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भीम आर्मी चंद्रशेखर: संविधान विरोधी ताक़तो के ख़िलाफ देशव्यापी अभियान चलाये जाएगा

आज पूरे देश में बाबा साहब डॉ भीमराव आंबेडकर को याद कर संविधान दिवस मनाया जा रहा है. वही आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संविधान दिवस के मौक़े पर संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे. आपको बता दें कि 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने संविधान के उस प्रारूप को स्वीकार किया. जिसे डॉ. बीआर आंबेडकर की अध्यक्षता में ड्राफ्टिंग कमेटी ने तैयार किया था. इसी रूप में संविधान 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ और भारत एक गणराज्य बना. इसी की याद में 26 नवंबर के दिन को संविधान दिवस मनाने का चलन 2015 को शुरू किया गया. लेकिन दिलचस्प है कि ये चलन उस साल

महाराष्ट्र: सियासी फेरबदल जारी कल फिर होगा SC में सुनवाई!

महाराष्ट्र में भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. याचिका पर न्यायमूर्ति एनवी रमना न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ सुनवाई कर रही है. महाराष्ट्र सरकार के गठन पर सवाल उठाते हुए शिवसेना की तरफ से पेश हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि बहुमत के लिए 145 विधायकों की जरुरत है. प्रदेश से मनमाने तरीके से राष्ट्रपति शासन हटाया गया। सिब्बल ने कहा सरकार के पास बहुमत है तो आज ही साबित करे. इसके जवाब में जस्टिस भूषण ने कपिल सिब्बल से पूछा कि विधायकों के समर्थन की

बीजेपी पर लगा चंदा लेने का आरोप, ‘टेरर फंडिंग’ के मामले पर ईडी की चल रही जांच?

बीजेपी पर एक ऐसी कंपनी से चंदा लेने के आरोप लग रहे हैं. जिस पर टेरर फंडिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ईडी की जांच चल रही है. बीजेपी को जिस आरकेडब्ल्यू डेवलपर्स लिमिटेड नाम की कंपनी ने सबसे बड़ा चंदा दिया है उसकी टेरर फंडिंग मामले में जांच चल रही है. इस कंपनी पर आरोप है कि 1993 में हुए मुंबई बम धमाकों की आरोपी इकबाल मेमन उर्फ इकबाल मिर्ची से इसके संपत्ति खरीदने और लेनदेन के रिश्ते हैं. इस मामले पर खुलासा करते हुए रोहिणी सिंह द वायर पर लिखती हैं बीजेपी को सबसे ज्यादा चंदा देने वाली कंपनी आरकेडब्ल्यू डेवलपर्स लिमिटेड की

महाराष्ट्र में क्या गिर जाएगी बीजेपी सरकार ?

महाराष्ट्र में शनिवार को सियासत ने ऐसी करवट ली कि हर कोई दंग रह गया. बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस और एनसीपी नेता अजित पवार ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राजभवन में दोनों नेताओं को शपथ दिलाई. बदले सियासी घटनाक्रम के बाद राज्य में राजनीतिक उथल-पुथल मचना जाहिर है. बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में मौजूदा स्थिति के बाद कांग्रेस एनसीपी प्रमुख शरद पवार से नाराज है. सूत्रों ने यह दावा किया है. कांग्रेस का कहना है कि शरद पवार ने शिवसेना के साथ बातचीत में देरी की. कांग्रेस के मुताबिक पवार

महाराष्ट्र में बीजेपी की बनी सरकार क्या जनता के हक में होगी बात?

महाराष्ट्र में 23 नवंबर को भारतीय सियासत का सबसे बड़ा उलटफेर हुआ . शनिवार सुबह अचानक बीजेपी नेता देवेंद्र फड़णवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. वहीं एनसीपी के नेता अजीत अनंत पवार ने राज्य के डिप्टी सीएम पद की शपथ ली. जिससे शिवसेना को बड़ा झटका लगा है और वही सुबह तक उद्धव ठाकरे के सीएम बनाए जाने की खबर सामने आ रही थी. दिन में कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना की बैठक भी होनी थी. लेकिन अचानक सबकुछ बदल गया और बीजेपी-शिवसेना की गठबंधन सरकार बन गई. वही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा और दोनों नेताओं को बधाई दी है.और

मजदूरी और अशिक्षा के शिखर पर बहुजन बच्चों का कैसा ये बाल दिवस

ब्राह्मण ठाकुर और वैश्य समाज में गरीब होंगे. लेकिन उनके बच्चे मजदूरी नही करते उनके बच्चे बाल मजदूर नही हैं. बाल मजदूर सिर्फ ओबीसी एससी एसटी और मुसलमान समुदाय में मिलेंगे. मुसलमान में भी केवल भारतीय मूल के मुसलमान बेहद गरीब हैं. अशरफ(विदेशी मूल) समुदाय के मुसलमानों के बच्चे तो विदेशों में पढ़ते हैं. उनके बाप दादा हर बड़ी छोटी पार्टी में नेता हैं . भारत में 1,60,00,000 बाल मजदूर हैं. जिनकी उम्र 5 से 14 साल के बीच है. पढ़ाई लिखाई खेलने कूदने की उम्र में उन्हें श्रम करना होता है. तब जाकर उन्हें दो वक़्त की रोटी नसीब होती है .

बच्चे विश्वविद्यालयों में मारे जाते रहें, तो बाल-दिवस कैसे मनाएं?

आईआईटी मद्रास में एमए फस्ट ईयर की एक छात्रा ने रहस्यमयात्मक तौर से आत्महत्या कर ली है. आत्महत्या करने वाली छात्रा का नाम फातिमा लतीफ है. और केरल के कोल्लम जिले की रहने वाली थी और वो ह्यूमैनिटीज एंड डिवेलपमेंट स्टडीज इंटीग्रेटेड विषय में एमए फस्ट ईयर की छात्रा थी.और अपने क्लास में सबसे टॉपर थी. आशंका जताई जा रही है कि छात्रा ने एक प्रोफेसर के दबाव में आकर आत्महत्या की है. परिजनों के मुताबिक जिस प्रोफेसर पर आरोप है वो छात्रों को परेशान करता था. फातिमा लतीफ कोई आम लड़की नहीं थी. देश की प्रतिभा थी. एंट्रेंस टेस्ट की टॉपर

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग शुरु!

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जिनके खिलाफ महाभियोग की जांच शुरु की जा रही है. कि वो अपने राजनयिको को बदनाम कर रहे है. और ये राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ महाभियोग की जांच से जुड़ी पहली सार्वजनिक सुनवाई थी. जो कि बुधवार को वॉशिंगटन में हुई. जिसमें अमेरिका के शीर्ष राजनयिक बिल टेलर और जॉर्ज केंट हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स के सांसदों के सामने पेश होने वाले सबसे पहले गवाहों में शामिल हैं. जॉर्ज केंट अमरीका की यूक्रेन नीति के प्रभारी हैं.आपको बता दें. कि महाभियोग एक तरह की जांच है. जिसके ज़रिए अमरीकी राष्ट्रपति को

जंगल और ज़मीन बचाने की लड़ाई लड़ रहें आदिवासियों का संघर्ष!

आदिवासियों की पहचान जल, जंगल और ज़मीन से ज़रूर है. लेकिन प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण उन्हें इन दिनों अपने मूल स्थान से विस्थापित होना प़ड रहा है. हालांकि वे अपने अधिकारों के लिए आवाज़ बुलंद कर रहे हैं, लेकिन अफ़सोस कि उनकी आवाज़ नक्कारख़ाने में तूती की आवाज़ ही साबित हो रही है. विकास के नाम पर विगत कई वर्षों से झारखंड के आदिवासी विस्थापन का दर्द बहुत झेल रहे है वही छत्तीसगढ़ के उत्तरी भाग में करीब एक लाख सत्तर हजार हेक्टेयर में फैले हसदेव अरण्य के वन क्षेत्र में जंगलों पर उजड़ने का खतरा मंडरा रहा है. इन

जेएनयू जैसे संस्थानों को बचाना क्यों जरूरी है?

जेएनयू में मेरे कई दोस्त हैं जो बहुजन, ओबीसी और मुस्लिम समाज से आते हैं. 'बहुजन साहित्य संघ' में जब मैं पैनलिस्ट के तौर पर गई थी, तो वहां कई ऐसी बहुजन लड़कियों से मुलाक़ात हुई, जो हजारों साल से हो रहे अन्याय के खिलाफ़ मुखर होकर बोल रही थीं. वो सुना रही थी अपने साथ हुई उन कहानियों को, जिनमें संघर्ष ही संघर्ष था और जो बदस्तूर अभी भी जारी है. ज्यादातर लड़कियां मेरी ही तरह अपने घर-परिवार की पहली पीढ़ी थी, जो पढ़-लिखकर और संघर्ष कर यहां तक पहुंची थी. अब ये लड़कियां ना केवल बोल रही थीं, बल्कि ख़ुद के लिए और आने वाली पीढ़ियों के