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Delhi-NCR

जाफराबाद गोलीकांड पर सीएम अरविंद केजरीवाल की बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर दिल्ली में बवाल मचा हुआ है. उत्तरी पूर्वी दिल्ली में सोमवार को समर्थकों और विरोधियों के बीच भिडंत हुई. दंगाईयों ने जमकर उग्र हिंसा को अंजाम दिया. सोमवार के बाद अब मंगलवार को भी मौजपुर और ब्रह्मपुरी इलाके में जमकर पत्थरबाजी हुई. जानकारी के मुताबिक दिल्ली हिंसा में मौतों की संख्या बढ़कर अब 7 हो चुकी है, जिसमें हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल भी शामिल हैं. इसके साथ ही 100 से ज्यादा आम लोग भी घायल हुए हैं. वहीं दिल्ली हिंसा मामले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधायकों के साथ बैठक करने के बाद प्रेस

आग की लपटों में झुलस रही राजधानी दिल्ली, अब तक 5 की मौत

CAA के विरोध और समर्थन में सोमवार को दो गुटों में जमकर तीखी झड़प हुई. जिसके बाद मामले ने विक्राल रुप धारण कर लिया. देखते ही देखते राजधानी दिल्ली आग की लपटों में झुलस उठी. जिसके बाद सोमवार को उत्तरी-पूर्वी दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून के विरोधी और समर्थक के बीच भिड़ंत हुई और मंगलवार को फिर पत्थरबाजी हुई जिसमें अब तक हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल समेत कुल 5 लोगों की मौत हो चुकी है. दिल्ली पुलिस बल के कई कर्मियों समेत करीब 65 लोग घायल हो गए वहीं गंभीर स्थिती को देखते हुए एहतियात के तौर पर आज मौजपुर, जाफराबाद, बाबरपुर,

दिल्ली में ‘AAP’ की जीत पर जातिवादी राजनीति क्यों !

आम आदमी पार्टी ने 2015 की अपनी सफलता को लगभग दोहराते हुए दिल्ली में लंका फतह कर जबरदस्त चुनावी जीत हासिल की. दिल्ली में उनकी यह धमाकेदार जीत 2015 से इस मायने में ज्यादा महत्वपूर्ण है कि तब 'एक उम्मीद' को वोट मिले थे और इस बार 'उस उम्मीद पर खरे उतरने' को लेकर वोट मिले है. इससे पहले भी जब 26 जनवरी के बाद से बीजेपी ने दिल्ली में आक्रामक हिंदुत्व का माहौल बनाना शुरू किया तब से आम-तौर पर लग रहा था कि 56-57 सीट के नीचे यदि आम आदमी पार्टी गयी तो यह मान लेना चाहिए कि बीजेपी ने ध्रुवीकरण का अपना गणित साध लिया और उसका खुद का और

क्यों AAP सांसद संजय सिंह BJP नेता के घर के सामने बैठे धरना प्रदर्शन पर

दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर केजरीवाल सरकार तोहफों की बरसात कर रही है. दूसरी ओर विपक्ष इसको लॉलीपॉप करार दे रहा है. इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने बीजेपी नेता और सांसद विजय गोयल को चिट्ठी लिख कर तीन सवालों के जवाब मांगे हैं. 1. केजरीवाल को टक्कर देने के लिए कौन है आपका दिल्ली का सीएम उम्मीदवार ? 2. 200 यूनिट मुफ़्त बिजली पर आपका क्या पक्ष है ? 3. पानी के बकाया बिल माफ़ी योजना पर आपका क्या पक्ष है ? सवालों का जबाव न मिलने पर आज '2 सितंबर' संजय सिंह अपने तमाम साथियों संग विजय गोयल के आवास के बाहर धरना…

तेज तर्रार अद्भूत वक्ता, कवि, लेखक, ब्राह्मणवाद विरोधी आन्दोलनकारी और प्रखर राजनेता: मुथुवेल करुणानिधि को सलाम

मुथुवेल करुणानिधि. 'मु का का' एवम कलाईनार (तमिल: கலைஞர், "कला का विद्वान") के नाम से पहचाने जाते थे | वे महानतम कलाकार (साहित्य, संगीत और रंगमंच) थे। उनके भीतर कला और राजनीति का बेजोड़ संगम था। साउथ इंडिया की करीब 50 फिल्मों की कहानियां और संवाद लिखने वाले करुणानिधि की पहचान एक ऐसे सियासतदान की थी, जिसने अपनी लेखनी से तमिलनाडु की तकदीर लिखी। एम करुणानिधि का जन्म 3 जून, 1924 को नागपट्टिनम जिले के तिरुवुवालाईयूर में मुथुवेल्लू (पिताजी) और अंजुगम अम्मल (माताजी) के यहाँ हुए था। किशोरावस्था से ही वे द्रविड़ आंदोलन से प्रेरित थे।…

डॉक्टर हर्षदीप काम्बले ने सूरज के अंधेरे जीवन को रोशनी से जगमगाया

किसी की मुस्कराहटों पे हो निसार, किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार, जीना इसी का नाम है, ज़िन्दगी के ये फलसफा अगर हर कोई आजमा ले तो ये दुनिया कितनी खुशनमा हो सकती है, दुनिया में ऐसे लोग काफी कम होते है जो अपने लिए नहीं सोसाइटी के लिए जीते है, इन्ही लोगों में से एक नाम है डॉ. हर्षदीप काम्बले. इस सीनियर IAS ऑफिसर की दानभावना तथा निरतंर प्रयासों से महाराष्ट्र के यवतमाल जैसे बैकवर्ड कहे जाने वाले एरिया से सूरज डांगे नाम का यह लड़का आज अमेरिका में उच्च शिक्षा की पढाई करने जा रहा है। डॉ. हर्षदीप काम्बले 2007 में जब यवतमाल के कलेक्टर…

BBC और मीना कोटवाल: बहुजन महिला पत्रकार के जातिगत प्रताड़ना की कहानी, पार्ट-3

मैं और बीबीसी- 3 ट्रेनिंग खत्म हो चुकी थी. दो अक्टूबर को मैं और मेरे साथ जॉइन करने वाले सभी ऑफ़िस पहुंच चुके थे. न्यूज़रूम में ये हमारा पहला दिन था. बीबीसी के लिए ये दिन बहुत ख़ास था क्योंकि इस दिन बीबीसी हिंदी का टीवी बुलेटिन शुरू हो रहा था, जिसके उपलक्ष्य में बीबीसी के डायरेक्टर जनरल टॉनी हॉल दिल्ली ऑफिस आए थे. ऑफिस में माहौल किसी त्यौहार से कम नहीं था. टॉनी हॉल ने सभी से एक-एक कर हाथ मिलाया. उनका इस तरह मिलने का अंदाज अच्छा लगा. न्यूज़रूम में माहौल एकदम ‘कूल’ बनाया हुआ था. सभी जगह हाहा-हीही की आवाज सुनाई पड़ रही थी. देखने…

BBC और मीना कोटवाल: बहुजन महिला पत्रकार के जातिगत प्रताड़ना की कहानी, पार्ट-2

मैं और बीबीसी- 2 ऑफ़िस के कुछ दिन ट्रेनिंग में ही बीते. जब तक ट्रेंनिंग थी तब तक तो सब कुछ कितना अच्छा था. ऑफ़िस के कई लोग आकर बताते भी थे कि ये तुम्हारा हनीमून पीरियड है, जिसे बस एंजॉय करो. ऑफ़िशियल ट्रेनिंग में अभी कुछ दिन का समय था इसलिए ऑफ़िस में कई अधिकारी, संपादक और वरिष्ठ पत्रकार हमसे मिलने आते रहते थे. इसी तरह एक बार ऑफ़िस के वरिष्ठ पत्रकार हमसे हमारे परिचय के लिए आए थे. पहले उन्होंने अपना परिचय दिया और फिर हमसे एक-एक कर हमारा परिचय लिया. जब हम सब अपना परिचय दे रहे थे, तब वे एक जगह कहते हैं कि अरे आप को कौन नहीं…

BBC और मीना कोटवाल: बहुजन महिला पत्रकार के जातिगत प्रताड़ना की कहानी, पार्ट-1

चार सितम्बर, 2017 का दिन यानि बीबीसी में ऑफिस का पहला दिन. रातभर नींद नहीं आई थी, बस सुबह का इंतज़ार था. लग रहा था मानो एक सपना पूरा होने जा रहा है. क्योंकि आज तक घर में तो छोड़ो पूरे परिवार में भी कोई इस तरह बड़े-बड़े ऑफिस में काम नहीं किया था. परिवार में कोई इतना पढ़ा लिखा ही नहीं है. एक चचेरा भाई पढ़ा लिखा है लेकिन वो भी सिर्फ बारहवीं तक. घर परिवार की बेटियों की तो बात ही छोड़ो. मेरी बहनें आठवीं तक जरूर पढ़ी हैं. इसलिए किसी ने भी इतने बड़े संस्थान में काम करना तो दूर करीब से देखा तक नहीं है. मेरा इतना पढ़ना और इतनी अच्छी…

संघ के धुन पर डाक्टरों का नाच देखो बुधनमा

By: Nawal Kishor Kumar राजनीति की परिभाषा क्या केवल यही है कि राज कैसे हासिल की जाय और फिर कैसे राज बनाए रखा जाय? क्या राजनीति में यह शामिल नहीं होता है कि आम इंसान जो कि इस देश का नागरिक है, उसे उसका हक-हुकूक दिये जायें? क्या हुआ बुधनमा? आज सुबह-सुबह इतने गंभीर सवाल। कुछ हुआ है क्या? हां नवल भाई, मन बेचैन है। पटना में भी सब डॉक्टर हड़ताल करने की बात कर रहे हैं। आउर जानते हैं पीएमसीएच से लेकर मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में इसका असर पड़ रहा है। आप तो जानते ही हैं कि अभी भी इंसेफ्लाइटिस के कारण बच्चे मर रहे हैं। इलाज नहीं होगा…