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बेमिसाल बर्तोल्त ब्रेख्त, जिनके विचार आज भी भारत के लिए प्रासंगिक हैं

Published by- Aqil Raza    ~ बर्तोल्त ब्रेख्त को एक बेहतरीन कवि... लेखक... नाट्यकार... के रूप में जरूर पहचाना जाता था, मगर वे एक यथार्थवादी क्रांतिकारी थे इसका अनुभव तो स्टेफन पार्कर की किताब “Bertolt Brecht a Literary Life” ने कराया | जर्मन लेखक बर्तोल्त ब्रेख्त और हंगरी के दार्शनिक जार्ज लुकाच के बीच हुई ऐतिहासिक बहस में समतामूलक समाज की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध क्रांतिकारी कला व साहित्य के मूल सृजनकारी तत्त्व कौन से होने चाहिए इसकी चर्चा आज के भारत के सन्दर्भ में भी प्रासंगिक है | ब्रेख्त, की यह कोशिश थी कि... बाह्य…

Testimony of AMU controversy by Sharjeel Usmani

Sharjeel Usmani writes~ "I reached the campus at 9.30 am for attending my classes. All was well back then. Few students were organizing a picture exhibition of the all victims of hate crimes in front of History department. First Asifa memorial lecture was scheduled at 11 am in Cultural hall of Maulana Azad Library; Films on Palestinian struggle were to be screened in Kennedy auditorium at 4:30 pm. I got a call from a friend that Republic TV reporters are creating problem in front of Social Science department. I reached there…

…तो इस लिए दी जा रही मायावती के स्मार्क बनाने वाले मामले को प्राथमिकता?

Published By- Aqil Raza By- Aqil Raza   ~ तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती द्वारा बनावाए गए पार्कों और स्मार्कों के मामले में, 2009 में डाली गई याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मायावती को पैसा वापस सरकारी कौटे में लौटाने का प्राथमिक विचार किया है। पर सवाल इस बात का है कि लोकसभा के आम चुनावों के करीब आते ही इस मुद्दे पर सुनवाई क्यों हुई है? जब बसपा के वकील ने मामले की अगली सुनाई को चुनावों के बाद डालने की अपील की तो तुरंत CJI रंजन गोगोई ने उसे खारिज कर मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल को तय कर दी । लेकिन आखिर ऐसी…

ای وی ايم کی کہانی شجاع سيّد کی زبانی۔ دوسری قسط۔

Published by- Aqil Raza    ~   گوری لنکیش کا قتل سرخیوں میں خوب رہا لیکن اسکی وجہ بتائی گئی کہ گوری لنکیش شدت پسند مذہبی اداروں کے خلاف کام کر رہی تھیں۔ کوئی ایسی تحریک چلا رہی تھی جو مذہبی شدت کے خلاف کام کر رہی تھی۔ لیکن شجاع کی باتوں کی پر یقین کریں تو معاملہ کچھ اور ہی ہے اور سنگین ہے- بقول شجاع گوری لنکیش کے قتل سے سات روز قبل ہی گوری لنکیش نے ای وی ایم مشین کے خلاف یا اس کے بارے میں جاننے کے لئے آر ٹی آی(RTI) داخل کی تھی۔ وہ شجاع کی ساری کہانی جانتی تھی اور وہ یہ سب باتیں اور سازشیں سب کے سامنے لانا چاہتی تھیں۔ اور یہی…

वह पत्र जिसने रफ़ाल मामले में मोदी सरकार का पर्दाफ़ाश कर दिया

Published By- Aqil Raza   ~ 24 नवंबर, 2015 को उप सचिव (एयरफोर्स) के दस्तख़त से जारी रक्षा मंत्रालय के इस दस्तावेज का अविकल अनुवाद प्रस्तुत है. इसके जरिए आप उस निष्कर्ष तक पहुंच सकते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किस हद तक अपने मित्र अनिल अंबानी को लाभ पहुंचाने के लिए विकल थे कि रक्षा मंत्रालय की प्रतिष्ठा और हैसियत को दांव पर लगाकर खुद ही लेनदेन का एक वैकल्पिक चैनल खोल रखा था. -अतुल चौरसिया मंत्रालय के उस दस्तावेज़ का हिंदी अनुवाद जिसे ने The Hindu छापा है- "अत: यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा इस तरह की समांतर…

क्या एक सिक्के के दो पहलू हैं बीजेपी और कांग्रेस?

Published by- Aqil Raza By- Aqil Raza    ~ क्या राजनीति का नाम सत्ता और विपक्ष तक ही सीमीत है, क्या सत्ता में बैठी सरकार की अलोचना महज़ इस बजह से की जाती है जिससे विपक्ष में बैठी पार्टी फिर से सत्ता पर काविज हो सके। क्या सरकार पर सवाल खड़े करने का मकसद समाज में बहतर सुधार करने से प्रेरित होना नहीं चाहिए। यह सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं इसको समझने की ज़रूरत है। देशभर में गौहत्या और मॉवलिंचिग की पिछले बीते सालों से लेकर अब तक कई घटनांए एक के बाद एक हमार सामने आई हैं। जिनमें SC/ST और मुस्लिम समुदाय के लोग ज्यादातर शिकार हुए हैं…

“मोदी के गुजरात में 13 प्वाइंट रोस्टर का भारी विरोध”

पूरे देश में जहां छात्र और शिक्षक सुप्रीम कोर्ट द्वारा उच्च शिक्षा में निर्देशित 13 प्वाइंट रोस्टर का विरोध कर रहे हैं वहीं ऐसे में नरेंद्र मोदी के गृहराज्य गुजरात के छात्र और शिक्षक भी पीछे नहीं हैं। गुजरात की एकमात्र सेंट्रल यूनिवर्सिटी 'गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय' के छात्र इस नये रोस्टर सिस्टम के खिलाफ पिछले एक हफ्ते से लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि ये सरकार सुप्रीम कोर्ट के रास्ते उच्च शिक्षा में दलित-पिछड़ी जातियों के शिक्षकों की भर्ती खत्म कर देना चाहती है। इसीलिए वह जानबूझकर 200 प्वाइंट…

बहन मायावती सुप्रीम कोर्ट की गीदड़ भभकी से न डरें

Published by- Aqil Raza By- Dr. Manisha Bangar     ~ कल 8 फरवरी 2019 को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती पर टिप्पणी की। चूंकि यह उनका फैसला नहीं है, इसलिए कायदे से उनकी टिप्पणी की आलोचना की जा सकती है। उन्होंने कहा है कि मायावती को वह रकम लौटा देनी चाहिए जो उन्होंने अपनी मूर्तियों और हाथी की मूर्तियों के निर्माण में खर्च किया था। कोर्ट में अभियोजन पक्ष द्वारा बतायी गयी जानकारी के अनुसार यह रकम करीब 2000 करोड़ रुपए है। जस्टिस गोगोई ने यह टिप्पणी नौ साल पहले दायर एक जनहित…

मायावती, ममता बनाम मोदी और ब्राह्मणी मीडिया की साजिशें

Published by- Aqil Raza By- Dr. Manisha Bangar   ममता बनर्जी की सरकार द्वारा सारधा चिटफंड घोटाला मामले में सीबीआई की जांच के संबंध में हुआ विवाद हालांकि सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ठंडा पड़ गया है, लेकिन इसने भारत के सियासी गलियारे में नयी चर्चा छेड़ दी है। यह चर्चा है ममता का बतौर पीएम उम्मीदवार प्रोजेक्शन। इससे पहले सियासी गलियारे में मायावती को उम्मीदवान बताया जा रहा था। दरअसल, मीडिया में हुई अबतक की रिपोर्टिंग को गौर से देखें तो ऐसा कुछ भी नहीं छपा है जिससे यह साबित हो सके कि ममता या मायावती को बतौर पीएम उम्मीदवार…

Published by- Aqil Raza By- Naeem Sarmad   ~ ۲۰۱۴ کے لوک سبھا انتخابات اور خاص کر اسکے نتيجے سامنے آنے کے بعد ای وی ايم خاصی سرخيوں ميں بنی ہوئی ہے۔ وجہ  بی جے پی کے حق ميں آنے والے حیرت انگیز نتائج اور سياسی معلومات رکھنے والوں کی اٹکليں۔۔ اور اسکے بعد ايک شک اور يقين کا ملا جلا جن باہر آتا ہے کہ ای وی ايم مشین ہيک کی گئی ہے۔ اب تک اس معاملے پر ٹی وی چينلوں پر یا اخبارات ميں صرف مباحثے ہو رہے تھے ۔ ہر بولنے اور لکھنے والا اپنی رائے دے رہا تھا۔ اور پھر اچانک ايک شخص سامنے آتا ہے جسکا چونکانے والا بيان جہاں کتنوں کی…