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Politics

बहन मायावती सुप्रीम कोर्ट की गीदड़ भभकी से न डरें

Published by- Aqil Raza By- Dr. Manisha Bangar     ~ कल 8 फरवरी 2019 को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती पर टिप्पणी की। चूंकि यह उनका फैसला नहीं है, इसलिए कायदे से उनकी टिप्पणी की आलोचना की जा सकती है। उन्होंने कहा है कि मायावती को वह रकम लौटा देनी चाहिए जो उन्होंने अपनी मूर्तियों और हाथी की मूर्तियों के निर्माण में खर्च किया था। कोर्ट में अभियोजन पक्ष द्वारा बतायी गयी जानकारी के अनुसार यह रकम करीब 2000 करोड़ रुपए है। जस्टिस गोगोई ने यह टिप्पणी नौ साल पहले दायर एक जनहित…

Published by- Aqil Raza By- Naeem Sarmad   ~ ۲۰۱۴ کے لوک سبھا انتخابات اور خاص کر اسکے نتيجے سامنے آنے کے بعد ای وی ايم خاصی سرخيوں ميں بنی ہوئی ہے۔ وجہ  بی جے پی کے حق ميں آنے والے حیرت انگیز نتائج اور سياسی معلومات رکھنے والوں کی اٹکليں۔۔ اور اسکے بعد ايک شک اور يقين کا ملا جلا جن باہر آتا ہے کہ ای وی ايم مشین ہيک کی گئی ہے۔ اب تک اس معاملے پر ٹی وی چينلوں پر یا اخبارات ميں صرف مباحثے ہو رہے تھے ۔ ہر بولنے اور لکھنے والا اپنی رائے دے رہا تھا۔ اور پھر اچانک ايک شخص سامنے آتا ہے جسکا چونکانے والا بيان جہاں کتنوں کی…

ब्राह्मणवाद का प्रतीक है राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय

Published By– Aqil Raza By- अरविन्द गौड़    भारत में नाट्य प्रशिक्षण से जुड़ी जो सबसे कड़वी सच्चाई है, वह यह कि यहां नाट्य प्रशिक्षण सिर्फ एक संस्थान की परिधि तक सीमित रह गया है। ऐसी धारणा स्थापित कर दी गयी है कि आप यदि एनएसडी से प्रशिक्षित हैं तो ही आप प्रशिक्षित हैं, अन्यथा आप प्रशिक्षित नहीं हैं, आप अमैच्योर हैं। एक साजि़श के तौर पर स्थापित की गयी इस धारणा से पूरे हिन्दुस्तान के थियेटर का सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ है। निस्संदेह राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय एक महत्वपूर्ण संस्था है, जिसने थियेटर की समझ बनाने में, उसके तकनीकी विकास…

पश्चिम बंगाल में रार से सीख ये है कि सभी बहुजन समय रहते मुकाबले को तैयार हो जाएं

Published by- Aqil Raza By- Dr. Manisha Banagar   ~ लोकसभा चुनाव सिर पर है। सो लोहा गर्म है। केंद्र में सत्तासीन सरकार हथौड़ा मारने को बेताब है। लेकिन राजनीति में कोई भी चीज एकतरफा नहीं होती। राजनीतिक लोहा पलटकर वार भी करता है। कल पश्चिम बंगाल में जो हुआ, वह इसी का परिणाम है। ममता बनर्जी ने सीबीआई के अधिकारियों को थाने में बंदकर एक तरफ भाजपा को तमाचा मारा है तो इसका एक दूसरा पहलू भी है। इस एक घटना ने भारतीय संघीय व्यवस्था की समीक्षा के दरवाजे खोल दिए हैं। https://www.youtube.com/watch?v=7qlIcmGDiqw&t=21s यानी केंद्र और…

सामाजिक न्याय और ओबीसी के प्रति और कितना धोखा करेगी मोदी बीजेपी सरकार ??

Published By- Aqil Raza By-  Dr. Manisha Bangar भले ही मोदी सरकार SC, आदिवासियों और ओबीसी को लुभाने के लिए नई-नई घोषणाएं कर रही है, परंतु सच्चाई यह है कि सरकार के लिए दलित-बहुजन कोई मायने नहीं रखते हैं। इसका प्रमाण है 1 फरवरी 2019 को केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत अंतरिम बजट। केंद्रीय कार्यकारी वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने जहां एक ओर समाज के हर आय वर्ग के लोगों के लिए कई सब्जबाग दिखाया, वहीं दूसरी ओर बहुजनों के मामले में कंजूसी दिखायी। इसका अनुमान इसी मात्र से लगाया जा सकता है कि अंतरिम बजट में अगले वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए…

مہا گٹھبندھن کا مسلم معاشرے پر اثر

نعيم سرمد ~ اتر پردیش میں بسپا اور سپا گٹھ بندھن لوک سبھا انتخابات سے چند مہینے پہلے ہو چکا ہے۔ حالانکہ اس کے آثار بہت پہلے سے ہی نظر آ گئے تھے لیکن اکھیلیش یادو اور مایاوتی کے ایکجا ہوکر اس اہم فیصلے کا اعلان کرنے کے بعد اس بات کی تصدیق ہو گئی ہے اتر پردیش کی سیاست میں اب تک مسلم اس تماشا دیکھنے والی بھیڑ کی طرح رہا ہے جو ٹکروں میں بنٹ کر   مداری اور بندر پر نگاہیں نہیں رکھ پاتی۔ بلکہ ڈگڈگی کی آواز سے زیادہ متاثر ہوتی ہے یا مسلم وؤٹ بینک جو کہ اتر پردیش میں ۱۹ فیصد ہے۔ جس کی دوسری مثال اب تک چرواہے کے اس گلے کی طرح رہی ہے …

मोदी सरकार द्वारा सवर्णों को आरक्षण दिए जाने का निर्णय सिर्फ एक लॉलीपॉप!

एक देश मे एक मानसिक चिकित्सालय में 100 मानसिक रोगी रहते थे, एक दिन उस देश के प्रधानमंत्री का उस चिकित्सालय में दौरा हुआ। प्रधानमंत्री ने दो घण्टे तक ओजस्वी भाषण दिया, मनो-रोगियों ने अपने जाने पहचाने अंदाज में लंबी लंबी छोड़ने वाले इस वक्ता को बड़े ध्यान से सुना। प्रधानमंत्री श्रोताओं की इस एकाग्रता और अनुशासन से अत्यधिक प्रसन्न हुए। जाते जाते उन्होंने बड़ा उपकार करते हुए मानसिक चिकित्सालय में स्वीमिंग पूल बनाने की घोषणा कर दी। सभी मनोरोगियों ने ताली बजाई, पटाखे जलाए, नारे लगाए। देश विदेश में इस उदार निर्णय की बड़ी तारीफ हुई।…

आंध्र यूनिवर्स‍िटी के कुलपति का दावा, टेस्ट ट्यूब बेबी थे कौरव, पढ़िए VC की बखिया उधेड़ता लेख!

बीते दिनों आंध्र यूनिवर्स‍िटी के कुलपति जी नागेश्वर राव ने एक हैरानी भरा बयान जारी किया. जिसके मुताबिक, महाभारत काल में स्टेम सेल और टेस्ट ट्यूब तकनीक की खोज की जा चुकी थी और कौरव टेस्ट ट्यूब बेबी थे। पढ़िए उनके इस बयान पर  यह लेख... यह कैसे मुमकिन हो जाता है कि जिस विज्ञान कांग्रेस पर दुनिया भर की वैज्ञानिक बिरादरी की नजर होती है, उसमें सारे वैज्ञानिकों के सामने कोई व्यक्ति भारत की नुमाइंदगी करते हुए कैसे इस तरह के चुटकुले और गप्प परोस देता है कि सौ कौरव स्टेम सेल्स से पैदा हुए या रावण के पास दर्जनों हवाई अड्डे थे! यह सब…

माता सावित्री बाई फुले जिनके संघर्ष ने खोले महिलाओं के लिए शिक्षा के द्वार

केवल एक ही शत्रु है अपना, मिलकर निकाल देंगे उसे बाहर, उसके सिवा कोई शत्रु नहीं, बताती हूँ उस शत्रु का नाम, सुनो ठीक से उस शत्रु का नाम, वो तो है अविद्यारूपी 'अज्ञान' देश की प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्री बाई फुले की उपरोक्त लाइन यह बताने के लिए काफी हैं कि महिला शिक्षा के क्षेत्र में उनका कैसा योगदान रहा! भारत में सदियों से पुरुषों द्वारा महिलाओं को गुलाम बनाकर उनका शोषण होता रहा है। हमारे धार्मिक ग्रथों में भी महिलाओं की स्थिति को अत्यंत ही दयनीय रुप दर्शाया गया है। तुलसीदासजी ने तो यहां तक लिखा है कि ढोल, गंवार, शुद्र,…

तो ईवीएम पवित्र सिद्ध हो गई???

चुनाव परिणाम ऐसे ही आने थे क्योंकि यही कांग्रेस और बीजेपी एक ही माला आरएसएस के मोती हैं। आज आरएसएस के द्वारा देश में जितना उन्माद-हिंसा और तबाही फैली है वह सब कांग्रेस के बूते ही आई है। ईवीएम को कांग्रेस ही लेकर आई। और कांग्रेस ने कभी भी ईवीएम को लेकर विरोध नहीं किया। क्योंकि बीजेपी और कांग्रेस दोनों को ही ईवीएम से फायदा है। कांग्रेस के जीतने से ईवीएम की पवित्रता को सिद्ध माना जायेगा। फिर 2019 के लोकसभा चुनावों में यही ईवीएम के भरोसे ब्राह्मणवादियों की सरकार बनेगी। बीच-बीच में छोटी-छोटी जीत-हार करानी पड़ती है क्योंकि इससे…