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सहारनपुर: डॉ. अंबेडकर की मूर्ति तोड़ने से नाराज़ बहुजन सड़को पर उतरे

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के घुन्ना गांव में मंगलवार को भारत रत्न संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को तोड़ा गया. इसके बाद बहुजन समाज के कई लोग नाराज़ हो गए और सड़को पर प्रदर्शन के लिए उतरे. इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि घटना की जांच जारी है। न्यूज़ एजेंसी एएनआई यूपी ने ट्विटर पर बताया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति तोड़े जाने के बाद मंगलवार को सहारनपुर के घुन्ना गांव में तनाव बढ़ गया है।बहुजन समुदाय के गुस्साए प्रदर्शनकारी लाठियों के साथ सड़कों पर उतरे, जिन्हें नियंत्रित…

दिल्ली में बैठे नहीं, कस्बों के पत्रकारों को है धोखा?

भारत में पत्रकारिता के नाम पर जो कुछ नाम मात्र का बचा-खुचा है, वह छोटे शहरों और कस्बों में काम कर रहे पत्रकारों की वजह से है, जो सिस्टम का पुर्जा बन नहीं पाए हैं, या सिस्टम ने जिन्हें अब तक अपना पुर्जा बनाया नहीं है. हो सकता है कि पत्रकारिता के कुछ आदर्श, कुछ normative values अब भी वहां बचे हों. छोटी जगहों पर खबर छिपाना मुश्किल भी होता है क्योंकि पब्लिक जानती है. मिर्जापुर में मिड डे मील के नाम पर नमक रोटी दिए जाने की खबर का पर्दाफाश करने वाले के काम का प्रेस कौंसिल, एडीटर्स गिल्ड और तमाम संस्थाओं को संज्ञान लेना चाहिए और…

क्यों AAP सांसद संजय सिंह BJP नेता के घर के सामने बैठे धरना प्रदर्शन पर

दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर केजरीवाल सरकार तोहफों की बरसात कर रही है. दूसरी ओर विपक्ष इसको लॉलीपॉप करार दे रहा है. इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने बीजेपी नेता और सांसद विजय गोयल को चिट्ठी लिख कर तीन सवालों के जवाब मांगे हैं. 1. केजरीवाल को टक्कर देने के लिए कौन है आपका दिल्ली का सीएम उम्मीदवार ? 2. 200 यूनिट मुफ़्त बिजली पर आपका क्या पक्ष है ? 3. पानी के बकाया बिल माफ़ी योजना पर आपका क्या पक्ष है ? सवालों का जबाव न मिलने पर आज '2 सितंबर' संजय सिंह अपने तमाम साथियों संग विजय गोयल के आवास के बाहर धरना…

सीवर में और कितनी मौतों का इंतजार है बीजेपी को

सीवर सफ़ाई के दौरान यूपी के गाजियाबाद में पांच कर्मियों की मौत!मौत या व्यवस्थागत-हत्या! अब चैनल वालों के लिए तो ये खबर है नहीं! अखबार ने खबर छापी है! कुछ ही घंटे बाद लोग यह खबर भूल जायेंगे! कोई चर्चा नहीं होगी! सीवर-सफ़ाईकर्मियों की मौत की अगली खबर आने तक! कोई नहीं पूछेगा, सीवर सफ़ाई की प्रौद्योगिकी, तकनीक और उपकरण के लिए सरकारें खर्च क्यों नहीं करना चाहतीं! सारा ख़र्चा चांद और कश्मीर में प्लाट सुनिश्चित करने के लिए क्यों? अब वैसे कुछ ही दिन रह गए हैं, जब चंद्रयान -2 चंद्रमा पर उतरेगा! देश की तरक्की के नाम ढोल-मृदंग बजाने की…

बहुजन छात्र संघ ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति से की महत्वपूर्ण मांगे।

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के बहुजन छात्र संघ के छात्र नेता अरविंद कुमार(एम फिल- राजनीतिशास्त्र)के द्वारा विश्वविद्यालय के कुलपति महोदय को छात्रों कि मांग का ज्ञापन दिया गया। मुख्य मांगे इस प्रकार है - 1.वातानुकूलित लाइब्रेरी का निर्माण । 2.साईबर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना । 3.लाइब्रेरी में पाठ्यक्रम के अनुसार नई किताबो की व्यवस्था किया जाना । 4.लाइब्रेरी द्वारा छात्रों को कम से कम एक बार में चार किताब दिया जाने का प्रावधान । 5.विश्वविद्यालय के सभी छात्रों को सभी प्रकार के निशुल्क उपचार की व्यवस्था हेतु स्वास्थ्य…

कश्मीर की बेटी से शादी करने की इच्छा अपने मन में पालने वालो, सुनों…

By- Aqil Raza ~ जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35 ए हटाने के बाद देश में खुशी की लहर है। यह खुशी की वाकई लहर है या फिर ऐसा हमें दिखाया जा रहा है। क्या जिन लोगों के लिए यह फैसला आया है उन्हें भी इस बात से खुशी है? क्या जम्मू कश्मीर के लोग वहां की आवाम इस फैसले का समर्थन करती है? इन सवालों का जवाब आपको नहीं पता होगा, क्योंकि आपको वो सब दिखाया ही नहीं गया है। बहरहाल अब हम उन लोगों की बात करेंगे जो सोशल मीडिया पर खुशी तो मना रहे हैं लेकिन किस बात की यह अभी उन लोगों को भी नहीं पता है। आप जैसे सेशल मीडिया पर जाएंगे तो देखेंगे की…

तेज तर्रार अद्भूत वक्ता, कवि, लेखक, ब्राह्मणवाद विरोधी आन्दोलनकारी और प्रखर राजनेता: मुथुवेल करुणानिधि को सलाम

मुथुवेल करुणानिधि. 'मु का का' एवम कलाईनार (तमिल: கலைஞர், "कला का विद्वान") के नाम से पहचाने जाते थे | वे महानतम कलाकार (साहित्य, संगीत और रंगमंच) थे। उनके भीतर कला और राजनीति का बेजोड़ संगम था। साउथ इंडिया की करीब 50 फिल्मों की कहानियां और संवाद लिखने वाले करुणानिधि की पहचान एक ऐसे सियासतदान की थी, जिसने अपनी लेखनी से तमिलनाडु की तकदीर लिखी। एम करुणानिधि का जन्म 3 जून, 1924 को नागपट्टिनम जिले के तिरुवुवालाईयूर में मुथुवेल्लू (पिताजी) और अंजुगम अम्मल (माताजी) के यहाँ हुए था। किशोरावस्था से ही वे द्रविड़ आंदोलन से प्रेरित थे।…

डॉक्टर हर्षदीप काम्बले ने सूरज के अंधेरे जीवन को रोशनी से जगमगाया

किसी की मुस्कराहटों पे हो निसार, किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार, जीना इसी का नाम है, ज़िन्दगी के ये फलसफा अगर हर कोई आजमा ले तो ये दुनिया कितनी खुशनमा हो सकती है, दुनिया में ऐसे लोग काफी कम होते है जो अपने लिए नहीं सोसाइटी के लिए जीते है, इन्ही लोगों में से एक नाम है डॉ. हर्षदीप काम्बले. इस सीनियर IAS ऑफिसर की दानभावना तथा निरतंर प्रयासों से महाराष्ट्र के यवतमाल जैसे बैकवर्ड कहे जाने वाले एरिया से सूरज डांगे नाम का यह लड़का आज अमेरिका में उच्च शिक्षा की पढाई करने जा रहा है। डॉ. हर्षदीप काम्बले 2007 में जब यवतमाल के कलेक्टर…

BBC और मीना कोटवाल: बहुजन महिला पत्रकार के जातिगत प्रताड़ना की कहानी, पार्ट-3

मैं और बीबीसी- 3 ट्रेनिंग खत्म हो चुकी थी. दो अक्टूबर को मैं और मेरे साथ जॉइन करने वाले सभी ऑफ़िस पहुंच चुके थे. न्यूज़रूम में ये हमारा पहला दिन था. बीबीसी के लिए ये दिन बहुत ख़ास था क्योंकि इस दिन बीबीसी हिंदी का टीवी बुलेटिन शुरू हो रहा था, जिसके उपलक्ष्य में बीबीसी के डायरेक्टर जनरल टॉनी हॉल दिल्ली ऑफिस आए थे. ऑफिस में माहौल किसी त्यौहार से कम नहीं था. टॉनी हॉल ने सभी से एक-एक कर हाथ मिलाया. उनका इस तरह मिलने का अंदाज अच्छा लगा. न्यूज़रूम में माहौल एकदम ‘कूल’ बनाया हुआ था. सभी जगह हाहा-हीही की आवाज सुनाई पड़ रही थी. देखने…

BBC और मीना कोटवाल: बहुजन महिला पत्रकार के जातिगत प्रताड़ना की कहानी, पार्ट-2

मैं और बीबीसी- 2 ऑफ़िस के कुछ दिन ट्रेनिंग में ही बीते. जब तक ट्रेंनिंग थी तब तक तो सब कुछ कितना अच्छा था. ऑफ़िस के कई लोग आकर बताते भी थे कि ये तुम्हारा हनीमून पीरियड है, जिसे बस एंजॉय करो. ऑफ़िशियल ट्रेनिंग में अभी कुछ दिन का समय था इसलिए ऑफ़िस में कई अधिकारी, संपादक और वरिष्ठ पत्रकार हमसे मिलने आते रहते थे. इसी तरह एक बार ऑफ़िस के वरिष्ठ पत्रकार हमसे हमारे परिचय के लिए आए थे. पहले उन्होंने अपना परिचय दिया और फिर हमसे एक-एक कर हमारा परिचय लिया. जब हम सब अपना परिचय दे रहे थे, तब वे एक जगह कहते हैं कि अरे आप को कौन नहीं…