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“Relentless Struggle of Ramabai Ambedkar.”

Published By:Gaurav By:Obed Manwatkar~ Ramabai Bhimrao Ambedkar (7 February 1898 - 27 May 1935; also known as Ramai or Mother Rama) was the first wife of Babasaheb Dr. B.R. Ambedkar ( The Architect Of the Constitution Of India) . Her unwavering support and sacrifices have been credited by Dr. Ambedkar to have been instrumental in helping him achieve his pursuit of higher education and his true potential.She is also the subject of a number of biographical movies and books. A number of landmarks across India have been given…

विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ’13 प्वाइंट’ रोस्टर अन्यायपूर्ण!

By- Urmilesh Urmil        ~ विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में जिस अन्यायपूर्ण रोस्टर को लेकर विवाद खड़ा हुआ है, दरअसल वह सिर्फ शिक्षा जगत तक सीमित नहीं है। भारत सरकार और अनेक राज्यों की सेवाओं में लगभग उसी तर्ज के रोस्टर के तहत नियुक्तियां हो रही हैं और 2 जुलाई, सन् 1997 से ही यह सिलसिला जारी है! सरकारी सेवाओं में आरक्षण लागू होने से नाराज शीर्ष नौकरशाहों ने बड़ी चालाकी से यह रोस्टर तत्कालीन सरकार से मंजूर करा लिया। तब से वही ज्यादातर सेवाओं और राज्यों में लागू है।…

روہيت کی خودکشی يا نظام کا قتل

By- Naeem  ~ کسی شخص کا خودکشی نامہ پڑھنا آپنے آپ ميں کچھ پر مسرت احساسات کی خودکشی کرنے جيسا ہی ہے۔ ليکن جب روہيت ويمولا کا خودکشی نامہ پڑھا جاتا ہے تو زہن و دل پر ايک ہيجان سا طاری ہو جاتا ہے۔طبیعت ميں عجیب سی بےزاری گھر کر ليتی ہے۔ سوچنے کا مقام ہے کہ جو طالب علم امبيڈکر سينٹرل يونيورسيٹی سے جے۔ آر۔ ايف پاس کر کے پی ايچ ڈی کرنے آیا تھا ايسا کيا ہوا اسکے ساتھ کہ وه اپنے سماجی اور سياسی نظام سے بلکہ خود سے بھی اس درجہ بیزار ہو گیا کہ اسے خودکشی ہی اخري راستہ لگا۔ وہ يے سمجھانے لگا لوگوں کو کہ وه جینے سے زیاده مرنے ميں خوش…

रोहित वेमुला के आखिरी खत में समाई है ब्राह्मणी आतंक की दांस्ता!

BY- Zulaikha Zabeen   ~        अपनी आख़िरी सांस लेने से पहले रोहित ने हम सब  (जो ज़िंदा हैं) के नाम एक ख़त लिखा था- जिसमें उन्होंने अपने प्यार, चाहत, मिशन और कम्पेशन को हम सबके साथ साझा किया था. बेशक उन्होंने अपनी मौत की  ज़िम्मेदार किसी पे नहीं डाली है  - लेकिन एक PHD करता हुआ ग़रीब (दलित) छात्र सात महीने पहले से रोक दी गई अपनी  फ़ेलोशिप (1,75000 लाख) की रक़म दिलाने की हमसे गुज़ारिश करता है और ये भी कि "रामजी"  (जिनका रोहित क़र्ज़दार था ) को 40 हज़ार रु लौटाने का हुक्म अपने क़रीबियों को दे जाता है. उस रोहित वेमुला का वो पहला और आख़िरी…

“Strengthening Special Strategic Partnership between India and South Korea: Prospects and Challenges”

12th RASK International Seminar held at University of Delhi Researchers’ Association for the Study of Korea held its 12th International seminar on “Strengthening Special Strategic Partnership between India and South Korea: Prospects and Challenges” on 26th and 27th of October, 2018 and released its book entitled “Act East: Transitions in India’s Engagement with South Korea” edited by Professor Sushila Narshimhan and Professor Kim Do Young. More than 40 research scholars and faculties from various discipline of various…

कमजोर पर ज़ोर, यह है सवर्ण फेमिनिज़्म का दौर!

By- Deepali Tayday "कमजोर पर ज़ोर... यह है सवर्ण फेमिनिज़्म का दौर" इस बात का ताज़ा उदाहरण दिखा, मुम्बई के ओशिवरा में जब रात के एक बजे शराब के नशे में धुत सो कॉल्ड मॉडल मेघा शर्मा अपार्टमेंट में रात में ड्यूटी कर रहे गार्ड के साथ बेहद मारपीट-गालीगलौच और झूमा-झटकी की......। मेघा शर्मा यहीं पर नहीं रुकी, बल्कि गार्ड पर असॉल्ट करने का झूठा इल्ज़ाम लगाकर 100 नम्बर डायल करके पुलिस को भी बुला लिया। और फिर चीखते-चिल्लाते हंगामा करते हुए पुलिस, गार्ड और अपार्टमेंट के लोगों के बीच में सरेआम कपड़े उतारकर ब्रा-पेंटी में खड़ी हो गईं। दरअसल,…

अलवर में गौ तस्करी के शक में की गई हत्याओं की ज़िम्मेदार है एक घिनौनी मानसिकता!

By- आकिल रज़ा यह बात मैं बहुत ही ज़िम्मेदारी के साथ लिख रहा हूं.. कि मॉव_लिंचिंग का जो दर्द हम यहां बैठकर महसूस करते हैं, दरअसल वो उतना नहीं है बल्कि उससे कई गुनाह ज्यादा है, वैसे तो देश के कई राज्यों और शहरों में मॉव लिंचिंग की घटनांए हई हैं, लेकिन उन सबसे ऊपर लिस्ट में नाम आता है मेवात क्षेत्र का, मेवात भारत के उत्तरपश्चिम में हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में स्थित एक ऐतिहासिक व पारंपरिक क्षेत्र है। मोटेतौर पर इसकी सीमा में हरियाणा का मेवात जिला, राजस्थान के अलवर, भरतपुर और धौलपुर जिले और साथ ही उत्तर प्रदेश का कुछ…

हाशिमपुरा नरसंहार: सरकारी कत्लेआम के साढ़े तीस साल बाद

~ Anil Janvijay, अक्सर पूछा जाता हैः ''हाशिमपुरा नरसंहार को कितने साल हो गए.'' जवाब हैः ''जितनी उम्र जैबुन्निसा की बिटिया की है.'' जैबुन्निसा हाशिमपुरा में अपनी मां और दो बेटियों के साथ भाई के घर में रहती हैं. दो कमरों के बीच सेहन वाले घर में जैबुन्निसा की बुजुर्ग मां चारपाई पर लेटी हैं. उनके घर में कोई मर्द सदस्य नहीं है. जैबुन्निसा कहती हैं, ''उस दिन अलविदा जुमा (अरबी महीने रमजान का आखिरी जुमा) था. हमारी तीसरी बेटी (उज्मा) उसी रोज पैदा हुई थी. उसके अब्बा (इकबाल) अपनी बिटिया को देखकर नमाज पढ़ने गए थे लेकिन फिर नहीं लौटे.''…

‘धर्म पर लिबरल और नाइंसाफी पर कठोर’

~ खालिद अनीस अंसारी गुलाम नबी आज़ाद को अचानक एहसास होता है कि 'हिन्दू' उम्मीदवारों ने उनको चुनाव प्रचार में बुलाना बंद कर दिया है. हामिद अंसारी फरमाते हैं की बंटवारे के लिए सिर्फ अँगरेज़ और पाकिस्तान ज़िम्मेदार नहीं बल्कि भारत भी उतना ही ज़िम्मेदार है. इस बात को साबित करने के लिए वह सरदार पटेल का सहारा लेते हैं. कल जब सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी केस की तारीख़ पर टिप्पड़ी की तो असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी को चुनौती दे डाली की अध्यादेश ला कर मंदिर बना कर तो दिखाएं. शेहला रशीद एक मानसिक परेशानियों की शिकार आयरिश गायत्री के इस्लाम धर्म…

क्या सम्राट अकबर को ब्राह्मणों ने विष्णु अवतार घोषित किया था ?

मुग़ल सम्राट अकबर को लेकर आज तगड़ा भ्रम फैला है | पुराने इतिहासकारों ने उसे धार्मिक रूप से सहिष्णु व सबको साथ लेकर चलने वाला महान बादशाह लिखा है | यह सच है कि यदि अकबर धार्मिक रूप से सहिष्णु नहीं होता तो राजपूतों राजाओं के साथ उसकी संधियाँ नहीं निभती | पर आजकल  भारत में धार्मिक तौर पर एक नया ट्रेंड चला है, दूसरे के धर्म, जाति को कठघरे में खड़ा कर उसका चरित्रहनन करने का | अकबर भी इस नए ट्रेंड का पूरा शिकार है | पहले विदेशी व वामपंथी इतिहासकारों ने उसे भारतियों का मनोबल तोड़ने के लिए जरुरत से ज्यादा महिमामंडित किया तो आज राजनैतिक,…