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Uttar Pradesh & Uttarakhand

ज़मीनों से बेदखल किए जाएंगे लाखों आदिवासी!

Published By- Aqil Raza By- सुदीप ठाकुर   ~ युद्धोन्माद और राष्ट्रवाद के उफनते दौर में यह खबर शायद सनसनी पैदा न करे। सुप्रीम कोर्ट के हाल के एक आदेश से 16 राज्यों में दस लाख से भी अधिक आदिवासियों और अन्य वनवासियों को जंगल से बेदखल किया जा सकता है, क्योंकि केंद्र सरकार वनाधिकार अधिनियम 2006 के तहत उनके अधिकारों की रक्षा करने में नाकाम रही है। बिजनेस स्टैंडर्ड (https://goo.gl/qY1Eqm) https://www.youtube.com/watch?v=jqdaxsjL8vo&t=52s केंद्र सरकार ने आदिवासियों को तकरीबन 80 साल बाद मिले इस महत्वपूर्ण अधिकार से संबंधित…

Testimony of AMU controversy by Sharjeel Usmani

Sharjeel Usmani writes~ "I reached the campus at 9.30 am for attending my classes. All was well back then. Few students were organizing a picture exhibition of the all victims of hate crimes in front of History department. First Asifa memorial lecture was scheduled at 11 am in Cultural hall of Maulana Azad Library; Films on Palestinian struggle were to be screened in Kennedy auditorium at 4:30 pm. I got a call from a friend that Republic TV reporters are creating problem in front of Social Science department. I reached there…

…तो इस लिए दी जा रही मायावती के स्मार्क बनाने वाले मामले को प्राथमिकता?

Published By- Aqil Raza By- Aqil Raza   ~ तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती द्वारा बनावाए गए पार्कों और स्मार्कों के मामले में, 2009 में डाली गई याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मायावती को पैसा वापस सरकारी कौटे में लौटाने का प्राथमिक विचार किया है। पर सवाल इस बात का है कि लोकसभा के आम चुनावों के करीब आते ही इस मुद्दे पर सुनवाई क्यों हुई है? जब बसपा के वकील ने मामले की अगली सुनाई को चुनावों के बाद डालने की अपील की तो तुरंत CJI रंजन गोगोई ने उसे खारिज कर मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल को तय कर दी । लेकिन आखिर ऐसी…

बहन मायावती सुप्रीम कोर्ट की गीदड़ भभकी से न डरें

Published by- Aqil Raza By- Dr. Manisha Bangar     ~ कल 8 फरवरी 2019 को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती पर टिप्पणी की। चूंकि यह उनका फैसला नहीं है, इसलिए कायदे से उनकी टिप्पणी की आलोचना की जा सकती है। उन्होंने कहा है कि मायावती को वह रकम लौटा देनी चाहिए जो उन्होंने अपनी मूर्तियों और हाथी की मूर्तियों के निर्माण में खर्च किया था। कोर्ट में अभियोजन पक्ष द्वारा बतायी गयी जानकारी के अनुसार यह रकम करीब 2000 करोड़ रुपए है। जस्टिस गोगोई ने यह टिप्पणी नौ साल पहले दायर एक जनहित…

“Relentless Struggle of Ramabai Ambedkar.”

Published By:Gaurav By:Obed Manwatkar~ Ramabai Bhimrao Ambedkar (7 February 1898 - 27 May 1935; also known as Ramai or Mother Rama) was the first wife of Babasaheb Dr. B.R. Ambedkar ( The Architect Of the Constitution Of India) . Her unwavering support and sacrifices have been credited by Dr. Ambedkar to have been instrumental in helping him achieve his pursuit of higher education and his true potential.She is also the subject of a number of biographical movies and books. A number of landmarks across India have been given…

जन्म दिन विशेष: जानिए कौन थे भारत के लेनिन, “बाबू जगदेव प्रसाद”

Published By- Aqil Raza By- Sunil Janardhan Yadav    ~ रूस के महान मजदूरों के नेता लेनिन जो पूरे विश्व में प्रसिद्द है, उनके बारे में तो आपने बहुत सुना होगा | लेकिन क्या आप भारत के लेनिन बाबू जगदेव प्रसाद के बारे में जानते है जिन्होंने भारत के शोषित वर्ग के खातिर अपनी जान न्योछावर कर दी | जिनके विचारो का आज भी लोहा माना जाता है| भारत के लेनिन बाबू जगदेव प्रसाद कहते थे कि "पहली पीड़ी के मारे जाएंगे,दूसरी पीड़ी के जेल जायेंगे,तीसरी पीड़ी के लोग राज करेंगे| " अपने ऐसे विचारो को लेकर बिहार में जन्मे बाबू जगदीश प्रसाद आज पूरे देश…

जन्म दिन विशेष: बिहार लेनिन अमर शहीद बाबू जगदेव कुशवाहा के जन्म दिवस पर बामसेफ संगठन की तरफ से मूलनिवासी बहुजन समाज को बहुत-बहुत बधाई

By- Rama Shankar Ram, CEC member Bamcef लोहिया जी कहा करते थे कि समाजवाद का उद्देश्य समाज मे समता लाना है। इस पर महामना राम स्वरूप वर्मा ने कहा कि समाज मे समता स्थापित करने के लिए जीवन के चार मुख्य क्षेत्रो मे समता लानी पड़ेगी। सांस्कृतिक समता सामाजिक समता III. राजनीतिक समता आर्थिक समता महामना राम स्वरूप वर्मा ने कहा कि लोहिया जी यदि आप राजनीतिक समता चाहते है तो राजनीतिक समता से पूर्व सांस्कृतिक समता एवं सामाजिक समता स्थापित होनी चाहिए। सांस्कृतिक समता एवं सामाजिक समता के बाद ही राजनीतिक समता एवं उसके बाद आर्थिक समता स्थापित…

ये रोस्टर आखिर है क्या, जिसे लेकर मचा हुआ है देश में हंगामा

By-अरविन्द कुमार ~ "आरक्षण वहां पाहुंचा देंगे जहां निरर्थक होगा- स्वामी" इस बीजेपी सरकार ने जो कहा 13 पॉईंट रोस्टर के जरीए करके दिखाया। ये रोस्टर आखिर है क्या, जिसे लेकर मचा हुआ है देश में हंगामा रोस्टर एक विधि है, जिसके जरिये नौकरियों में आरक्षण लागू किया जाता है. लेकिन अगर इसे लागू न किया जाए या लागू करने में बेईमानी हो तो आरक्षण के संवैधानिक प्रावधानों की धज्जियां उड़ जाती हैं. संविधान निर्माताओं ने अनुच्छेद 16(4) के तहत पिछड़े वर्गों (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्ग) का पर्य़ाप्त प्रतिनिधित्व…

माता सावित्री बाई फुले जिनके संघर्ष ने खोले महिलाओं के लिए शिक्षा के द्वार

केवल एक ही शत्रु है अपना, मिलकर निकाल देंगे उसे बाहर, उसके सिवा कोई शत्रु नहीं, बताती हूँ उस शत्रु का नाम, सुनो ठीक से उस शत्रु का नाम, वो तो है अविद्यारूपी 'अज्ञान' देश की प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्री बाई फुले की उपरोक्त लाइन यह बताने के लिए काफी हैं कि महिला शिक्षा के क्षेत्र में उनका कैसा योगदान रहा! भारत में सदियों से पुरुषों द्वारा महिलाओं को गुलाम बनाकर उनका शोषण होता रहा है। हमारे धार्मिक ग्रथों में भी महिलाओं की स्थिति को अत्यंत ही दयनीय रुप दर्शाया गया है। तुलसीदासजी ने तो यहां तक लिखा है कि ढोल, गंवार, शुद्र,…

आरएसएस की शाखा में खड़े प्रोफेसर विवेक कुमार के फोटो का क्या है असली सच पढ़िये…

By~ अशोक दास, सोशल एक्टीविस्ट   बीते 48 घंटों से सोशल मीडिया पर एक बार फिर जवाहर लाल नेहरू युनिवर्सिटी के प्रोफेसर विवेक कुमार की एक फोटो घूम रही है। इस फोटो में विवेक कुमार आरएसएस के मंच से अपनी बात रख रहे हैं। इसके आधार पर दुष्प्रचार किया जा रहा है। कि प्रोफेसर विवेक कुमार आरएसएस के एजेंट हैं। यह तस्वीर पहली बार सामने नहीं आई है। बीते साल पहले भी कुछ लोगों ने उस तस्वीर को फेसबुक पर शेयर कर प्रोफेसर विवेक कुमार के बारे में दुष्प्रचार करने की कोशिश की थी।अमूमन मैं किसी मसले पर जल्दी कोई कमेंट करने से बचता हूं। लेकिन चूंकि…