुना विहार से जोड़ने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया. मौके पर स्थिति को काबू में करने के लिए प्रशासन ने भारी पुलिस बल की तैनाती कर रखी है.

बता दें कि इस प्रदर्शन की अगुवाई महिलांए कर रही है और पुरुष उनका सहयोग कर रहे है. महिलाएं हाथों में तिरंगा लहराते हुए सीएए सहित एनआरसी को वापस लेने की मांग कर रही है. उनका कहना है कि यह प्रदर्शन कानून को वापस लेने की मांग को तेजी देने के लिए है. इसके साथ ही रविवार को सुरक्षा बलों को भी तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे. लेकिन सुरक्षाबलों का कहना है कि मौके पर एक भी महिलाकर्मी मौजूद नही है.

वहीं प्रदर्शनकारियों ने जाफराबाद में उग्र प्रदर्शन किया. जमकर पत्थरबाज़ी की और कई गाड़ियों को आग के हवाले किया. जिसके बाद पुलिस ने आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज कर आंसू गैस के गोले दागे. स्थिती बेकाबू होती नज़र आ रही है. एक प्रदर्शनकारी का कहना है कि यह प्रदर्शन सीएए, एनआरसी और बहुजनों के लिए आरक्षण की मांग के लिए किया जा रहा है. जब तक हमारी मांगे पूरी नही की जाएगी तब तक हम यह प्रदर्शन जारी रखेंगे. प्रदर्शन के तहत प्रदर्शनकारियों ने सड़के भी बंद कर दी है और जाफराबाद के मेट्रों स्टेशन के लिए एंट्री और एक्जिट दोनों ही बंद कर दी गई है.

गौरतलब है कि शाहीन बाग में लगभग दो महीनों से सीएए के खिलाफ लगातार प्रदर्शन जारी है. जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट ने वार्ताकार नियुक्त किए कि प्रदर्शनकारियों से बात कर कोई सामाधान निकाला जा सके. लेकिन वार्ताकारों के चार दिन तक शाहीन बाग का दौरा करने और आंदोलनकारियों से बात करने के बावजूद कोई हल नही निकल पाया है. शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने साधना रामचंद्रन के आगे अपनी मांगे रखी और कहा कि हमारी मांगे पूरी करें और हम यहां के रास्ते खोल देंगे. लेकिन इसके थोड़ी ही देर बाद उन्होंने एक संकरा रास्ता खोला जिससे लोगों को आने-जाने में थोड़ी राहत मिली.

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