सामाजिक
नेली के चार दशक: माफी देय नहीं है?
आज, नेल्ली हत्याकांड पूरा करता है 40 वर्षों. असम के नेल्ली इलाके में 18 फरवरी को दिनदहाड़े हजारों मुसलमानों की हत्या कर दी गई, 1983. उनका एकमात्र अपराध यह था कि उन्होंने मतदान के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग किया. फरवरी 18, 1983, शुक्रवार था, के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है…
अधिक पढ़ें »भारत की स्वास्थ्य और खाद्य प्रणालियाँ, समीक्षा प्रतिबिंब और वास्तविकता जांच
ब्रिटिश शासन से सत्ता के हस्तांतरण की 75वीं वर्षगांठ पर, स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में वास्तविकता की जांच अत्यंत आवश्यक है क्योंकि वर्तमान सरकार ने एक चार्ट तैयार किया है ” स्वास्थ्य देखभाल 2022 और इसके बाद में” 75वें वर्ष समारोह को चिह्नित करने का कार्यक्रम. यह एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, कहने के लिए…
अधिक पढ़ें »ई. वी. रामासामी पेरियार जयंती विशेष : पेरियार से हम क्या सीखें?
इस देश में भेदभाव और शोषण से भरी परम्पराओं का विरोध करने वाले अनेक विचारक और क्रांतिकारी हुए हैं जिनके बारे में हमें बार-बार पढ़ना और समझना चाहिए. दुर्भाग्य से इस देश के शोषक वर्गों के षड्यंत्र के कारण इन क्रांतिकारियों का जीवन परिचय और समग्र कर्तृत्व छुपाकर रखा जाता…
अधिक पढ़ें »जाति है कि जाती नहीं-हरियाणा के पानीपत में बहुजन युवक का तलवार से काटा हाथ…
जाति के नाते कोई इतना न दबंग हो जाता है कि वह जिसे चाहे मार दे या काट दे,वहीं दमित समाज सदियों से इन ज्यादतियों को झेलने को बाध्य है। मामला हरियाणा के पानीपत के रजाखेड़ी गांव का है।एक अनुसूचित जाति के परिवार द्वारा तेज गति से गाड़ी चलाने पर…
अधिक पढ़ें »शिक्षक दिवस विशेष- सावित्री बाई फुले के साथ मिलकर महिलाओं का पहला स्कूल खोलने वाली फातिमा शेख
आज शिक्षक दिवस है इस मौके पर सभी अपने गुरु को नमन करते है. लेकिन क्या आपको पता है शिक्षक दिवस पर भारत में स्त्री शिक्षा की शुरुआत करने वाली दो महानायिकाओं- सावित्री बाई फुले और फातिमा शेख़ थी, जिन्होंने 1848 में लड़कियों का पहला स्कूल स्थापित किया और शिक्षा…
अधिक पढ़ें »रामासामी पेरियार और डॉ. आंबेडकर की किताबों पर प्रतिबंध के खिलाफ ललई सिंह यादव के संघर्ष की महागाथा- जरूर पढ़ें
( डॉ. आंबेडकर की किताब ‘सम्मान के लिए धर्म परिवर्तन’ और ई. वी. रामासामी पेरियार की किताब ‘ सच्ची रामायण का पेरियार ललई सिंह यादव द्वारा प्रकाशन, उस पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रतिबंध और उस प्रतिबंध के खिलाफ ललई सिंह यादव के संघर्ष कहानी।तथ्यों की विवेचना करने पर यह…
अधिक पढ़ें »आज के युग में अपराधी, बलात्कारी, दंगे कराने वाले नायक के रूप में शीर्ष पदों पर विराजमान
जैसे आज देशद्रोही, माओवादियों, अर्बन नक्सली संज्ञा गढ़ी गई है, वैसे असुर-राक्षस-राक्षसी संज्ञा भी गढ़ी गई थी।अपने युग के सबसे बेहतर लोगों को खलनायक, असुर और राक्षस-राक्षसी घोषित करने की लंबी प्रक्रिया रही है। उसी प्रक्रिया का हिस्सा है आज के सबसे बेहतर इंसानों को देशद्रोही, समाज द्रोही, आतंकी,नक्सली और…
अधिक पढ़ें »पेरियार ललई सिंह यादव: वो लड़ाई जिसने बहुजनों में ब्राह्मणवाद के विरुद्ध विद्रोही चेतना पैदा की
पेरियार की सच्ची रामायण के हिंदी में पहले प्रकाशक द्रविड़ आंदोलन के अग्रणी, सामाजिक क्रांतिकारी पेरियार ईवी रामासामी नायकर की किताब सच्ची रामायण को पहली बार हिंदी में लाने का श्रेय ललई सिंह यादव को जाता है. उनके द्वारा पेरियार की सच्ची रामायण का हिंदी में अनुवाद कराते ही उत्तर…
अधिक पढ़ें »बहुजनों और मुस्लिमों के लिए हैवानियत का शहर बनता मध्य प्रदेश
एमपी के नीमच में एक आदिवासी शख्स की बेरहमी से मॉब-लिचिंग कर हत्या करने की वारदात सामने आई है. वहीं कुछ घंटो बाद जिसमें राशिद नाम के कबाड़ी वाले शख्स से जबरदस्ती जय श्री राम बोलने पर प्रताड़ित किया जा रहा था. आए दिन ऐसे ही बहुजन समाज और मुस्लिम…
अधिक पढ़ें »महाराष्ट्र के चंद्रपुर में अनुसूचित जाति के 7 बुजुर्ग लोगों को जादू-टोना के शक में बेरहमी से पीटा
महाराष्ट्र के चंद्रपुर में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां जादू-टोना करने के शक में 7अनुसूचित जाति के लोगों को बड़ी ही बेदर्दी से पीटा जाता है। इस पिटाई का शिकार बुजुर्ग और महिलाएं हुए हैं। चंद्रपुर का यह मामला रूह कंपा देने वाला है।…
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