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महाराष्ट्र

मोदी सरकार का व्यापारिक रक्त चरित्र

By-Gaurav डॉ मनीषा बांगर~ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार कहा था कि उनके खून में व्यापार है। यानी वे बनिया हैं। उन्होंने कल अपने इस रक्त चरित्र का सबूत भी दे दिया। कल वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि भारत सरकार पाकिस्तान से आयात पर 200 फीसदी कर लगाएगी। साथ ही वे यह भी कह रहे हैं कि भारत सरकार पाकिस्तान को व्यापार की काली सूची में डाल देगी। बताया जा रहा है कि यह सब बदला लेने के लिए किया जा रहा है। 14 फरवरी 2019 को एक आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 42 जवान मारे गए थे। भारत सरकार इस घटना के पीछे पाकिस्तानी हुकूमत को जिम्मेदार बता…

“Relentless Struggle of Ramabai Ambedkar.”

Published By:Gaurav By:Obed Manwatkar~ Ramabai Bhimrao Ambedkar (7 February 1898 - 27 May 1935; also known as Ramai or Mother Rama) was the first wife of Babasaheb Dr. B.R. Ambedkar ( The Architect Of the Constitution Of India) . Her unwavering support and sacrifices have been credited by Dr. Ambedkar to have been instrumental in helping him achieve his pursuit of higher education and his true potential.She is also the subject of a number of biographical movies and books. A number of landmarks across India have been given…

ये रोस्टर आखिर है क्या, जिसे लेकर मचा हुआ है देश में हंगामा

By-अरविन्द कुमार ~ "आरक्षण वहां पाहुंचा देंगे जहां निरर्थक होगा- स्वामी" इस बीजेपी सरकार ने जो कहा 13 पॉईंट रोस्टर के जरीए करके दिखाया। ये रोस्टर आखिर है क्या, जिसे लेकर मचा हुआ है देश में हंगामा रोस्टर एक विधि है, जिसके जरिये नौकरियों में आरक्षण लागू किया जाता है. लेकिन अगर इसे लागू न किया जाए या लागू करने में बेईमानी हो तो आरक्षण के संवैधानिक प्रावधानों की धज्जियां उड़ जाती हैं. संविधान निर्माताओं ने अनुच्छेद 16(4) के तहत पिछड़े वर्गों (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्ग) का पर्य़ाप्त प्रतिनिधित्व…

सावित्री बाई फुले और फ़ातमा शेख ने कैसे महिला शिक्षा के लिए लड़ाई लड़ी, पढ़िए शानदार लेख

By: Zulaikha Jabeen अठारहवीं सदी के पेशवाई युग में ब्राह्मणों के दबाव में जोतिबा फुले के वालिद ने जब अपने शादीशुदा बेटे को घर से निकाल दिया तो सावित्री बाई भी अपने ख़ाविंद के हमराह घर से बाहर निकल आईं। जोतिबा के बचपन के दोस्त गंजपेठ (पुणे) के उस्मान शेख़ ने फुले दंपत्ति को अपने घर में न सिर्फ़ पनाह दी. बल्कि "आत्मनिर्भर गृहस्थी" बसाने की ज़रूरत का हर सामान भी मुहैया कराया. उनका हर तरह से ख़याल रखते हुए उस्मान शेख़ जोतिबा को उनके "मिशन" को आगे बढ़ाने का मशवरा भी देते रहे। लोगों को शिक्षित करने के जोतिबा फुले के ख़ाब को ताबीर…

2019 में भाजपा का हारना तय है!

2019 में भाजपा का हारना तय है. जनता भाजपा के फरेब से परिचित हो चुकी है. भाजपा को भी पता है कि लोग अब पहले की तरह बेवकूफ बनने वाले नहीं हैं. इसीलिए वह विकास का मुद्दा छोड़कर अपने मूल हथियार यानी साम्प्रदायिक राजनीति का प्रयोग करने के लिए माहौल बनाने लगी है. इसके लिए लगभग सभी न्यूज चैनल , ट्विटर , व्हाट्सएप और फेसबुक का प्रयोग शुरू हो चुका है. फेक न्यूज और प्लांटेड न्यूज से जनता को साम्प्रदायिक होने के लिए उकसाया जा रहा है. लेकिन इसका भी कोई खास असर होता नहीं दिख रहा है. प्रो-बीजेपी तमाम न्यूज चैनल्स और शोसल मीडिया ग्रुप्स/पेज…

कमजोर पर ज़ोर, यह है सवर्ण फेमिनिज़्म का दौर!

By- Deepali Tayday "कमजोर पर ज़ोर... यह है सवर्ण फेमिनिज़्म का दौर" इस बात का ताज़ा उदाहरण दिखा, मुम्बई के ओशिवरा में जब रात के एक बजे शराब के नशे में धुत सो कॉल्ड मॉडल मेघा शर्मा अपार्टमेंट में रात में ड्यूटी कर रहे गार्ड के साथ बेहद मारपीट-गालीगलौच और झूमा-झटकी की......। मेघा शर्मा यहीं पर नहीं रुकी, बल्कि गार्ड पर असॉल्ट करने का झूठा इल्ज़ाम लगाकर 100 नम्बर डायल करके पुलिस को भी बुला लिया। और फिर चीखते-चिल्लाते हंगामा करते हुए पुलिस, गार्ड और अपार्टमेंट के लोगों के बीच में सरेआम कपड़े उतारकर ब्रा-पेंटी में खड़ी हो गईं। दरअसल,…

‘मनुवाद की छाती पर बिरसा-फूले-अंबेडकर’ महाराष्ट्र की दो वीरांगनाओं ने इस नारे को जीवंत कर दिया!

मनुवाद की छाती पर बिरसा-फुले-अम्बेडकर..... इस नारे को 8 अक्टूबर को जीवंत कर दिया महाराष्ट्र की अंबेडकरवादी वीरांगनाओं कांता रमेश अहीर और शीला बाई पवार ने। उन्होंने बिना किसी डर के राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर के परिसर में लगी "मानवता पर कलंक मनु" की मूर्ति की मुँह पर सरेआम कालिख़ पोती और वहीं बेख़ौफ खड़े होकर गिरफ्तारी भी दी। मानवता पर कलंक मनु ने भारतीय समाज को पूरी तरह विकृत कर देने वाली संहिता बनाई। उसने गैर-बराबरी, भेदभाव और असमानतामूलक व्यवहार को लिपिबद्ध करते हुए दुनिया की सबसे निकृष्ट किताब मनु स्मृति लिखी जिस कारण महिलाओं…

ओबीसी आयोग : संवैधानिक अधिकार के नाम पर मिला झुनझुना

By- संतोष यादव संसद में यह कानून पारित हो चुका है कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को अनुसूचित जाति अायोग और अनुसूचित जनजाति आयोग के जैसे ही संवैधानिक अधिकार मिले। यानि यह एक मुकम्मल आयोग बने जिसके पास दांत और नाखून दोनों हों। केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत ने भी यही कहा जब वे इस कानून को संसद में पेश कर रहे थे। लेकिन अब कानून का जो स्वरूप सामने आया है वह महज ओबीसी को ठगने के लिए झुनझुना से अधिक कुछ भी नहीं है।   इस बारे में सामाजिक न्याय को लेकर पिछले 7 दशकों से सक्रिय भारत सरकार के पूर्व नौकरशाह पीएस कृष्णन ने सवाल उठाया है।…

द्विजों की गिरफ्तारी पर हंगामा क्यों है बरपा?

~  मनीषा बांगर बीते 28 अगस्त 2018 को दोपहर होते होते पूरे देश में यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई कि भीमा कोरेगांव मामले में पुलिस ने देश के कई हिस्सों में प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं, विचारकों, लेखकों, पत्रकारों और वकीलों के घरों और दफ्तरों पर छापेमारी की और कुछेक को गिरफ्तार किया। इनमें से एक माओवादी लेखक वरवर राव को हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रचने के आरोप में हिरासत में लिया गया। दिल्ली में वामपंथी गौतम नवलखा भी धर दबोचे गए। सुधा भारद्वाज भी हत्थे चढ़ गयीं। वामपंथी…

भीमा कोरेगांव हिंसा में गिरफ्तारी, और घटना के पीछे की साजिश

भीमाकोरेगांव में हुई हिंसा के आरोप में आज यलगार परिषद और कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और उनके परिवारजनों के घर पर छापेमारी हुई जबकि इन दंगों के मुख्य आरोपी संभाजी भिड़े और मिलिंद एकबोटे सहित हिंदू गुंडा गैंग के लोग खुलेआम घूम रहे हैं। बल्कि चुनाव से पहले किसी दूसरे दंगे की फ़िराक में औरंगाबाद के आसपास गतिविधियां तेज़ की है। मोदी ख़ुद भिड़े को अपना गुरूजी मानता है, तो फड़नवीस सरकार तो भिड़े-एकबोटे के चरण में पड़ी हुई है। जबकि भिमाकोरेगांव में हुई हिंसा भिड़े-एकबोटे द्वारा प्रायोजित थी, इस मामले में एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था…