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जस्टिस फॉर डॉ पायल: रोहित वेमुला के बाद एक और संस्थानिक हत्या!

By: Susheel Kumar पायल!! आपको ऐसा नहीं करना चाहिए था, हां मैं समझ सकता हूं कि जब किसी इंसान के सामने हालात बद से बद्तर कर दिए जाएं तो फिर जीना मुश्किल हो जाता है पर आप तो ऐसे समाज से आती हैं जिसका इतिहास ही बेहद कठिन और संघर्ष भरा रहा है, तो फिर इस जातिवादी समाज में आपको भी लड़ना चाहिए था, इतनी जल्दी हार नहीं माननी चाहिए थी, आपकी लड़ाई ज्यादा बड़ी थी क्योंकि आप एक तरफ जातिवादी मानसिकता से लड़ रहीं थी तो वहीं दूसरी ओर पुरषवादी सोच को चुनौती दे रहीं थी!! जातिवाद की गंदगी भरे दिमाग में सड़ी हुई सोच की वजह से किसी को जब मौत गले…

ڈاکٹر منيشا بانگر مردوادی زہنيت کی چنوتیوں سے لڑ کر اپنی الہيدا پہچان بنانے والی ملک کی منتخب بہوجن ليڈر ہيں۔

ڈاکٹر منيشا بانگر مردوادی زہنيت کی چنوتیوں سے لڑ کر اپنی الہيدا پہچان بنانے والی ملک کی منتخب بہوجن ليڈر ہيں۔ ناگپور سے پیپلس پارٹی آف انڈيا (PPI) نے انکے لؤکسبھا اميدوار ہونے کا اعلان کيا ہے۔ بہوجن نايک کاشی رام نے بامسيف جيسی معشرتی تنزيم کے ذريعہ خواتين کی نمأندگی کرنے کے ليے ماياوتی کی قابليت کو پہچانا تھا۔ کچھ وقت ميں ہی ماياوتی نے خود کو سابت کر کے دکھايا۔ تب سے لے کر آج تک بہوجن آندولن سے جڑی تنزيموں ميں نيی نسل کی قيادت کرنے والوں ميں يہ قابليت منيشا بانگر ميں دکھتی ہے۔ پیپلس پارٹی آف انڈيا نے منيشا کی قابليت کو نہ…

بابا صاحب کی زمين پر منوواديوں کو شکست دينے اترينگی ڈاکٹر منيشا بانگر۔

~ नईम शरमद سماج کو بدلنے کا جنون اور چیلنجوں سے ٹکرانے کی تحریک ساوتری بائی پھولے سے حاصل کرنے والی ڈاکٹر منیشا بانگر اکثر اپنے بہادرانہ فیصلوں سے لوگوں کو تعجب میں ڈال دیتی ہیں۔ پیپلس پارٹی آف انڈیا نے ڈاکٹر بانگر کی اس بہادرانہ قابلیت کے مد نظر جب ان کے سامنے ۲۰۱۹ لوک سبھا انتخابات میں حصہّ لینے کی پیشکش کی تو انہوں نے  عیلان کیا کہ اگر وہ انتخابات میں حصہّ لینگی تو ناگپور سے۔ یہ جاننے کے باوجود کہ یہ سیٹ بی جے پی کے سابق صدر اور بڑے نیتا نتن گڈکری کے قبضے میں ہے۔ ڈاکٹر بانگر نے یہ فیصلہ اس لئے لیا کیوں نکہ وہ چیلینجز صرف…

गढ़ में घुसकर संघ को चुनौती दे रही हैं डॉ. मनीषा बांगर

Published By- Aqil Raza BY - संतोष यादव प्राख्यात चिकित्सक व समाज सेविका डॉ. मनीषा बांगर नागपुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रही हैं। वहीं नागपुर जहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का मुख्यालय है। हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब बहुजन समाज ने ब्राह्मणवादी विचारों के पोषक आरएसएस को चुनौती दी है। डॉ. अम्बेडकर ने नागपुर में ही लाखों लोगों के साथ बौद्ध धर्म स्वीकार किया था। एक बार फिर ब्राह्मणवादियों को चुनौती दी जा रही है। डॉ. बांगर केंद्रीय मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन गडकरी के खिलाफ लड़ेंगी। इस संबंध में…

नितिन गडकरी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी डॉ. मनीषा बांगर

By-  अकील राजा लोकसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है। पूरे देश में इसे लेकर तमाम राजनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं। इस बार के चुनाव की खासियत यह है कि इस बार वंचित तबके के वे लोग भी आ रहे हैं जो बुद्धिजीवी हैं और किसी राजनीतिक परिवार के सदस्य नहीं हैं। इनमें डॉ. मनीषा बांगर भी एक हैं जो नागपुर में पीपीआई-डी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी और नीतिन गडकरी को चुनौती देंगी। उनके द्वारा नागपुर से चुनाव लड़े जाने की घोषणा से नागपुर के बहुजन समाज के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। डॉ. बांगर बहुजनों, अल्पसंख्यकों और सिक्ख समाज के लोगों के बीच में…

सवाल दस लाख आदिवासी परिवारों का नहीं पचास लाख आदिवासियों का है

Published by- Aqil Raza By - डॉ. मनीषा बांगर  ~ सुप्रीम कोर्ट ने 13 फरवरी 2019 को अहम फैसला सुनाया है। इस फैसले के मुताबिक केंद्र व 21 राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करना है कि दस लाख से अधिक आदिवासी परिवार उस जमीन को छोड़ दें, जहां वे पीढ़ियों से रहते आए हैं। कोर्ट ने यह बात अपने मन से नहीं कही है। उसके सामने 21 राज्यों की सरकारों ने शपथ पत्र दाखिल कर कहा है कि दस लाख से अधिक आदिवासी परिवार यह सबूत नहीं पेश कर सका है कि वह जमीन का मालिक है। पहले तो यह समझें कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का असर क्या होगा यदि इसे लागू किया गया।…

भीमा कोरेगाव युद्धातील 500 शूरवीर मावळ्यांचा अभिमान का बाळगावा ?

Published By- Aqil Raza By-  श्रीमंत कोकाटे   ~ छत्रपती शिवाजी राजांनी सुरू केलेला शिवशक पेशव्यांनी बंद पाडला आणि मुस्लिमांचा फसली शक सुरु केला. पेशव्यांनी छत्रपती संभाजीराजांना तीन वेळा मारण्याचा कट केला आणि शेवटी संस्कृतवरती प्रभुत्व मिळविल्यामुळे औरंगजेबाच्या ताब्यात देऊन ब्राह्मणीधर्मानुसार त्यांना हाल हाल करून ठार मारले. पहिल्या बाजीराव पेशव्यांनी मराठा सरसेनापती उमाबाई दाभाडे यांना तह करण्यासाठी बोलावून कैदेत टाकले आणि त्यांना कैदेत मारले. तिसऱ्या पानिपताच्या वेळेस अब्दाली युद्धाचे नियोजन करत होता तर पेशवे यज्ञ,याग,होम…

मोदी सरकार का व्यापारिक रक्त चरित्र

By-Gaurav डॉ मनीषा बांगर~ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार कहा था कि उनके खून में व्यापार है। यानी वे बनिया हैं। उन्होंने कल अपने इस रक्त चरित्र का सबूत भी दे दिया। कल वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि भारत सरकार पाकिस्तान से आयात पर 200 फीसदी कर लगाएगी। साथ ही वे यह भी कह रहे हैं कि भारत सरकार पाकिस्तान को व्यापार की काली सूची में डाल देगी। बताया जा रहा है कि यह सब बदला लेने के लिए किया जा रहा है। 14 फरवरी 2019 को एक आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 42 जवान मारे गए थे। भारत सरकार इस घटना के पीछे पाकिस्तानी हुकूमत को जिम्मेदार बता…

“Relentless Struggle of Ramabai Ambedkar.”

Published By:Gaurav By:Obed Manwatkar~ Ramabai Bhimrao Ambedkar (7 February 1898 - 27 May 1935; also known as Ramai or Mother Rama) was the first wife of Babasaheb Dr. B.R. Ambedkar ( The Architect Of the Constitution Of India) . Her unwavering support and sacrifices have been credited by Dr. Ambedkar to have been instrumental in helping him achieve his pursuit of higher education and his true potential.She is also the subject of a number of biographical movies and books. A number of landmarks across India have been given…

ये रोस्टर आखिर है क्या, जिसे लेकर मचा हुआ है देश में हंगामा

By-अरविन्द कुमार ~ "आरक्षण वहां पाहुंचा देंगे जहां निरर्थक होगा- स्वामी" इस बीजेपी सरकार ने जो कहा 13 पॉईंट रोस्टर के जरीए करके दिखाया। ये रोस्टर आखिर है क्या, जिसे लेकर मचा हुआ है देश में हंगामा रोस्टर एक विधि है, जिसके जरिये नौकरियों में आरक्षण लागू किया जाता है. लेकिन अगर इसे लागू न किया जाए या लागू करने में बेईमानी हो तो आरक्षण के संवैधानिक प्रावधानों की धज्जियां उड़ जाती हैं. संविधान निर्माताओं ने अनुच्छेद 16(4) के तहत पिछड़े वर्गों (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्ग) का पर्य़ाप्त प्रतिनिधित्व…