Bihar & Jharkhand
घर लौट रहे मजदूरों की फिर मौंत, जिम्मेदार कौन ?
देश में मजदूरों की सुविधा मुहैया कराये जाने के भले ही ताबड़तोड़ दावे किए जा रहे हो, लेकिन इसकी सच्चाई उन मजदूरों की हालत के देखने के बाद लगाई जा सकती है जिनकी मौत कभी ट्रक से, कभी बस से और कभी मालगाड़ी से कुचल कर हो गई. जहां एक…
Read More »योगी राज में महिलाएं कब होंगी सुरक्षित, रेप कर मासूम की हत्या!
योगी के गढ़ यूपी से इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. जिसने इंसानियत को भीतर तक झकझोर कर रख दिया है. उन्नाव में होली के दिन 9 साल की मासूम बच्ची के साथ हैवानियत को अंजाम देने के बाद उसकी हत्या कर दी गई. मिली जानकारी के…
Read More »BBC और मीना कोटवाल: बहुजन महिला पत्रकार के जातिगत प्रताड़ना की कहानी, पार्ट-3
मैं और बीबीसी- 3 ट्रेनिंग खत्म हो चुकी थी. दो अक्टूबर को मैं और मेरे साथ जॉइन करने वाले सभी ऑफ़िस पहुंच चुके थे. न्यूज़रूम में ये हमारा पहला दिन था. बीबीसी के लिए ये दिन बहुत ख़ास था क्योंकि इस दिन बीबीसी हिंदी का टीवी बुलेटिन शुरू हो रहा…
Read More »बिहार में 50 साल पहले घट चुकी है सोनभद्र जैसी घटना।
50 साल पहले ऐसी ही घटना घटी थी बिहार में जैसी आज सोनभद्र उत्तरप्रदेश में घटी है। 24 मई 1967 को पूर्णिया जिले के रूपसपुर चंदवा में 14 आदिवासी बटाईदारों की हत्या कर दी गई थी। यह बिहार का पहला बड़ा नरसंहार था। एक भूमि विवाद को लेकर आदिवासियों को…
Read More »ईश्वर से बढ़कर है संविधान बुधनमा
By: Nawal Kishor Kumar इस बार लोकसभा को देखके मन हरियर हो गया नवल भाई। एकदम बदला-बदला है इस बार का संसद। आप देखे कि नहीं। क्या देखना था यार बुधनमा। अच्छा यह बताओ कि आप इतने खुश क्यों हो रहे हो। मुझे तो अफसोस हुआ। क्या बात करते हैं…
Read More »विश्चकप में पंडित का दर्शन किये बुधनमा?
By: Nawal Kishor Kumar ब्राह्मण भारतीय समाज का कोढ़ है। दुर्भाग्य यह है कि आज भी यह बना हुआ है। कल विश्वकप के मैच में भी यह देखने को मिला। तुमने देखा था बुधनमा भाई? हां, मैच तो देखे थे थोड़ा देर। लेकिन आपको वहां कौन ब्राह्मण मिल गया। वहां…
Read More »संघ के धुन पर डाक्टरों का नाच देखो बुधनमा
By: Nawal Kishor Kumar राजनीति की परिभाषा क्या केवल यही है कि राज कैसे हासिल की जाय और फिर कैसे राज बनाए रखा जाय? क्या राजनीति में यह शामिल नहीं होता है कि आम इंसान जो कि इस देश का नागरिक है, उसे उसका हक-हुकूक दिये जायें? क्या हुआ बुधनमा?…
Read More »जस्टिस फॉर डॉ पायल: रोहित वेमुला के बाद एक और संस्थानिक हत्या!
By: Susheel Kumar पायल!! आपको ऐसा नहीं करना चाहिए था, हां मैं समझ सकता हूं कि जब किसी इंसान के सामने हालात बद से बद्तर कर दिए जाएं तो फिर जीना मुश्किल हो जाता है पर आप तो ऐसे समाज से आती हैं जिसका इतिहास ही बेहद कठिन और संघर्ष…
Read More »राबड़ी देवी जी को “ट्विटर” कहना नही आएगा,ऐसा “आज तक” के निशांत “चतुर्वेदी” जी बोलते हैं…
By-चन्द्रभूषण सिंह यादव जाति का दम्भ कितनी दूर तक हिलोरे मारता है इसकी एक बानगी भर है श्रीमान निशांत “चतुर्वेदी” जी का ट्वीट जिसमे वे आदरणीय राबड़ी देवी जी(पूर्व मुख्यमंत्री-बिहार) के बारे में लिखते हैं कि “अच्छा जी राबड़ी देवी जी भी ट्वीट करती हैं😊कोई इनसे बोले कि ये बस…
Read More »तनवीर हसन-दो दशक से सामाजिक न्याय की मजबूत आवाज
By -Khalid Anis Ansari तनवीर हसन दो दशक से ज्यादा राजद के साथ रहे हैं लेकिन कभी मंत्रिपद नहीं मिला. आलोचनात्मक आवाज़ हैं, आवामी नेता हैं, चमचागिरी नहीं करते हैं सुप्रीमो की. एक बार आधा गाँधी मैदान भर दिया था पटना में तो सियासी हलचल मच गयी थी. बकौल #नूर…
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