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तीन शहीद: भगत सिंह की शहादत पर डॉ अंबेडकर का संपादकीय लेख, पढ़िए

BY: BABA SAHEB DR. B.R AMBEDKAR 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी पर चढ़ा दिया गया था। डॉ.आंबेडकर ने अपने अखबार ‘जनता’ में 13 अप्रैल 1931 को इन तीन युवाओं की शहादत पर ‘तीन शहीद’ शीर्षक से एक संपादकीय लेख लिखा। प्रस्तुत है वह लेख.. 23 मार्च : भगत सिंह की शहादत दिवस पर विशेष भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु इन तीनों को अन्ततः फांसी पर लटका दिया गया। इन तीनों पर यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने सान्डर्स नामक अंग्रेजी अफसर और चमन सिंह नामक सिख पुलिस अधिकारी की लाहौर में हत्या की। इसके अलावा बनारस में किसी…

भगत सिंह ने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिलाई पर आज के वॉइस राय के खिलाफ कोई भगत सिंह क्यों पैदा नहीं हो रहा?

By: Kaushar Ali Sayyed विमर्श। खास करके गुजरात के जो एक्टिविस्ट, एनजीओज, सोशल वर्कर और सिविल सोसायटी के लोग हैं उन्हें कोई हक नहीं है कि कुछ बोलें। उनको क्या लेना-देना है भगत सिंह से भगत सिंह की लेगेसी को किस तरह से ओनर किया गया हम लोगों ने, चाहे सेकुलरिज्म के लेवल पर हो या स्ट्रगल के लेवल पर हो। भगत सिंह के दौर में उन्होंने क्या-क्या कर दिखाया किस तरह की हिम्मत दिखाई,  एसेंबली से लेकर साइमन कमीशन के विरोध से लेकर जनरल डायर से लेकर सिक्योरिटी बिल और मजदूरों के कानून को लेकर उसे याद करके वैसा ही आंदोलन आज इसकी जरूरत बन चुकी…

राज्यसभा पहुँचकर जनता की आवाज क्यों नहीं बन पाए क्रिकेट में नाम कमाने वाले सचिन?

By: Ankur Sethi विमर्श: सचिन तेंदुलकर आप क्रिकेट के कथित भगवान हो सकते हो, लाखों-करोड़ों क्रिकेट फैंस की जान हो सकते हो। पर मैं यह जरूर जानना चाहूँगा की क्रिकेट में बेसुमार नाम, दौलत, शोहरत के बाद जब जनता का प्रतिनिधि/राज्यसभा सांसद बनकर संसद भवन गए तो आपने अपने देशवासियों के लिए कितने मुद्दे उठाए? 140 करोड़ जनंसख्या वाले विशाल भारत में गरीबी, भुखमरी, रोजगार, स्वास्थ्य ,जनसंख्या वृद्धि की समस्या, महँगाई और भ्रष्टाचार की समस्या, असाक्षरता/अशिक्षा, बाल-विवाह, बाल श्रम, जातिवाद की समस्याएं गाँवों, कस्बों से लेकर शहरों तक जड़ के…

जन्म दिन विशेष: बहुजनों के मसीहा बाबा साहेब के विचार, और कांशीराम के संघर्ष की यादें…

By- Aqil Raza दुनिया-भर में अलग अलग समय पर दुंखो और मसीबतों के खिलाफ बड़े स्तर पर संघर्ष होते रहे है। इन संघर्ष में अनेक बड़े नेता उभर कर सामने आते रहे हैं। जैस दक्षिण अफ्रीका में नस्लीय भेदभाव के खिलाफ नेल्सन मंडेला, अमेरिका में अब्राहम लिंकन और मारिन लूथर किंग। भारत में भी जात-पात, छुआछात और नस्लीए भेदवाव के खिलाफ बहुजनों के मसीहा बाबा साहेब भीम राव अंमेडकर ने बड़े पैमाने पर संघर्ष किया, और इस संघर्ष की बदौलत वो भारत में ही नहीं पूरी दुनिया में अपने विचार औऱ सिद्धांतो के लिए जाने जाते है। बाबा साहेब अंबेडकर की मृत्यु के…

महान साइंटिस्ट स्टीफन हॉकिंग का निधन, जानिए भगवान के बारे में क्या कहते थे स्टीफन?

नई दिल्ली। दुनिया के सबसे महान साइंटिस्ट स्टीफन हॉकिंग इस रहस्मय दुनिया को अलविदा कह चुके हैं। 76 साल की आयु में बुधवार को ब्रिटेन के कैम्ब्रिज स्थित उनके घर पर निधन हो गया। स्टीफन हॉकिंग के बच्चों लुसी, रॉबर्ट और टिम ने बयान जारी कर कहा, 'हमें बेहद दुख है कि हमारे प्यारे पिता आज हमें छोड़कर चले गए।' हॉकिंग 1963 में मोटर न्यूरॉन बीमारी के शिकार हुए और डॉक्टरों ने कहा कि उनके जीवन के सिर्फ दो साल बचे हैं। लेकिन वह पढ़ने के लिए कैम्ब्रिज चले गये और एल्बर्ट आइंस्टिन के बाद दुनिया के सबसे महान सैद्धांतिक भौतिकीविद बने। दुनिया के…

डोनाल्ट ट्रंप ने भारत सरकार को क्यों दी धमकी? खबर पढ़कर जानिए

By: Sushil Kumar नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप ने भारत और चीन को धमकी दी है। डोनाल्ट ट्रंप का कहना है कि अगर अमेरिकी सामानों पर टैक्स कम नहीं किया गया तो वो भी उतना ही टैक्स लगाएंगे। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इंपोर्ट समानों पर बहुत कम टैक्स लगाता है. लेकिन दूसरे देश हमारे सामानों पर ज्यादा टैक्स लगाता हैं. जिसको लेकर ट्रंप ने धमकी भरे लहजे में कहा कि अगर दूसरे देश टैक्स कम नहीं करेंगे तो वो भी जवाबी टैक्स लगाएंगे। आपको बता दें ट्रंप इससे पहले भी यह मुदद् उठा चुके हैं। बीते कुछ समय में ट्रंप ने कई बार अमेरिका…

पीएम मोदी का महिला सशक्तिकरण का नारा कितना जायज़ ?

By- Aqil Raza विश्व में कल महिला दिवस मनाया गया, कल के दिन सभी न्यूज़ पेपर में, मैनस्ट्रीम मिडिया में महिलाओं की बहादुरी.. उनके प्रति आत्म सम्मान, और समाज में उनके योगदान पर कसीदे पढ़ने की होड़ लगी रही थी.. हमारे देश के राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों से लेकर शहर शहर महिला सम्मान कार्यक्रमों में लोग महिलाओं के सशक्तिकरण पर बड़ी बड़ी बातें करते दिखाई दिए थे। तो चलिए आज महिलाओं की स्थिति हकीकत की रोशनी में टटोलने की कोशिश करते हैं। देश में महलाओं की स्थिति, खासकर ग्रामीण इलाकों की एसी है कि उनके दयनीय हालत…

रोहिंग्या मुसलमानों पर चुप्पी आंग सान सू की को पड़ी भारी, छीन लिया जाएगा मानवाधिकार अवार्ड

म्यांमार: रोहिंग्या मुसलमानों पर अत्याचारों की चर्चाऐं सारी दुनिया में हो रही हैं पर म्यांमार की चर्चित शख्सियतों में शामिल आंग सान सूकी ने बिल्कुल चुप्पी साध रखी है जिस कारण उनसे जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है. अमेरिका के होलकॉस्ट म्यूजियम ने आंग सान सूकी को मानवाधिकार क्षेत्र में दिए अवार्ड को वापिस लेने की घोषणा की है. जानकारी के मुताबिक रोहिंग्या मुसलमानों से जुड़े मुद्दे पर कोई असरदार कार्रवाई न करना इसका मुख्य कारण बताया जा रहा है. बता दें कि म्यांमार 2016 और 2017 में सेना द्वारा रोहिंग्या मुसलमानों पर किए गए…

जानिए पाकिस्तान की पहली बहुजन महिला सीनेटर बनीं कृष्णा कुमारी के बारे में

कराची। पाकिस्तान में पहली बहुजन महिला सीनेटर बनी कृष्णा कुमारी कोलही की चर्चा विदेशों तक में हो रही है जिन्होंने सीनेटर बनकर इतिहास रचा दिया है। उन्होंने सिंध प्रांत की अल्पसंख्यक सीट से पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के टिकट पर पाक संसद के उच्च सदन सीनेट के चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की। बता दें की 39 वर्षीय कृष्णा की जीत पाकिस्तान में महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है। इससे पहले पीपीपी की रत्ना भगवानदास चावला पहली हिंदू महिला सीनेटर चुनी गई थीं। कृष्णा सिंध प्रांत के थार जिले के नागरपारकर…