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Culture

एक और बहुजन बेटी ने रोशन किया नाम….

ये हैं तमिलनाडु के मदुरई की 23 साल काव्या रवि कुमार। काव्या देश की पहली बहुजन   महिला कॉमर्शियल पायलट है। इन्हें हाल ही में गवर्मेंट फ्लाइंग ट्रैनिंग स्कूल (GFTS) से कॉमर्शियल पायलेट का लाइसेंस औऱ बेस्ट स्टूडेंट अवॉर्ड भी मिला है। 21 साल के इंतज़ार के बाद ये उपलब्धि हासिल हो सकी है। देश में कई महिला कॉमर्शियल पायलट्स हैं। लेकिन सभी सवर्ण वर्ग की हैं और बेहद मजबूत परिवारिक पृष्ठभूमि की भी। जिन्हें ना पैसे की कमी हुई, ना प्रिवेलेज की। बल्कि सो कॉल्ड सुंदरता के पैमाने यानी सुकोमल, गोरे और नैन-नक्श आदि-आदि के पैमाने पर खरे…

“Shabaash” Hima Das !!

By- Dr. Manisha Bangar Your historical record victory is a tight slap on the brahmin-dwijas, their merit logic ,and their caste system :- Centuries of cornering of resources did not help the brahmin-dwija to produce single sportsperson athelete who could have won the race in the history of India. Dear friends !! We have all seen the awesome performance of Hima Das, the 18-year-old girl, who barely 18 months back, ran her first race in district level. Now, this young lass has done the country proud by winning a gold…

फुले और तिलक के बीच कड़ा संघर्ष क्यों…?

By- सिद्धार्थ रामु माली जाति के जोतीराव फुले (11 अप्रैल 1827,मृत्यु - 28 नवम्बर 1890) और चितपावन ब्राहमण बाल गंगाधर तिलक(23 जुलाई 1856 - 1 अगस्त 1920) के बीच तीखा संघर्ष क्यों होता रहा ? दोनों के बीच संघर्ष के कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे मुद्दा नंबर 1- तिलक का मानना था कि जाति पर भारतीय समाज की बुनियाद टिकी है, जाति की समाप्ति का अर्थ है, भारतीय समाज की बुनियाद को तोड़ देना, साथ ही राष्ट्र और राष्ट्रीयता को तोड़ना है। इसके बरक्स फुले जाति को असमानता की बुनियाद मानते थे और इसे समाप्त करने का संघर्ष कर रहे थे। तिलक ने फुले को…

Captivating the Simple-Hearted; At Book launch, Manisha Bangar put stress to strengthen the Anti Brahmanical movements

“This particular book, it’s about two main forces,” said Bangar. “There have been two main streams of consciousness always alive in the Indian subcontinent. One is the Brahmanical, traditionalist, exclusionist stream of consciousness — another is a Shramanic, egalitarian, thought-provoking, and inclusionist stream, countering the caste system, varna system, scriptures, idolatry, and the medium of worship being through the Brahman.”

नेशनल इंडिया न्यूज की एग्‍जीक्‍यूटिव डायरेक्‍टर डॉ. मनीषा बांगर कनाडा के वैशाखी प्रोग्राम में वक्ता के तौर पर हुई आंमत्रित

By: Ankur Sethi ब्रैम्पटन। नेशनल इंडिया न्यूज की एग्‍जीक्‍यूटिव डायरेक्‍टर मनीषा बांगर को ओंटारियो गुरूद्वारा सिक्ख कमेटी द्वारा 7 मई को वैशाखी नगर प्रोग्राम में वक्ता के तौर पर ब्रैम्पटन शहर में आमंत्रित किया गया है। सिक्ख समुदाय विदेश में भी वैशाखी पर्व को धूमधाम से मनाता है जिसमें भारत से कई अतिथियों को आमंत्रित किया जाता है। सिक्ख धर्म एक ऐसा धर्म है जो शांति, भाईचारे और वंचित लोगो को ऊपर उठाने में विश्वास रखता है। ब्रैम्पटन शहर में नेशनल इंडिया न्यूज की एग्‍जीक्‍यूटिव डायरेक्‍टर मनीषा बांगर वैशाखी नगर कीर्तन के रूप में…

जातिव्यवस्था पर चोट करने वाले ज्योतिबा फुले जीवनभर ब्राह्मणवाद से लड़ते रहे

ज्योतिबा फुले ने ब्राह्मणवाद को दुतकारते हुए बिना किसी ब्राम्हण-पंडित पुरोहित के विवाह-संस्कार शुरू कराया और बाद में इसे मुंबई हाईकोर्ट से मान्यता भी दिलाई. उनकी पत्नी सावित्री बाई फुले भी एक समाजसेविका थीं. उन्हें भारत की पहली महिला अध्यापिका और नारी मुक्ति आंदोलन की पहली नेता कहा जाता है. अपनी पत्नी के साथ मिल कर स्त्रियों की दशा सुधारने और उनकी शिक्षा के लिए ज्योतिबा ने 1848 में एक स्कूल खोला। यह इस काम के लिए देश में पहला विद्यालय था।

From S(e)oul to the land of sambar

By Mirah Zamin Chennai:  Boxed between two buildings, hidden behind the façade of billboards and banners in the dark corridors of Kaveri complex, Osaka food’s situated in Nungambakkam sells some of the most traditional food ingredients for Korean cuisines. Shekar the manager of the shop says ‘Shin Ramyum’, is the favourite noodle brand amongst the Koreans. Chennai has four more such outlets that import Korean food items such as sticky rice, tuna fish, dried seaweeds, silkworms and rice paper for sushi. The oldest is one…