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जेएनयू जैसे संस्थानों को बचाना क्यों जरूरी है?

जेएनयू में मेरे कई दोस्त हैं जो बहुजन, ओबीसी और मुस्लिम समाज से आते हैं. 'बहुजन साहित्य संघ' में जब मैं पैनलिस्ट के तौर पर गई थी, तो वहां कई ऐसी बहुजन लड़कियों से मुलाक़ात हुई, जो हजारों साल से हो रहे अन्याय के खिलाफ़ मुखर होकर बोल रही थीं. वो सुना रही थी अपने साथ हुई उन कहानियों को, जिनमें संघर्ष ही संघर्ष था और जो बदस्तूर अभी भी जारी है. ज्यादातर लड़कियां मेरी ही तरह अपने घर-परिवार की पहली पीढ़ी थी, जो पढ़-लिखकर और संघर्ष कर यहां तक पहुंची थी. अब ये लड़कियां ना केवल बोल रही थीं, बल्कि ख़ुद के लिए और आने वाली पीढ़ियों के

सस्ती पढ़ाई का हक मांगने पर जेएनयू छात्रों को पड़ा मंहगा ?

दिल्ली के JNU में छात्रों ने प्रशासन को लेकर जंग शुरू करदी है... छात्रो के हिसाब से सरकार JNU को बंद करने में जुटी है. साथ ही सरकार छात्रों की अवाज दबाने में लगी हुई है. जिसे लेकर छात्रों ने धरना प्रदर्शन किया... जहां पुलिस और छात्रों में जंग का महौल देखा जा सकता है. पुलिस छात्रों को आतंकवाद की तरहा मिटाने में जुटी हुई है. मानें युनिवर्सिटी जंग का मैदान बन गई है. इसी को लेकर आज ट्वीटर पर भी काफी गरमा गरमी देखने को मिली. कई जाने माने हस्तियों ने छात्रो का पक्ष लेते हुए ट्वीट भी किया.

बीएचयू होल्कर भवन का घेराव,असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्तियों के खिलाफ छात्रों ने किया प्रदर्शन

BY: JYOTI KUMARI कभी शिक्षा के लिए जाने वाला बीएचयू आज कल आये दिन मीडिया में विवादों के लिए बना रहता है. एक बार फिर विश्वविद्यालय असंवैधानिक कारनामा के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है. बीएचयू में एक बार फिर जातिवाद का खेल अनारक्षित पदों के लिए शुरू हो गया है जिसमें SC\ST\OBC के आवेदकों को अयोग्य ठहराया गया है.जिसपर छात्रों ने होल्कर भवन का घेराव करते हुए धरना-प्रदर्शन कर रहे है. दरअसल बीएचयू के Performing Arts विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति के इंटरव्यू में SC/ST\OBC के कैंडिडेटस को इसलिए अयोग्य करार दे