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Opinions

1 मिलियन होने पर NIN के दर्शकों को बधाई!

सबसे पहले शुक्रिया उन सभी लोगों को जिन्होंने हमारे चैनल नेशनल इंडिया न्यूज को 1 मिलियन सब्सक्राईब्र कर हमारा सहयोग दें हमें सराहा है. नेशनल न्यूज चैनल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूटयूब पर कामयाबी का परचंद बुलंद किया है. यूटयूब पर नेशनल इंडिया न्यूज ने 1 मिलियन सब्सक्राईबर होने की उपलब्धि में पुराने रिकॉर्ड तोड़ यह मुकाम हासिल किया है. नेशनल इंडिया न्यूज पर 1 मिलियन लोगों द्वारा जताया गया भरोसा है. जो कि अडिग होने का समर्पण है, जिससे नेशनल इंडिया न्यूज हर प्लेटफॉर्म पर अपने दर्शकों के दिलों पर राज करता है और करता रहेगा

अटल बिहारी वाजपेयी और नेली नरसंहार का क्या है रिश्ता ?

असम के नेल्ली कांड और अटल बिहारी वाजपेयी का क्या रिश्ता हो सकता है, ये कई लोगों को समझ नहीं आएगा। बहुत सारे लोगों को अब 1983 के नेल्ली कांड की याद भी नहीं है या उसके बारे में कुछ पता भी नहीं है। हालांकि, ये ऐसा कांड है जिसका अटल बिहारी वाजपेयी से अटूट रिश्ता है। यह सही है कि अटल बिहारी वाजपेयी की भाजपाई होते हुए भी एक उदार छवि प्रचारित की जाती रही है, भले ही इसके अपने कारण हो सकते हैं। हालांकि असम के नेल्ली में 1983 के फरवरी माह में हुए दंगे एक ऐसा घटनाक्रम है जिसके बारे में जानकर कई लोगों की आंखें खुली रह…

तेज तर्रार अद्भूत वक्ता, कवि, लेखक, ब्राह्मणवाद विरोधी आन्दोलनकारी और प्रखर राजनेता: मुथुवेल करुणानिधि को सलाम

मुथुवेल करुणानिधि. 'मु का का' एवम कलाईनार (तमिल: கலைஞர், "कला का विद्वान") के नाम से पहचाने जाते थे | वे महानतम कलाकार (साहित्य, संगीत और रंगमंच) थे। उनके भीतर कला और राजनीति का बेजोड़ संगम था। साउथ इंडिया की करीब 50 फिल्मों की कहानियां और संवाद लिखने वाले करुणानिधि की पहचान एक ऐसे सियासतदान की थी, जिसने अपनी लेखनी से तमिलनाडु की तकदीर लिखी। एम करुणानिधि का जन्म 3 जून, 1924 को नागपट्टिनम जिले के तिरुवुवालाईयूर में मुथुवेल्लू (पिताजी) और अंजुगम अम्मल (माताजी) के यहाँ हुए था। किशोरावस्था से ही वे द्रविड़ आंदोलन से प्रेरित थे।…

डॉक्टर हर्षदीप काम्बले ने सूरज के अंधेरे जीवन को रोशनी से जगमगाया

किसी की मुस्कराहटों पे हो निसार, किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार, जीना इसी का नाम है, ज़िन्दगी के ये फलसफा अगर हर कोई आजमा ले तो ये दुनिया कितनी खुशनमा हो सकती है, दुनिया में ऐसे लोग काफी कम होते है जो अपने लिए नहीं सोसाइटी के लिए जीते है, इन्ही लोगों में से एक नाम है डॉ. हर्षदीप काम्बले. इस सीनियर IAS ऑफिसर की दानभावना तथा निरतंर प्रयासों से महाराष्ट्र के यवतमाल जैसे बैकवर्ड कहे जाने वाले एरिया से सूरज डांगे नाम का यह लड़का आज अमेरिका में उच्च शिक्षा की पढाई करने जा रहा है। डॉ. हर्षदीप काम्बले 2007 में जब यवतमाल के कलेक्टर…

BBC और मीना कोटवाल: बहुजन महिला पत्रकार के जातिगत प्रताड़ना की कहानी, पार्ट-3

मैं और बीबीसी- 3 ट्रेनिंग खत्म हो चुकी थी. दो अक्टूबर को मैं और मेरे साथ जॉइन करने वाले सभी ऑफ़िस पहुंच चुके थे. न्यूज़रूम में ये हमारा पहला दिन था. बीबीसी के लिए ये दिन बहुत ख़ास था क्योंकि इस दिन बीबीसी हिंदी का टीवी बुलेटिन शुरू हो रहा था, जिसके उपलक्ष्य में बीबीसी के डायरेक्टर जनरल टॉनी हॉल दिल्ली ऑफिस आए थे. ऑफिस में माहौल किसी त्यौहार से कम नहीं था. टॉनी हॉल ने सभी से एक-एक कर हाथ मिलाया. उनका इस तरह मिलने का अंदाज अच्छा लगा. न्यूज़रूम में माहौल एकदम ‘कूल’ बनाया हुआ था. सभी जगह हाहा-हीही की आवाज सुनाई पड़ रही थी. देखने…

BBC और मीना कोटवाल: बहुजन महिला पत्रकार के जातिगत प्रताड़ना की कहानी, पार्ट-2

मैं और बीबीसी- 2 ऑफ़िस के कुछ दिन ट्रेनिंग में ही बीते. जब तक ट्रेंनिंग थी तब तक तो सब कुछ कितना अच्छा था. ऑफ़िस के कई लोग आकर बताते भी थे कि ये तुम्हारा हनीमून पीरियड है, जिसे बस एंजॉय करो. ऑफ़िशियल ट्रेनिंग में अभी कुछ दिन का समय था इसलिए ऑफ़िस में कई अधिकारी, संपादक और वरिष्ठ पत्रकार हमसे मिलने आते रहते थे. इसी तरह एक बार ऑफ़िस के वरिष्ठ पत्रकार हमसे हमारे परिचय के लिए आए थे. पहले उन्होंने अपना परिचय दिया और फिर हमसे एक-एक कर हमारा परिचय लिया. जब हम सब अपना परिचय दे रहे थे, तब वे एक जगह कहते हैं कि अरे आप को कौन नहीं…

BBC और मीना कोटवाल: बहुजन महिला पत्रकार के जातिगत प्रताड़ना की कहानी, पार्ट-1

चार सितम्बर, 2017 का दिन यानि बीबीसी में ऑफिस का पहला दिन. रातभर नींद नहीं आई थी, बस सुबह का इंतज़ार था. लग रहा था मानो एक सपना पूरा होने जा रहा है. क्योंकि आज तक घर में तो छोड़ो पूरे परिवार में भी कोई इस तरह बड़े-बड़े ऑफिस में काम नहीं किया था. परिवार में कोई इतना पढ़ा लिखा ही नहीं है. एक चचेरा भाई पढ़ा लिखा है लेकिन वो भी सिर्फ बारहवीं तक. घर परिवार की बेटियों की तो बात ही छोड़ो. मेरी बहनें आठवीं तक जरूर पढ़ी हैं. इसलिए किसी ने भी इतने बड़े संस्थान में काम करना तो दूर करीब से देखा तक नहीं है. मेरा इतना पढ़ना और इतनी अच्छी…

बीजेपी की घिनौनी राजनीति, स्कूली छात्रों को दिला दी सदस्यता!

भले ही हमारे देश को एकता में अनकेता का देश कहा गया हो लेकिन वो धरातल पर दिखता नजर नहीं आ रहा हैं। हिन्दू मुस्लमान पर राजनीति हो रही हैं, कब्रीस्तान शमशान पर राजनीति हो रही हैं, अली बजरंगबली पर राजनीति हो रही है। लेकिन अब स्कूली बच्चों पर राजनीति होने लगी हैं। इतना ही नहीं अब स्कूली बच्चों को बीजेपी की सदस्ता दिलाया जा रही हैं।बीजेपी विधायक सुशील सिंह ने स्कूल पहुंचकर छात्रों को सदस्यता दिलाई। दरअसल वाराणसी के सैयदराजा गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। सैयदराजा में बीजेपी विधायक सुशील सिंह ने नेशनल इंटर कॉलेज में…

सिंधु सभ्यता से ब्राह्मणों ने चुराया है योग, बुधनमा

By: Nawal Kishor Kumar कोई भी धर्म तभी लोककल्याणकारी हो सकता है जब समानता और सम्मान उसके बुनियादी मूल्य हों। और लोककल्यणकारी धर्म की सबसे पहली शर्त तो यह है कि वह यथार्थपरक हो। लेकिन हिंदू धर्म में इसका सर्वथा अभाव है। समझे बुधनमा भाई। नवल भाई, मेरा सवाल योग को लेकर है। क्या आप योग को भी पाखंड मानते हैं? मैं योग की ही बात कर रहा हूं बुधनमा भाई। लेकिन पूरी बात समझ में आए, इसलिए सबसे पहले धर्म से जुड़ी कुछ बुनियादी बातें कह रहा हूं। अच्छा यह बताओ कि धर्म का मतलब क्या केवल पूजा-पाठ होता है या कुछ और भी। हमको लगता है कि धर्म जो…

ईश्वर से बढ़कर है संविधान बुधनमा

By: Nawal Kishor Kumar इस बार लोकसभा को देखके मन हरियर हो गया नवल भाई। एकदम बदला-बदला है इस बार का संसद। आप देखे कि नहीं। क्या देखना था यार बुधनमा। अच्छा यह बताओ कि आप इतने खुश क्यों हो रहे हो। मुझे तो अफसोस हुआ। क्या बात करते हैं नवल भाई। देखे नहीं कि जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सांसद के रूप में शपथ लेने के लिए बढ़े, पूरा सदन मोदी-मोदी और जय श्री राम के नारे से गूंज रहा था। मेरा तो मन एकदम एक्साइटेड हो गया। लगा कि बाबा साहब का संविधान एक झटका में फेंक के सब मनुस्मृति रख देगा संसद में। यह अच्छी बात है कि अब तुम भी संसद…