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CAAऔर NRC से झुलस रहा देश, प्रधानमंत्री मेजबानी में व्यस्थ

सीएए और एनआरसी को लेकर पूरा देश आक्रोश में है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने वैश्विक संबंधों को निभाने से फुरसत नही है. इसलिए वह अपने देश के गंभीर मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की जगह अपने वैश्विक संबंधों को निभाने में लगे हुए है. इसी का एक और नमूना अहमदाबाद में रहने वाले झुग्गियों के लोगों का है. अहमदाबाद नगर निगम ने सोमवार को मोटेरा स्टेडियम के पास झुग्गी में रहने वाले 45 परिवारों को झुग्गी खाली करने के नोटिस दे दिए है, जहां बिना उनकी कोई दखल अंदाजी कोई सुविधा दिए उन्हे जगह खाली करने के आदेश दिए है. जिसको

6 भारतीय कोरोना वायरस से ग्रस्त, भारतीय दूतावास ने दी जानकारी

चीन के वुहान में फैले कोरोना वायरस ने अब बाकी के देशों में भी अपना कहर ढाना शुरु कर दिया है. अब जापान से भी ऐसा एक मामला सामने आया है. जापान में खड़े क्रूज डायमंड प्रिंसेस जहाज में फंसे भारतीयों में से 6 लोग इस बीमारी से पीड़ित है. जिसकी पुष्टि टोक्यों में स्थित भारतीय दूतावास ने की है. कोरोना वायरस से पीड़ित 4 भारतीय क्रू मेंबर्स का इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर है. भारतीय दूतावास ने बताया कि वह लगातार पीड़ितों के संपर्क में बने हुए है. जानकारी के मुताबिक क्रूज में कुल 3711 लोग सवार है, जिसमें से 138 भारतीय शामिल

देश में बिगड़ते हालातों के बीच प्रधानमंत्री का निंदनीय बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को वाराणसी दौरे पर पहुंचे. यहां पर उन्होंने वाराणसी से काशी महाकाल एक्सप्रेस को रवाना किया. इस दौरान उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के प्रदर्शनकारियों पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि दुनिया भर के तमाम दबावों के बावजूद उनकी सरकार सीएए और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसलों पर कायम है और आगे भी रहेगी. पीएम मोदी ने वाराणसी में सभी लोकार्पण और शिलान्यास के बाद कहा कि हमारे देश में आज ऐसे फैसले भी लिए जा रहे है जो इतिहास में शायद कभी नही लिए गए. आज वह

डॉ. कफील की रिहाई के लिए उठी आवाज़

अब एक डॉक्टर से 'राष्ट्रीय-सुरक्षा' को ख़तरा पैदा हो गया है! यह वही डॉ कफील अहमद हैं, जिन्होंने गोरखपुर के बेहाल सरकारी अस्पताल में अपनी तैनाती के दौरान इन्सेफेलाइटिस-ग्रस्त बच्चों की जान बचाने की हरसंभव कोशिश की थी! उत्तर प्रदेश की मौजूदा सरकार डॉ कफील से सख्त नाराज़ है। ज़मानत पर वह जेल से रिहा हों, इससे पहले ही उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA)के तहत हिरासत में ले लिया गया! यूपी सहित हिन्दी भाषी राज्यों में निकट-भविष्य में जो भी सत्ता के निरंकुश और अमानवीय हथकंडों का विरोध करता पाया जायेगा, उसके साथ ऐसे ही सलूक का

कोरोना वायरस से भारत में भी मचा कोहराम

चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोना वायरस लगातार बढ़ता ही जा रहा है. वहां के लोग इस बिमारी का शिकार हो रहे है. चीन में मरीजों की तादाद खूब तेजी से बढ़ रही है. चीन से ताजा रिपोर्ट फिर सामने आई है जहां पर करीब 1600 मरीजों की कोरोना वायरस से मौत हो चुकी है. चीन में फैलती इस बीमारी ने अब भारत की ओर भी अपना रुख ले लिया है. वहीं अब भारत ने एहतियात के तौर पर चीन में रहने वाले विदेशियों और चीनी नागरिकों के लिए ई-वीजा सुविधा को निलंबित कर दिया है. भारत के केरल में भी कोराना वायरस के बीमारी की पुष्टि की गई है. यहां पर तीन मरीज

याशिका दत्त ने अपनी किताब ‘कमिंग आउट एज़ दलित’में किए कई बड़े खुलासे

हम देखते कि हमारे देश में पिछड़े वर्ग के लोगों को समाज में बेहद ही कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है. हर जगह उठते-बैठते पिछड़े वर्ग में आने वाले लोगों को नीची जाति से होने की कीमत चुकानी पड़ती है. यहां तक की समाज में भेदभाव का सामना भी करना पड़ता है. जाति जानने के बाद लोगों की नफरत भी जागने लगती है. भारत की जातीय व्यवस्था पर हमेशा से ही तगड़े हमले होते रहे है. सभी पिछड़े वर्गों के साथ भेदभाव होता है, उन्हें उनके हक से वंचित रखा जाता है. ये बात आम तौर पर बहुजनों के बारे में कही जाती रही है. लेकिन करीब से नजर डालें, तो

शाहीन बाग बस स्टैंड पर बसी किताबों की दुनिया!

शाहीन बाग में बीते दो महिनों से CAA के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है, जिसके बाद से ही माहौल गर्माया हुआ है. लेकिन इन सबके बीच एक अनोखी पहल देखने को मिली है, दिल्ली के शाहीन बाग के बस स्टॉप पर एक लाइब्रेरी खोली गई है जिससे लोगों को देश में हो रहे प्रदर्शन के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके और लोगों को जागरुक किया जा सके कि क्या सही है और क्या गलत ! इस लाइब्रेरी की खास बात यह है कि जरुरत मंद और जिनके पास किताबें खरीदने के लिए पैसे नही है वे सभी लोग यहां आकर इसका लाभ उठा सकते है. इस लाईब्रेरी का नाम फातिमा शेख

दिल्ली में ‘AAP’ की जीत पर जातिवादी राजनीति क्यों !

आम आदमी पार्टी ने 2015 की अपनी सफलता को लगभग दोहराते हुए दिल्ली में लंका फतह कर जबरदस्त चुनावी जीत हासिल की. दिल्ली में उनकी यह धमाकेदार जीत 2015 से इस मायने में ज्यादा महत्वपूर्ण है कि तब 'एक उम्मीद' को वोट मिले थे और इस बार 'उस उम्मीद पर खरे उतरने' को लेकर वोट मिले है. इससे पहले भी जब 26 जनवरी के बाद से बीजेपी ने दिल्ली में आक्रामक हिंदुत्व का माहौल बनाना शुरू किया तब से आम-तौर पर लग रहा था कि 56-57 सीट के नीचे यदि आम आदमी पार्टी गयी तो यह मान लेना चाहिए कि बीजेपी ने ध्रुवीकरण का अपना गणित साध लिया और उसका खुद का और

जन्मदिन विशोष: भारत के तीसरे राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ़ ज़ाकिर हुसैन का मनाया गया 123वां जन्मदिन

आज भारत के तीसरे राष्ट्रपति व महान शिक्षाविद भारतरत्न डॉ़ ज़ाकिर हुसैन (8 फरवरी 1897 - 3 मई 69) का जन्मदिन है। वे जामिया मिलिया इस्लामिया के उपकुलपति, अलीगढ़ मुस्लिम वि. वि. के कुलपति, बिहार के राज्यपाल, देश के उपराष्ट्रपति और फिर राष्ट्रपति बने। वे सीबीएसई, यूजीसी व यूनेस्को से भी गहरे जुड़े रहे एवं विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग के गठन में उनकी महती भूमिका थी। 1935 में काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा था: अगर काशी विद्यापीठ के स्नातक होने के नाते तुम अपना जीवन देश की सेवा में लगाना चाहते हो, तो

क्या जजों के फैसले का लोगों पर पड़ रहा गलत असर ?

नीति आयोग के CEO अमिताभ कांत ने हाल में आई अपनी किताब में लिखा है कि बेहतर आर्थिक नतीजों के लिए शासन बहुत जरूरी है. उन्होंने खास तौर पर न्यायपालिका पर जोर दिया जिसके फैसले कई बार विकास में बड़ी रुकावट बन जाते हैं. उन्होंने पर्यावरण और विकास के बीच टकराव का जिक्र किया और बताया कि अदालतें कई बार अपने विवेक, यानि संतुलन की दरकार, को भी दरकिनार कर देती हैं. टेलीकॉम रेवेन्यू का मामला और अदालत का फैसला अमिताभ कांत ने कहा कि इस समस्या का समाधान निकालना होगा क्योंकि जजों को उनके फैसलों के आर्थिक असर की समझ जरूर होनी चाहिए.