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India

سپريم کورٹ نے جاری کيا اليکشن کميشن کو نؤٹس۔

By- Naeem ~ بی جے پی کے دور ے اقتدار ميں کئی معاملے گرم رہے۔ اور انہيں تمام معلوملات ميں سے ايک ہے ای وی ايم کا معاملہ۔ جو بار بار سر اٹھا ليتا ہے۔ ہمارے پچھلے مضمون "ای وی ايم کی کہانی شجہ سيد کی زبانی" ميں آپنے پڑھا کہ کيسے اور کتنے بڑے گھوٹالے ميں شامل ہے بی جے پی۔ شجہ کو اپنی جان بچانے کے ليے اپنا ہی ملک چھوڑ کر بھاگنا پڑا ليکن پھر بھی اسنے ايک ذميدار ہندوستانی کی طرح سامنے آ کر عوام کے سامنے سچ رکھا۔ خير اب اس ای وی ايم نامی جن کی پھر سے نمود ہوئی ہے۔ اور ابکی بار ای وی ايم کے سرخيوں ميں ہونے کی وجہ ہے کورٹ کا وہ نوٹس…

THE BIOPSY OF A CARCINOMA

THE BIOPSY OF A CARCINOMA. Manohar Parrikar (13th-Dec-1955 to 17th-Mar-2019) Gavin Alvares, a Goan, He was called the “tallest leader in the state” by his sycophantic followers, a “great administrator” by his obsequious stooges, and a “decisive governor” by his servile lackeys. The reality was very different for those who could see beyond the veneer of the IIT credentials and clean image he hid behind. Manohar Gopalkrishna Prabhu Parrikar joined the RSS young, and fully immersed himself in its poisonous culture of…

वह एक विदूषक का प्रतिअक्स भर है, हाँ कन्हैया कुमार…

By- Sanjeev Chandan   ~ कन्हैया कुमार के शोध शिक्षक हैं एसएन मालाकार. मालाकार जाति के सवाल पर बहुत स्पष्ट समझ और धारणा वाले शिक्षक हैं. लेकिन संकट यह है कि कन्हैया कुमार की जाति का असर इतना गहरा है कि उसे न जाति की समझ बन पायी न जेंडर की. सवर्ण पब्लिक स्फीअर के कंधे पर बैठा कन्हैया कुमार महिला पत्रकार द्वारा उसकी जाति के लाभ के बारे में पूछे जाने पर पलटकर पत्रकार की जाति का लाभ पूछ लेता है. पत्रकार भी इस मामले में ऊंची जाति की महिला है जो सदियों से प्रिविलेज्ड जाति की कथित सदस्य है और कन्हैया की जाति ने उन्नीसवीं सदी के पहले…

गढ़ में घुसकर संघ को चुनौती दे रही हैं डॉ. मनीषा बांगर

Published By- Aqil Raza BY - संतोष यादव प्राख्यात चिकित्सक व समाज सेविका डॉ. मनीषा बांगर नागपुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रही हैं। वहीं नागपुर जहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का मुख्यालय है। हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब बहुजन समाज ने ब्राह्मणवादी विचारों के पोषक आरएसएस को चुनौती दी है। डॉ. अम्बेडकर ने नागपुर में ही लाखों लोगों के साथ बौद्ध धर्म स्वीकार किया था। एक बार फिर ब्राह्मणवादियों को चुनौती दी जा रही है। डॉ. बांगर केंद्रीय मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन गडकरी के खिलाफ लड़ेंगी। इस संबंध में…

نتن گڈکری کے خلاف چناؤ لڑينگی ڈکٹر منيشا بانگر۔

 ا قيل راجا لوکسبھا انتخابات کا اعلان ہو چکا ہے۔ پورے ملق ميں اسے لے کر تمام سياسی کوشِشيں تيز ہو گيی ہيں۔اس بار کے انتخابات کی خاصيت يہ ہے کہ اس بار محروم تبقہ کے وہ لوگ بھی آ رہے ہيں عقل و شعور رکھتے ہيں اور کسی سياسی خاندان کے ميمبر نہيں ہيں۔ ان ميں ايک ڈاکٹر منيشا بانگر بھی ہيں جو ناگپر ميں پی پی آی ۔ ڈی کے ٹکٹ پر چناؤ لڑينگی اور نتن گڈکری کو ٹکر دينگی۔ انکے ذريعہ ناگپر سے چناؤ لڑنے کا اعلان کيے جانے سے ناگپر کے بہوجن معاشرے کے لوگوں ميں خوشی کی لہر دوڑ گيی ہے۔ ڈاکٹر باگر بہوجنوں' اقليت اور سکھ سماج کے لوگوں کے بيچ ميں…

हम “कांशीराम साहेब”के विरासत को कैसे याद करेंगे “बसपा संस्थापक या बामसेफ संस्थापक” के तौर पर?

By - ले.प्रवीण प्रियदर्शी बामसेफ संस्थापक कांसीराम साहेब को भले ही बसपा के लोग उन्हें 3-4 दसक में भूल जाएं परंतु बामसेफ के प्रशिक्षण शिविरों में कांसीराम/खापर्डे/दिनाभाना साहेब हमेशा चिरस्थायी बने रहेंगे। मेरा अध्ययन/अनुभव ऐसा कहता है कि लोग राजनीतिक शक्ति/राजनेता को जितना तेजी से ग्रहण करते हैं उतना तेजी से उनके योगदान को भूला दिए जाते हैं।जैसे गांधी जी, नेहरू जी को जितना आरएसएस याद नही करता उतना बलिराम हेडगेवार, गोलवलकर,सावरकर आदि को याद करता है।इसका कारण है कि गांधी, नेहरू,जेपी ,लोहिया आदि जैसे नेताओं ने सांगठनिक शक्ति के…

कांशीराम: राजनीति का बेमिसाल रसायनशास्त्री

Published by- Aqil Raza By- Dilip C Mandal  ~ भारतीय राजनीति में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ. और दूसरी बार ऐसा कब होगा, यह सवाल भविष्य के गर्भ में है. लगभग 50 साल की उम्र में एक व्यक्ति, वर्ष 1984 में एक पार्टी का गठन करता है. और देखते ही देखते देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश, जहां से लोकसभा की 85 सीटें थीं, में इस पार्टी की मुख्यमंत्री शपथ लेती है. यह पार्टी पहले राष्ट्रीय पार्टी और फिर वोट प्रतिशत के हिसाब से देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बन जाती है. जिस व्यक्ति ने इस पार्टी का गठन किया, वह बेहद साधारण परिवार से संबंधित था.…

नितिन गडकरी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी डॉ. मनीषा बांगर

By-  अकील राजा लोकसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है। पूरे देश में इसे लेकर तमाम राजनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं। इस बार के चुनाव की खासियत यह है कि इस बार वंचित तबके के वे लोग भी आ रहे हैं जो बुद्धिजीवी हैं और किसी राजनीतिक परिवार के सदस्य नहीं हैं। इनमें डॉ. मनीषा बांगर भी एक हैं जो नागपुर में पीपीआई-डी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी और नीतिन गडकरी को चुनौती देंगी। उनके द्वारा नागपुर से चुनाव लड़े जाने की घोषणा से नागपुर के बहुजन समाज के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। डॉ. बांगर बहुजनों, अल्पसंख्यकों और सिक्ख समाज के लोगों के बीच में…

8 वीं पास युवती ने बनाया 22,000 महिलाओं को आत्मनिर्भर

नमन: श्रीमती रूमा देवी कुमावत 8 वीं पास युवती ने बनाया 22,000 महिलाओं को आत्मनिर्भर । राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक युवा महिला श्रीमती रूमा देवी कुमावत, जिसका विवाह महज 17 वर्ष की उम्र में हो गया था, वह आपनी जिजीविषा से परिस्थितियों से जूझ रही थी। वह बैग और कुशन कवर बनाती थीं लेकिन आय बहुत कम हो रही थी। https://www.youtube.com/watch?v=4xYQVlnilV4 गरीबी और विषम परिस्थितियों से मुकाबला करते हुए कुछ अलग करने का निश्चय किया। अपने गांव की निरक्षर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिये दस महिलाओं का एक स्वयं सहायता समूह…

बज चुका है चुनावी बिगुल, देखिए कौन सी सीटों पर कब हैं चुनाव?

Published By- Aqil Raza  ~   लोकसभा चुनाव 2019 का चुनावी बिगुल बज चुका है। चुनाव आयोग ने रविवार शाम हुई प्रेस कांफ्रेंस में स्पष्ट कर दिया कि देश में आम चुनाव सात चरणों में संपन्न होंगे। 23 मई को मतगणना के साथ ही देश में नई सरकार तय हो जाएगी। देखिए किस सीट पर कब होंगे चुनाव। उत्तर प्रदेश-  80 सीट 11 अप्रैल: सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर 18 अप्रैल: नगीना, अमरोहा, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, आगरा, फतेहपुर सीकरी 23 अप्रैल : मुरादाबाद, रामपुर, संभल, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा,…