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Human Rights

राष्ट्रवाद और हिंदू धर्म की आड़ में अपने वर्चस्व को बचाने, सवर्णों की खतरनाक राजनीति

BY: SHYAM MEERA SINGH सबसे पहले जेएनयू पर आतंकवादी हमले का जश्न मनाने वालों के उपनामों को पढ़ें, "शुक्ला, दुबे, चतुर्वेदी, जादौन, तोमर, चौधरी, राजपूत, गुर्जर, पांडे, त्रिवेदी, त्रिपाठी, सिंह, मिश्रा, शर्मा" आदि वे क्यों हैं? आपने सोचा अहीर क्यों नहीं है? जाटव क्यों नहीं? कुमार क्यों नहीं? वाल्मीकि क्यों नहीं? नाई क्यों नहीं है? धोबी क्यों नहीं? मीना क्यों नहीं है? वास्तव में, इस देश का सड़ा हुआ "अपरकेस" हिंदू धर्म की आड़ में आपके घरों, विश्वविद्यालयों तक पहुंच गया है। राष्ट्रवाद और हिंदू धर्म की आड़ में ये लड़ाई

दिल्ली पुलिस का JNU पर हमले के पीछे ABVP के गुंडों को नजरअंदाज करना

BY: Darshan Mondkar नकाबपोश गुंडों द्वारा जेएनयू पर हमले से पहले और उसके दौरान हिंसक गतिविधियों के समन्वय के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया था। डब्ल्यूए समूह को "यूनिटी अगेंस्ट लेफ्ट" कहा जाता था और लोग इस बात पर चर्चा कर रहे थे कि जेएनयू पर हमले की योजना कैसे बनाई जाए, किस गेट से और यह खबर भी दोहराई गई कि किसकी पिटाई की जा रही थी। इस WA समूह में 18 Admins थे। मेरे मित्र आनंद मंगले ने उस समूह में घुसपैठ करने और स्क्रीनशॉट लेने में कामयाबी हासिल करने के लिए सभी 18 नंबरों के रिकॉर्ड को रिकॉर्ड में लिया है। और जो

JNU हिंसा: मोदी जी और शाह जी ने 90 साल बाद दिला दी नाजी शासन की याद

कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हमला करने वालों को संरक्षण देने का आरोप लगाया और कहा कि इस मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ''मोदी जी और अमित शाह जी ने छात्रों पर दमन चक्र चलाकर नाजी शासन की याद 90 साल बाद दिला दी. जिस तरह से छात्रों, छात्राओं और शिक्षकों पर हमला किया गया और जिस प्रकार पुलिस मूकदर्शक बनी रही, वह दिखाता है कि देश में प्रजातंत्र का शासन नहीं बचा है.'' उन्होंने कहा, ''युवा प्रजातंत्र और संविधान पर हमले

JNU में कैसे हुई हिंसा? छात्रों और रिपोर्टर ने बताई ‘आंखों देखी’

हम लगभग 8.30 बजे जेएनयू मुख्य द्वार पर पहुँचे। जेएनयू मेन गेट तक जाने वाली बेर सराय चिल्ड्रन पार्क (यानी बाबा गंगनाथ मार्ग) की सड़क पूरी तरह से अंधेरी थी। हमने देखा कि उस सड़क पर सभी स्ट्रीट लाइट को बंद कर दिया गया था। मुख्य गेट के पास पुलिस बल की भारी तैनाती थी। साथ ही पुलिस कम से कम सौ गुंडों के साथ खड़ी थी, जिनमें से कई ने लाठियां बरसाईं। उन्होंने मुख्य द्वार को अवरुद्ध कर दिया था, जेएनयू को नक्सल विश्वविद्यालय कहने के नारे लगा रहे थे, भारत माता की जय का नारा लगा रहे थे। गोल्लि मारों सौलन को। नारे लगाए जा रहे थे जिससे

जामिया के बाद अब जेएनयू के गर्ल्स हॉस्टल में गुंडों की तानाशाही

BY: Kanaklata Yadav आज शाम में हम लोग साबरमती ढाबे पर इकट्ठा थे, मुझे बाहर से खबर मिली कि बाहर बहुत से लोग मार पीट करने के लिए इकट्ठा हैं, काफी लोग कैंपस में भी घुस चुके हैं और आज रात में कुछ भी हो सकता है, आप लोग बच कर रहिये। हम लोग ये सब सुन ही रहे थे और जेएनयूटीए के पीस मार्च में शामिल होने वाले थे। हम और हमारे कई साथी साबरमती ढाबे पर चाय पी रहे थे, मुझे बाथरूम जाना था तो मैं साबरमती होस्टल में चली गई। बाथरूम के अंदर ही मुझे बाहर की आवाजें सुनाई देने लगीं, लोगों के चीखने भागने, गली गालौज और बदहवास भागती लड़कियों की

CAA पर BJP सांसद की धमकी- इस कानून को लागू नहीं करने वाले राज्यों में लगेगा राष्ट्रपति शासन

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पहले ही बड़े पैमाने पर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है. यही कारण है कि बीजेपी घर घर जाकर लोगों को जागरुक करने जा रही है. लेकिन वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के होशंगाबाद से बीजेपी सांसद उदय प्रताप सिंह का चेतावनी देते हुए बयान सामने आया है जिसमें वो कह रहे हैं जो राज्य CAA लागू नहीं करेंगे वहां राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है. उन्होंने कहा है कि संसद में कानून पास हुआ है राज्य सरकारें और नागरिक इसे मानने के लिए बाध्य हैं, अगर नहीं पालन होगा तो राष्ट्रपति शासन लगेगा. उन्होंने कहा, 'एक

असम: डिटेंशन सेंटर में रखे गए शख्स की मौत, कुल मृतकों की संख्या 29 पहुंची

अवैध प्रवासी होने के कारण असम के डिटेंशन सेंटर में रखे गए एक शख्स की एक बीते शुक्रवार को गोलपाड़ा स्थित गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) में मौत हो गई. इस शख्स को 10 दिन पहले बीमार होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, इस शख्स की मौत के साथ ही अब तक राज्य में स्थित डिटेंशन सेंटरों में रखे गए लोगों की होने वाली मौतों की संख्या 29 पहुंच चुकी है. इन डिटेंशन सेंटरों में करीब 1000 लोगों को रखा गया है. एनडीटीवी के अनुसार, मृतक की पहचान 70 वर्षीय फालू दास के रूप में की गई

अगर कोई CAA के खिलाफ प्रदर्शन करता है तो उसे बहुजन विरोधी घोषित कर देना चाहिए: नित्यानंद राय

केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा है कि संशोधित नागरिकता कानून का विरोध करने वालों को ओबीसी और बहुजन विरोधी घोषित कर देना चाहिए। गृह राज्य मंत्री राय ने कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में उत्पीड़न के कारण वहां से आने वाले लोगों में ज्यादातर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और बहुजन वर्ग से हैं। उन्हें सम्मान देने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी सीएए लेकर आए हैं। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा है कि संशोधित नागरिकता कानून का विरोध करने वालों को ओबीसी और बहुजन विरोधी घोषित कर देना चाहिए। गृह राज्य मंत्री

CAA, NRC के विरोध में रंगोली बनाना पड़ा भारी, एक महिला को आधा दर्जन पुलिसकर्मियों ने घेरा, वायरल हो रहा वीडियो

संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और नेशनल रजिस्ट्रर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) के खिलाफ लोग विरोध दर्ज करने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कुछ लोग पोस्टर लेकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं तो कुछ लोग नारेबाजी के जरिए। इसी क्रम में चेन्नई में एक महिला ने रंगोली बनाकर सीएए और एनआरसी का विरोध किया। शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रही महिला को आधा दर्जन पुलिसकर्मियों ने घेर लिया। रंगोली में ‘नोट टू एनआरसी’ और ‘नो टू सीएए’ लिखा गया था। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। मामला दक्षिण चेन्नई के बेसेंट नगर इलाके का है। वीडियो

NRC से खतरे में सभी धर्म के लोगCAA के खिलाफ हिंसा और प्रदर्शन को लेकर विदेशी राजनयिकों ने जताई चिंता

चुनावी रणनीतिकार और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने National Register Of Citizens (एनआरसी) को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। न्यूज एजेंसी ‘ANI’ से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि ‘अगर कांग्रेस अध्यक्ष एनआरसी के मुद्दे पर एक भी बयान देतीं तो इससे काफी चीजें साफ हो जातीं…धरना और विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेना यह सब ठीक है…आखिर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की तरफ से एनआऱसी को लेकर एक भी बयान क्यों नहीं आय़ा? यह मेरी समझ से बाहर है।’ प्रशांत किशोर का मानना