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गोडसे को देशभक्त कहने वाली प्रज्ञा ठाकुर रक्षा मंत्रालय से क्यों हुई बाहर

भाजपा ने लोकसभा में अपनी सांसद प्रज्ञा ठाकुर के विवादास्पद बयान की निंदा की और कहा कि उन्हें रक्षा मामलों की परामर्श समिति से हटाया जाएगा. भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संवाददाताओं से कहा भाजपा लोकसभा सांसद प्रज्ञा ठाकुर की टिप्पणी की निंदा करती है. पार्टी ऐसे बयानों का समर्थन नहीं करती. नड्डा ने आगे कहा हमने निर्णय लिया है कि उन्हें रक्षा मामलों की परामर्श समिति से हटाया जायेगा. साथ ही संसद के इस सत्र के दौरान वे भाजपा संसदीय दल की बैठक में हिस्सा नहीं ले सकेंगी. हम इस बारे में बिल्कुल स्पष्ट हैं कि उनका बयान

झारखंड चुनाव सभा में कम भीड़ देख भड़के अमित शाह !

महाराष्ट्र में सरकार बनाने में नाकाम रही बीजेपी को अब झारखंड में भी बाज़ी पलटती नज़र आ रही है. बीजेपी को चुनाव से पहले ही हार का डर सताने लगा है. इसीलिए बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह खुलेआम अपनी रैली में ये कहते दिखाई दे रहे हैं कि वह इतनी भीड़ से नहीं जीत पाएंगे. दरअसल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह झारखंड के चतरा में एक रैली को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से कहा ये 10-15 हजार लोगों से हम जीत लेंगे क्या. मुझे भी गणित आता है मैं भी बनिया हूं बेवकूफ मत बनाओ आपको एक रास्ता बताता हूं. आप

महाराष्ट्राने खोदली नवपेशवाईची कबर !

By- सुनील खोबरागडे महाराष्ट्राचे १९ वे मुख्यमंत्री म्हणून शिवसेनेचे प्रमुख उध्दव ठाकरे यांनी शपथ घेतली आहे. शिवसेना-काँग्रेस-राष्ट्रवादी या तीन प्रमुख पक्षांच्या व अन्य लहानसहान पक्षांच्या सहभागातून स्थापन झालेल्या या महाविकास आघाडीचे हे सरकार ऐतिहासिक दृष्ट्या अत्यंत महत्वाचे आहे. मागील पाच वर्षात महाराष्ट्रात हैदोस घालणाऱ्या नवपेशवाईने महाराष्ट्रातील शुद्रातिशूद्र आणि अल्पसंख्याकांचे जिणे हराम केले होते. आज रा.स्व.संघ-भाजपच्या अभद्र मनसुब्यांना हाणून पाडुन स्थापन झालेले महाविकास आघाडीचे सरकार फडणवीस सरकारकडून

महाराष्ट्र हा फुले-शाहू-आंबेडकरांचा पुरोगामी महाराष्ट्र म्हणून ओळखला जातो

By- मिलिंद धुमाळे ~ कारण महाराष्ट्राला या तीन थोर समाज सुधारकांचा वैचारिक वारसा लाभला आहे.विषमतेत बरबटलेल्या महाराष्ट्राची विस्कटलेली सामाजिक घडी बसवली ती या तिघांनी. क्रांतिसूर्य महात्मा जोतीबा फुले आणि भारतीय घटनेचे शिल्पकार डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर यांचं नातं हे गुरु-शिष्याचं नातं आहे.बाबासाहेबांनी तीन गुरु केले तथागत भगवान गौतम बुद्ध संत कबीर आणि महात्मा जोतीबा फुले.या तिघांचे वैशिष्ट्य हे कि तिघांनीही दैवावाद नाकारला.ब्राह्मणवादाचा कडाडून विरोध केला. डॉक्टर बाबासाहेबांनी त्यांचा वैचारिक वारसा पुढे चालविला.

फूले से लेकर फूलन तक

मैं जब भी कभी महिलाओं के बारे में सोचती हूँ तो एक तरफ मुझे फूले दम्पत्ति-फातिमा शेख़ दिखते हैं और दूसरी तरफ फूलन दिखती हैं. ज्योतिबा फूले साहब- सावित्री बाई- फातिमा शेख ने महिलाओं के लिए शिक्षा का मार्ग प्रशस्त किया और उन्होंने महिलाओं को पढ़ाकर समाज को बेहतरी की तरफ ले जाने की कोशिश की. जहाँ पिछड़े वर्ग के माली समाज से आने वाले फूले साहब लड़कियों को अपने हिस्से का दावा करने के लिए एक उम्मीद प्रेरणा और हाथ में किताब देते हैं. वहीं पर जब हम लड़कियाँ फूलन को पढ़ती हैं तो मन में सवाल उठता है कि आखिर वो किस जाति किस समाज के

परिनिर्वाण दिवस ( 28 नवंबर 1890) भारत में देशज आधुनिकता के प्रवर्तक: जोतिराव फुले

By–डॉ सिद्धार्थ रामू~ आधुनिक भारत में शूद्रों-अतिशूद्रों, महिलाओं और किसानों के मुक्ति-संघर्ष के पहले नायक जोतीराव फुले हैं. जिन्हें ज्योतिबा फुले नाम से भी जाना जाता है. डॉ. आंबेडकर ने गौतम बुद्ध और कबीर के साथ ज्योतिबा फुले को अपना तीसरा गुरु माना है. अपनी किताब ‘शूद्र कौन थे?’ महात्मा फुले को समर्पित करते हुए बाबा साहेब ने लिखा है कि ‘जिन्होंने हिन्दू समाज की छोटी जातियों को उच्च वर्णों के प्रति उनकी ग़ुलामी की भावना के संबंध में जाग्रत किया और जिन्होंने सामाजिक लोकतंत्र की स्थापना को विदेशी शासन से मुक्ति पाने से

The Indian Renaissance was lighted up by Jyotirao Phule

~ Milind Patil He was the Executive Director of 'Pune Commercial & Contracting Company'. Jotiba was a successful businessman. His company made magnificent and costly constructions of canals, tunnels, bridges, buildings, textiles, palaces and roads. The important work done by Jotiba's company is the Katraj tunnel, the Yerwada Bridge and the canal of the Khadakwasla Dam. In the report of the British Government's Education Department, it was found that during 1850, he had arranged to provide industrial and agricultural

महाराष्ट्र में उद्दव ठाकरे 28 नवंबर को शपथ लेंगे !

अजीत पवार से मिले झटके और शरद पवार के राजनीतिक कौशल से पस्त देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को जब ऐलान किया कि वह अपना इस्तीफा देने के लिए गवर्नर के पास जा रहे हैं तो बीजेपी आलाकमान इस पूरे घटनाक्रम को टीवी पर दिल्ली में लाइव देख रहा था. इससे कुछ घंटे पहले, पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संसद भवन स्थित पीएम के ऑफिस में बैठक की थी. सूत्रों का कहना है कि फ्लोर टेस्ट से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हुई इस बैठक के बाद हालात कुछ ऐसे थे कि नेताओं को फडणवीस के इस्तीफे

BJP के ‘चाणक्य’ माने जानेवाले गृह मंत्री अमित शाह को शरद पवार ने दी जोरदार पटखनी

महाराष्ट्र की सियासत के माहिर खिलाड़ी एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार का नाम इस समय हर किसी की जुबान पर है. बीजेपी के 'चाणक्य' माने जानेवाले गृह मंत्री अमित शाह को महाराष्ट्र के सियासी दांवपेच में 79 साल के इस कद्दावर नेता ने जोरदार पटखनी दी है. शरद पवार ने अपने भतीजे अजित पवार की घर वापसी करा बीजेपी का बना बनाया समीकरण ही बिगाड़ दिया जिसकी वजह से 3 दिन बाद ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा. उद्धव ठाकरे को मंगलवार को जिस समय गठबंधन का नेता चुना जा रहा था होटल के बाहर जमा लोग

भीम आर्मी चंद्रशेखर: संविधान विरोधी ताक़तो के ख़िलाफ देशव्यापी अभियान चलाये जाएगा

आज पूरे देश में बाबा साहब डॉ भीमराव आंबेडकर को याद कर संविधान दिवस मनाया जा रहा है. वही आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संविधान दिवस के मौक़े पर संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे. आपको बता दें कि 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने संविधान के उस प्रारूप को स्वीकार किया. जिसे डॉ. बीआर आंबेडकर की अध्यक्षता में ड्राफ्टिंग कमेटी ने तैयार किया था. इसी रूप में संविधान 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ और भारत एक गणराज्य बना. इसी की याद में 26 नवंबर के दिन को संविधान दिवस मनाने का चलन 2015 को शुरू किया गया. लेकिन दिलचस्प है कि ये चलन उस साल