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फूलन देवी के जीवन से जुड़ा वो सच जो नहीं जानते होंगे आप!

अपने ऊपर हुए बेंइतहां जुल्मों का बदला लेने के लिए और मनुवादी व्यव्स्था को चकनाचूर किए जाने को लेकर पूरे विशव में बेंडिड क्यून के नाम से पहचानी जाने वालीं फूलन देवी जिनकी आज ही के दिन यानि 25 जुलाई 2001 को दिल्ली में हत्या कर दी गई थी। फूलन ने 11 सालों तक जेल की गुमनाम जिंदगी और फिर लोकतंत्र के मंदिर संसद भवन तक का सफर तय किया है. भारत के अब तक के इतिहास में जो एकमात्र नाम बलात्कारियों के मन में खौफ पैदा कर सकता है, वो सिर्फ विश्व इतिहास की श्रेष्ठ विद्रोहिणी फूलन देवी जी हैं. उनके निधन पर भारतीय गणराज्य के राष्ट्रपति के. आर.…

लोकसभा में NMC बिल हुआ पेश , मेडिकल छात्र क्यों कर रहे इसका विरोध?

मोदी सरकार 63 साल पुराने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया यानी MCI को हटाकर, उसकी जगह नेशनल मेडिकल कमीशन यानी एनसीएम बनाने जा रही है. मेडिकल एजुकेशन, चिकित्सा वृति और मेडिकल संस्थाओं के नियमन के लिए राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग यानी एनएमसी गठित करने का प्रावधान किया गया है। एनसीएम विधेयक 2019 को लोकसभा में पेश भी किया जा चुका है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन ने यह विधेयक पेश किया। इस बिल का काफी वक्त से विरोध भी होता रहा है जिसकी वजह से यह सदन से पास नहीं हो पाता है। लेकिन अब एक बार फिर यह बिल सदन में पेश किया…

कर्नाटक में गिरी कुमारस्वामी सरकार, मायावती ने की बड़ी कार्रवाई!

By: Susheel Kumar कर्नाटक में करीब 15 दिनों से चल रहा सियासी नाटक अब खत्म हो गया। सूबे में कांग्रेस-जेडीएस और बसपा के गठबंधन से बनीं सरकार गिर गई। तत्कालीन सीएम एचडी कुमारस्वामी विधानसभा में अपना विश्वास मत हासिल करने में नकाम रहे। विधानसभा में वोटिंग के दौरान कुल 204 विधायक मौजूद रहे। 225 सदस्यीय कनार्टक विधानसभा में विश्वास मत के लिए 20 विधायक सदन में उपस्थित नहीं हुए। विधानसभा अध्यक्ष के. आर. रमेश कुमार ने विश्वास मत के बाद सदन के सदस्यों को बताया कि मुख्यमंत्री एच. डी. कुमार स्वामी विश्वास मत हासिल नहीं कर सके। उन्होंने…

आंध्र प्रदेश सरकार देगी प्राईवेट सेक्टर में भी आरक्षण का लाभ!

आंध्र प्रदेश भारत का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने सभी निजी औद्योगिक इकाइयों और फैक्ट्रियों में स्थानीय लोगों के लिए नौकरियां आरक्षित कर दी हैं। दरअसल आंध्र प्रदेश विधानसभा में 22 जुलाई को आंध्र प्रदेश एम्प्लॉयमेंट ऑफ लोकल केंडिडेट्स इन इंडस्ट्रीज यानि कि फैक्ट्रीज एक्ट, 2019 पास हो गया है। जिसके तहत सभी औद्योगिक इकाइयों, कारखानों के साथ-साथ जन निजी भागीदारी की परियोजनाओं में 75 प्रतिशत नौकरियां स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित होंगी। अब तक कई राज्यों में स्थानीय लोगों के लिए इतने बड़े स्तर पर आरक्षण की बातें हुई हैं, लेकिन…

सोनभद्र नरसंहार पीड़ितों के लिए मायावती का बड़ा ऐलान

सोनभद्र में 17 जुलाई को जमीन विवाद को लेकर नरसंहार के बाद जो देश की गरमाई सियासत सीएम योगी के दौरे के बाद भी थमने का नाम नहीं ले रही है। घटना के बाद से लगातार वहां पार्टी नेताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में बहुजन समाज पार्टी के नेताओं ने उम्भा गांव का दौरा करके मृतकों के परिजनों के साथ उनका दुःख साझा किया। वहीं BSP सुप्रीमों मायावती के निर्देश पर विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा और प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा पीड़ितों से मिलने पहुंचे। वहीं लाल जी वर्मा ने कहा कि मृतक परिवार को 50 लाख रुपये और 10 बीघा जमीन…

मॉब लिंचिंग पीड़ितों से मिलकर क्या बोले नसीरुद्दीन शाह,जानिए

बॉलीवुड एक्टर नसीरुद्दीन शाह अपने बयानों को लेकर कई बार चर्चा में आ चुके हैं। बेबाकी से अपनी बात रखने वाले एक्टर नसीरुद्दीन शाह एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। दरअसल, नसीरूद्दीन शाह हाल ही में मॉब लिंचिंग में मारे गए लोगों के परिजनों से मिले। रविवार को हुई इस मुलाकात में नसीरुद्दीन शाह ने परिजनों को दिलासा दिया। नफरत को अपराधों में राज्य की सहभागिता' को लेकर मुंबई के दादर में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में नसीरुद्दीन शाह ने कहा। पीड़ित और उसके परिजनों को मॉब लिंचिंग में काफी कुछ भुगतना पड़ता है।…

बिहार में 50 साल पहले घट चुकी है सोनभद्र जैसी घटना।

50 साल पहले ऐसी ही घटना घटी थी बिहार में जैसी आज सोनभद्र उत्तरप्रदेश में घटी है। 24 मई 1967 को पूर्णिया जिले के रूपसपुर चंदवा में 14 आदिवासी बटाईदारों की हत्या कर दी गई थी। यह बिहार का पहला बड़ा नरसंहार था। एक भूमि विवाद को लेकर आदिवासियों को उनके झोपड़ों सहित आग के हवाले कर दिया गया था। तब के कांग्रेस के बड़े नेता और विधानसभाध्यक्ष रूपनारायण सिंह का नाम आया था इस कांड के मास्टरमाइंड के रूप में ...खैर। जमींदार घराने से आने वाले विन्देशरी प्रसाद मंडल तब खांटी कांग्रेसी हुवा करते थे, पर आदिवासियों पर हुवे इस नृशंस अत्याचार के…

सोनभद्र:आदिवासियों का नरसंहार, क्या नेताओं, अधिकारियों और ताकतवर लोगों की मिली-भगत?

By- सिद्धार्थ रामू ~ सोनभद्र में आदिवासियों का नरसंहार, कुछ नहीं कर सकते दो बूंद आंसू तो बहा ही लीजिए। वे भी आपके अपने ही हैं। थोड़े देर के लिए ही सही उन्हें अपना मान लीजिए। जान लीजिए, देख लीजिए कितनी निर्ममता से उन्हें गोलियों से भूना गया है। कैसे एक महान आईएएस अफ़सर ने उनके खेत, अपनी बीबी और मां के नाम कराया। कैसे उसे एक बर्बर प्रधान को बेचा। https://www.youtube.com/watch?v=Nc80yxcTlbA&t=99s क्या यह सबकुछ नेताओं, अधिकारियों और ताकतवर लोगों की मिली-भगत के बिना हो सकता था। वक़्त निकाल कर ताकतवर लोगों के असली चेहरे को…

सोनभद्र नरसंहार कांड का सच

बनारस से सटे सोनभद्र जनपद में 16 जुलाई 2019 को दबंग भूमाफिया ने अवैध तरीके से आदिवासियों की जमीन हथियाने के लिए खूनी खेल खेला। हथियारबंद 300 लोगों ने निर्दोष वनवासियों पर करीब आधे घंटे तक अंधाधुंध फायरिंग की। इस घटना में 10 वनवासी मौके पर मारे गए और 25 से ज्यादा अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। बड़ी बात यह है की घटना के समय वनवासियों ने सोनभद्र के एसपी व कलेक्टर से लेकर सभी आला अफसरों को फोन किए। सभी के मोबाइल बंद मिले। 100 डायल पुलिस आई, पर तमाशबीन बनी रही। इस पुलिस के सामने ही चार वनवासियों को गोलियों से छलनी किया गया। घोरावल…

सोनभद्र में आदिवासियों की हत्या मैला आँचल की नजर से:

सोनभद्र में आदिवासियों की हत्या पिछड़ी जाति से आने वाले गुर्जरों ने की है। मैला आँचल ब्राह्मणवाद के इस खेल को बखूबी चिह्नित करता है कि कैसे अपने वर्गीय हित में पिछड़ी और दलित जातियों को वर्गशत्रु के विरुद्ध इस्तेमाल किया जाता है। 2005 के नया ज्ञानोदय के इस लेख में इसका जिक्र मैंने किया था। आपस में लड़ने और प्रतिस्पर्धा करने वाली गांव की सभी जातियां संथालो के खिलाफ एकजूट हो जाती हैं। कई संथाल मारे जाते हैं। मैला आँचल में जाति, वर्ग और जेंडर संबंध पर मेरे लेख का एक अंश: वर्गीय संकट के समय कायस्थ, राजपूत मिलकर पंचायत का षड़यंत्र…