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India

سورنو کا دس فيسد مالی بنياد پر رزرويشن کس طرح بہوجنوں اور پسماندا کے خلاف ہے۔

By-  Naeem Sharmad   ~   گزشتہ دنوں مودی سرکار نے اعلیٰ ذات طبقات کو 10 فیصد ریزرویشن دینے کا فیصلہ کیا ہے اعلیٰ ذات کے طبقات کو ملازمتوں اور تعلیمی اداروں میں یہ ریزرویشن ملنا طے ہوا ہے جس کے لئے آئین میں 124 ویں  ترمیم کی گئی ہے لوکسبھا انتخابات سے کچھ قبل اس قانون کا بننا اس بات کی پوری تصدیق کرتا ہے کہ بی جے پی نے  نوکریوں بےروزگاری اور مندر پر کئے گئے فرضی وعدوں سے خائف اعلیٰ ذات کے اپنے ووٹروں کو لبھانے کے لئے اس ریزرویشن کو عملی صورت دی ہے ورنہ چار سال نو مہینے مرکزی حکومت میں بنے رہنے کے بعد مودی سرکار کو اب جاکر…

मोदी सरकार का व्यापारिक रक्त चरित्र

By-Gaurav डॉ मनीषा बांगर~ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार कहा था कि उनके खून में व्यापार है। यानी वे बनिया हैं। उन्होंने कल अपने इस रक्त चरित्र का सबूत भी दे दिया। कल वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि भारत सरकार पाकिस्तान से आयात पर 200 फीसदी कर लगाएगी। साथ ही वे यह भी कह रहे हैं कि भारत सरकार पाकिस्तान को व्यापार की काली सूची में डाल देगी। बताया जा रहा है कि यह सब बदला लेने के लिए किया जा रहा है। 14 फरवरी 2019 को एक आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 42 जवान मारे गए थे। भारत सरकार इस घटना के पीछे पाकिस्तानी हुकूमत को जिम्मेदार बता…

प्रेम और बहुजन विचारधारा

By-डॉ मनीषा बांगर प्रेम एक अनमोल अहसास है। प्रेम चाहे वह किसी भी रूप में क्यों न हो। चाहे वह माता-पिता का अपने बच्चों से प्यार हो या फिर पति-पत्नी के बीच का प्यार। प्यार न हो तो जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है और न ही समाज की। प्रेम की व्याख्या और ऐहसासात भी समय के साथ बदले है. आधुनिकता जागरूकता शैक्षणिक विकास के आते प्रेम की अनुभूति सिर्फ एक तरफा या पुरुष केंद्रित न होकर दोनों व्यक्तियों ने एक दुसरे का सम्मान करना सहयोग करना , एक दुसरे से ईर्ष्या जलन न करके एक दुसरे को अपने अपने व्यक्तिमत्व को फूलने फलने की स्वतंत्रता…

Mourning the loss of Abhiyan Humane ‘the science man’ – Tears Tributes and Resolves of Bahujan Youth

By- Mangesh Dahiwale  ~ Abhiyan’s untimely death on 8th February 2019 left those who knew him shattered and sad. In less than a few years, Abhiyan left his indelible mark on the Ambedkarite movement and gave it a direction uncared for before. While most of us look for ideologies and the past, he looked at the future and not just an immediate future, but deep future where all the people, including his beloved people, will enjoy the best fruits of humanity. His ideology, his philosophy of life, and his action in the world was…

Shahid Azmi: A Man Who Lived and Died For Justice

By- Deshdeep Dhankhar  ~ Nine years ago, on February 11, 2010, advocate Shahid Azmi was shot dead in his office at Taximen’s colony in Kurla, Mumbai. He had gone back to his office that evening after receiving a call from a man who claimed to have a serious case that needed to be discussed with Azmi. Known for his spirit to fight injustice, Shahid Azmi was a Mumbai based human rights lawyer. In his brief career of seven years, Azmi secured the acquittal of 17 Muslim men charged with alleged terrorism.…

बहुजन युवा ने किया देश का नाम रोशन, थाईलैंड में International Peace & Buddhist Leader Award से सम्मानित

Published By-  Aqil Raza    ~ बहुजन समाज के युवा ने विदेश में International Peace & Buddhist Leader Award पाकर देश का नाम रोशन किया है, जी हां हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के रहने वाले और ओएनज़ीसी गुजरात, मेहसाना मे एग्ज़िक्युटिव इंजीनियर के पद पर तैनात, ऑफिसर्स असोसियेशन के  भूतपूर्व सचिव और पिछले दस सालों से देश के सामाजिक आर्थिक विकास मे एक समाज सेवी, एक लेखक , एक गीतकार, एक गायक के तौर पर कार्य करने वाले विपिन कुमार भारतीय की। जिन्होंने एक बार फ़िर देश का नाम रोशन किया है l... हाल ही मे थाईलैंड…

बेमिसाल बर्तोल्त ब्रेख्त, जिनके विचार आज भी भारत के लिए प्रासंगिक हैं

Published by- Aqil Raza    ~ बर्तोल्त ब्रेख्त को एक बेहतरीन कवि... लेखक... नाट्यकार... के रूप में जरूर पहचाना जाता था, मगर वे एक यथार्थवादी क्रांतिकारी थे इसका अनुभव तो स्टेफन पार्कर की किताब “Bertolt Brecht a Literary Life” ने कराया | जर्मन लेखक बर्तोल्त ब्रेख्त और हंगरी के दार्शनिक जार्ज लुकाच के बीच हुई ऐतिहासिक बहस में समतामूलक समाज की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध क्रांतिकारी कला व साहित्य के मूल सृजनकारी तत्त्व कौन से होने चाहिए इसकी चर्चा आज के भारत के सन्दर्भ में भी प्रासंगिक है | ब्रेख्त, की यह कोशिश थी कि... बाह्य…

…तो इस लिए दी जा रही मायावती के स्मार्क बनाने वाले मामले को प्राथमिकता?

Published By- Aqil Raza By- Aqil Raza   ~ तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती द्वारा बनावाए गए पार्कों और स्मार्कों के मामले में, 2009 में डाली गई याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मायावती को पैसा वापस सरकारी कौटे में लौटाने का प्राथमिक विचार किया है। पर सवाल इस बात का है कि लोकसभा के आम चुनावों के करीब आते ही इस मुद्दे पर सुनवाई क्यों हुई है? जब बसपा के वकील ने मामले की अगली सुनाई को चुनावों के बाद डालने की अपील की तो तुरंत CJI रंजन गोगोई ने उसे खारिज कर मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल को तय कर दी । लेकिन आखिर ऐसी…

ای وی ايم کی کہانی شجاع سيّد کی زبانی۔ دوسری قسط۔

Published by- Aqil Raza    ~   گوری لنکیش کا قتل سرخیوں میں خوب رہا لیکن اسکی وجہ بتائی گئی کہ گوری لنکیش شدت پسند مذہبی اداروں کے خلاف کام کر رہی تھیں۔ کوئی ایسی تحریک چلا رہی تھی جو مذہبی شدت کے خلاف کام کر رہی تھی۔ لیکن شجاع کی باتوں کی پر یقین کریں تو معاملہ کچھ اور ہی ہے اور سنگین ہے- بقول شجاع گوری لنکیش کے قتل سے سات روز قبل ہی گوری لنکیش نے ای وی ایم مشین کے خلاف یا اس کے بارے میں جاننے کے لئے آر ٹی آی(RTI) داخل کی تھی۔ وہ شجاع کی ساری کہانی جانتی تھی اور وہ یہ سب باتیں اور سازشیں سب کے سامنے لانا چاہتی تھیں۔ اور یہی…

वह पत्र जिसने रफ़ाल मामले में मोदी सरकार का पर्दाफ़ाश कर दिया

Published By- Aqil Raza   ~ 24 नवंबर, 2015 को उप सचिव (एयरफोर्स) के दस्तख़त से जारी रक्षा मंत्रालय के इस दस्तावेज का अविकल अनुवाद प्रस्तुत है. इसके जरिए आप उस निष्कर्ष तक पहुंच सकते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किस हद तक अपने मित्र अनिल अंबानी को लाभ पहुंचाने के लिए विकल थे कि रक्षा मंत्रालय की प्रतिष्ठा और हैसियत को दांव पर लगाकर खुद ही लेनदेन का एक वैकल्पिक चैनल खोल रखा था. -अतुल चौरसिया मंत्रालय के उस दस्तावेज़ का हिंदी अनुवाद जिसे ने The Hindu छापा है- "अत: यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा इस तरह की समांतर…