सामाजिक मुद्दे
केरल में हुई हथनी की मौत को दिया सांप्रदायिक रुप!
देश में किसी भी तरह की घटना या मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देना लोगों की आदत सी बन गई है. यहां तक की दुनियाभर में फैली महामारी को भी धर्म से जोड़ दिया गया. वहीं अब केरल में गर्भवती हथनी की मौत को भी सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है.…
अधिक पढ़ें »मुश्किल में बाबा रामदेव, सरकार ने लिया बड़ा एक्शन !
कोरोना का कहर पूरी दुनिया में चरम पर है कई देशों ने कोरोना पर काबू पा लिया है। तो कई देश अभी भी इस महामारी से बचने के लिए जद्दोजहद कर रहे है। साथ ही साथ कई देश ऐसे भी है जो इस कोरोना वायरस की दवाई की वैक्सीन ढूढने…
अधिक पढ़ें »यह हैं ‘भारत के सच्चे सिपाही’
कभी सोच के देखीये हमको ऑक्सिजन के बदले हाइड्रोजन सल्फाइट, काबनमोनो आक्साईड और मिथेन गैस सांस लेते समय मिले तो हम 5 Min के अंदर ही दम तोड देंगे। तो जरा सोचीये सिवर कर्मचारी यानि गटर साफ करने वालो का क्या हाल होता है। जब हमारी ओर से फैलाये मल…
अधिक पढ़ें »कोरोना के बाद भूकंप का ताडंव, लाखों का हुआ नुकसान
देश में कोरोना आया साथ में अपने परेशानियों का सिलसिला लाया। जिसकी वजह से इस महामारी जो सबसे से ज्यादा परेशान हुआ वो था गरीब मजदूर। क्योंकि सरकार ना किसी को कही आने दे रही थी और ना कही जाने दे रही थी। किसी तरह रेलवे ने ट्रेन शुरू की…
अधिक पढ़ें »क्या चीन को बचाना चाह रही है केंद्र सरकार ?
ये कहना गलत नहीं होगा की पूरी दुनिया के लिए 2020 काल बनकर आया है। और इसका खामियाजा सबसे ज्यादा इस देश को भुगतना पड़ा रहा है। दराअसल पहले कोरोना,भूकंप, तूफान और अब चीन भारत बार्डर पर तनाव। और सरकार इस पर भी हर बार की तरह बैठक से चीन…
अधिक पढ़ें »डॉ. मनीषा बांगर ने ट्रोल होने के विरोधाभास को जताया. ब्राह्मण सवर्ण वर्ग पर उठाए कई सवाल !
ट्रोल हुए मतलब निशाना सही जगह लगा तब परेशान होने के बजाय खुश होना चाहिए. इसके अलावा ट्रोल का उत्तर देना ना देना , कमेंट देखना ना देखना सारा मामला लिखने वाले के नियंत्रण में है. अगर साईबर कानून के विपरित अब्यूज होता है तो रिपोर्ट भी करने की सहूलियत…
अधिक पढ़ें »आप कांशीराम जी को कितना जानते हैं ?
द्वारा- प्रेमकुमार मणि 15 मार्च मशहूर दिवंगत नेता कांशीराम का जन्मदिन है . 1934 में पंजाब प्रान्त के रोपड़ या रूपनगर जिलान्तर्गत खासपुर गांव में आज ही के दिन उनका जन्म हुआ था . अनेक कारणों से कांशीराम जी केलिए मेरे मन में अथाह सम्मान है . उनसे एक छोटी…
अधिक पढ़ें »बहुजन कार्यकर्ताओं आदिवासी नेता अभय Flavian Xaxa के दुखद निधन से अधिक शोक
आज हम एक अविश्वसनीय व्यक्ति खो दिया है. अभय Flavian Xaxa, भाई, आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता और जैविक बौद्धिक जिसका लेखन और सक्रियता के लिए एक नया लेंस आदिवासी अधिकारों के सवाल को देखने के लिए प्रशस्त,भूमि, क्षेत्र, स्वराज्य, सांस्कृतिक पहचान और संसाधनों. उनकी कविता ” मैं अपने डेटा नहीं कर रहा हूँ, मैं नहीं हूँ…
अधिक पढ़ें »भारतीय न्यूजरूम को कैसे जाति ने आकार दिया!
1996 में कुछ समय के लिए एक विदेशी संवाददाता ने पत्रकार BN Uniyal से पूछा कि क्या वह किसी दलित पत्रकार को जानते हैं. दोस्तों और सहकर्मियों से बात करने के बाद Uniyal को कोई भी दलित पत्रकार नहीं मिला. 2017 में 10 से अधिक वर्षों तक एक समान खोज…
अधिक पढ़ें »राष्ट्रवाद और हिंदू धर्म की आड़ में अपने वर्चस्व को बचाने, सवर्णों की खतरनाक राजनीति
द्वारा: SHYAM MEERA SINGH सबसे पहले जेएनयू पर आतंकवादी हमले का जश्न मनाने वालों के उपनामों को पढ़ें, “शुक्ला, दुबे, चतुर्वेदी, जादौन, तोमर, चौधरी, राजपूत, गुर्जर, पांडे, त्रिवेदी, त्रिपाठी, सिंह, मिश्रा, शर्मा” आदि वे क्यों हैं? आपने सोचा अहीर क्यों नहीं है? जाटव क्यों नहीं? कुमार क्यों नहीं? वाल्मीकि क्यों…
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