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तेलंगाना सरकार डॉ. मनीषा बांगर को इसलिए इश्वरी बाई मेमोरियल अवार्ड से नवाज़ रही है

प्रतिष्ठित सामाजिक न्याय क्रूसेडर डॉ. मनीषा बांगर के नाम इस साल (2020) का तेलंगाना सरकार और ईश्वरी बाई मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा दिए जाने वाला इश्वरी बाई मेमोरियल अवार्ड घोषीत किया गया है वहीं उत्पीड़ित बहुमत से मुक्ति के लिए डॉ. मनीषा बागर सामाजिक और राजनीतिक अभियान हम सभी के लिए प्रेरणा की गाथा रहा है। 2019 के लोकसभा चुनावों में, मनीषा बांगर ने हैदराबाद से नागपुर तक की यात्रा की और बीजेपी के जाने माने चेहरे नितिन गडकरी के खिलाफ जमकर चुनाव लड़ा। कौन हैं डॉ। मनीषा बांगर? शायद उसे भारत में किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है। आज

RSS के गढ़ में मोहन भागवत पर जमकर गरजे चंद्रशेखर

भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुख्यालय के पास कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने आरएसएस को प्रतिबंध करने की मांग की. आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत को आजाद ने सीधे चुनाव लड़ने की खुली चुनौती तक दे डाली है. उनका कहना है कि वह भी देखना चाहते है कि आरएसएस के एजेंडे को कितने समर्थकों का समर्थन मिलता है. आजाद ने कहा कि मैं मोहन भागवत को एक सुझाव देना चाहता हूं कि वो अपने झूठ का मुखौटा उतारे और मैदान में आकर लड़े. यह एक लोकतांत्रिक देश है यहां सबको अपनी बात रखने का हक है. आजाद

शाहीनबाग : वजाहत हबीबुल्लाह ने दायर किया हलफनामा, पुलिस ने बेबात सड़कों को किया ब्लॉक

दिल्ली के शाहीन बाग में CAA के खिलाफ लगातार दो महिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन खत्म होने का नाम ही नही ले रहे है. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए वार्ताकार नियुक्त किए. वार्ताकारों के 4 बार शाहीन बाग पहुंचने के बाद उन्हें यह पता लगा कि सड़के ब्लॉक करने में शाहीन बाग प्रदर्शनकारियों का कोई हाथ नही है. वजाहत हबीबुल्लाह ने मामले का जायजा लेने के बाद सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है. जिसमें कहा गया है कि जो 5 सड़के ब्लॉक है उनके जिम्मेदार शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी नही है. बल्कि उन

पूरे देश में दिखा भारत बंद का असर

भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर ने आज भारत बंद का आह्वाहन किया है. इसका ऐलान उन्होंने पहले ही कर दिया था. इसके साथ ही उन्होंने एससी,एसटी और अल्पसंख्यक वर्ग के नेताओं से अपील की है कि वह भारत बंद का समर्थन करें. अगर अल्पसंख्यक वर्ग के सांसद और विधायकों ने ऐसा नही किया तो उनके घर के आगे भी ऐसे ही प्रदर्शन होगा. वहीं भीम आर्मी चीफ नें प्रमोशन में आरक्षण को लेकर 23 फरवरी को भारत बंद बुलाया है. जिसका प्रभाव देश के राज्यों में देखने को मिल रहा है. जानकारी के मुताबिक भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर का यह प्रदर्शन जो आरक्षण को लेकर किया

CAA के खिलाफ जाफराबाद में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, चौकसी बढ़ी

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन बढ़ते जा रहे है. जिसका एक और मामला जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास से सामने आया है. जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पर शनिवार रात लगभग 500 के करीब लोग इक्टठा हुए और इस प्रदर्शन की शुरुआत की. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका यह प्रदर्शन सीएए के खिलाफ एकजुटता को मजबूत करना है. प्रदर्शन मेट्रो के सामने ही हो रहा है जिसके चलते वहां आवाजाही बाधित कर दी गई. यहां तक की मेट्रो को भी जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पर नही रोका जा रहा है. इसके साथ ही प्रदर्शन के चलते सीलमपुर को मौजपुर और यमुना

शाहीनबाग : नोएडा से फरीदाबाद जाने वाला रास्ता खुला

शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हो रहे भारी प्रदर्शन के बाद जो सड़के जाम थी उसे अब खोल दिया गया है. आश्रम, जामिया, ओखला, बाटला हाउस से नोएडा और फरीदाबाद जाने वाले रास्ते को खोला गया है. शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने जिस रास्ते को खोला है, उस रास्ते से केवल बाइक और कार ही नोएडा और फरीदाबाद के लिए जा सकतें है. इस फैसले पर प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के नियुक्त किए गए वार्ताकारों से बातचीत के बाद उन्होंने रास्ते को खोलने का फैसला किया है. साथ ही यह भी पता चला है कि इस संबंध में

शाहीन बाग: वार्ताकारों की कोशिश चौथे दिन भी नाकाम, लौटे खाली हाथ

भारत की राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर चल रहे प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने वार्ताकार नियुक्त किए है. जिससे वार्ताकार शाहीन बाग जाकर प्रदर्शकारियों से बात करें और कोई सामाधान निकाले. लेकिन चौथे दिन भी वार्ताकारों के बात करने के बावजूद अब तक कोई समाधान नही निकल पाया है, और शाहीन बाग का रास्ता नही खुल पाया है. प्रदर्शनकारियों ने वार्ताकारों के आगे अपनी मांगे रखी लेकिन कोई हल नही निकला और सब कुछ बेनाकाम रहा. वहीं इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट के नियुक्त किए गए वार्ताकार संजय हेगड़े और साधना

जामिया की लीक वीडियो से मचा हड़कंप, छात्रों से पूछताछ जारी

जामिया मिलिया इस्लामिया के कई छात्रों से दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को पूछताछ की. 15 दिसंबर को जामिया यूनिवर्सिटी में पुलिस की कार्रवाई के दौरान कई छात्र गंभीर रुप से घायल हुए थे, जो घटना स्थल पर मौजूद थे. दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा में पूछताछ के लिए विशेष तौर पर उन्हें ही बुलाया गया. PTI12_13_2019_000300B वहीं गुरुवार से एक दिन पहले बुधवार को पुलिस ने जामिया के 10 छात्रों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था. जिसमें से हिंसा मामले की पूछताछ के लिए 7 छात्र ही पेश हुए. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि दिल्ली पुलिस

‘कोई मरने ही आ रहा है तो जिंदा कैसे जाएगा’- सीएम योगी

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शकारियों पर विवादित बयान दिया है. योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा जो मरना चाहता है उन्हें कोई नही बचा सकता. उन्होंने आगे कहा कि कानून के खिलाफ प्रदर्शकारियों में से कोई भी पुलिस की गोली से नही मरा. जो भी मरे है वो प्रदर्शन करने के कारण दंगाईयों की गोली से मरे है. योगी ने आगे कहा कि यूपी पुलिस की आलोचना की बजाय प्रशंसा होनी चाहिए. जिन्होंने कड़ी मश्क्कत से स्थिती को काबू में किया. बता दें कि सीएम योगी आदित्यानाथ ने CAA के विरोध में हुए

जातिवार जनगणना: हमको भी गिनो, नहीं तो गद्दी छोड़ो

1931 के बाद के बाद हमारे देश में कोई जातिवार जनगणना नहीं हुई। आख़िर क्या वजह है कि भारत सरकार ने अपने देश की सामाजिक सच्चाई को जानने से हमेशा मुँह चुराया? जो समाज सर्वसमावेशी नहीं होगा, उस पाखंड से भरे खंड-खंड समाज के ज़रिये अखंड भारत की दावेदारी हमेशा खोखली व राष्ट्र-निर्माण की संकल्पना अधूरी होगी। आख़िर जातिवार जनगणना की माँग क्यूं ज़रूरी है? वह इसलिए कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में अलग-अलग क्षेत्रों में ओवर-रेप्रज़ेटेड व अंडर-रेप्रज़ेंटेड लोगों की सामाजिक पृष्ठभूमि, उनकी आजीविका के क्षेत्र, आदि का एक हक़ीक़ी डेटा सामने