हार्दिक पटेल की तथाकथित सेक्स सीडी पर मीडिया चैनल का दावा कितना वाजिब ?

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नई दिल्ली। गुजरात चुनाव से ऐन पहले पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल की कथित सीडी सोशल मीडिया पर वायरल होने पर हंगामा मचा हुआ है. वायरल वीडियो में हार्दिक पटेल के जैसे किसी शख्स को एक लड़की के साथ दिखाया गया है.

वीडियो के संबंध में हार्दिक पटेल ने इसे बीजेपी का षड़यंत्र करार दिया है. उनका कहना है कि यह सब बीजेपी उनकी इमेज खराब करने के लिए कर रही है।

खैर जो भी है हकीकत जांच पड़ताल के बाद ही सामने आयगी. लेकिन इस मुद्दे को जिस तरह से मीडिया दिखा रहा वो जरुर सोचने पर मजबूर करता है. कि जब सत्ता में बैठे किसी नेता, मंत्री की सेक्स सीडी वायरल होता है तो मीडिया इस तरह क्यों नहीं दिखाता?

इस मामले को लेकर वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल ने अपनी फेसबुक वॉल पर कुछ इस अंदाज में अपना नजरिया लिखा है..

-यह पिसाई अक्सर अपने लोगों के हाथों और पैरों से होती है.

अगर आप एससी, एसटी, ओबीसी या माइनॉरिटी हैं तो स्कैंडल के आरोप मात्र से आपका करियर हमेशा के लिए खत्म हो जाएगाा. आपका अपना समाज आपके साथ खड़ा नहीं होगा, आपका अपना समाज आपसे ऐसे ऊंचे नैतिक मानदंडों की उम्मीद करेगा जैसे कि वे खुद सत्य और नीति के अवतार हों.

वहीं, सवर्णों में अनैतिकता कोई अपराध नहीं है. उनका समाज अपने लोगों की अनैतिकता को कोई महत्व ही नहीं देता. बल्कि ऐसे लोगों को वहां बचाया जाता है. आरोप सिद्ध होने के बावजूद ऐसे लोग बच जाते हैं. समाज में सिर उठाकर जीते हैं. मानों कुछ हुआ ही नहीं हो.

इसलिए आप पाएंगे कि एक समान या गंभीर आरोपों में सवर्ण बच जाता है और अवर्ण पिस जाता है.

यह पिसाई अक्सर अपने लोगों के हाथों और पैरों से होती है.

-हार्दिक पटेल ऐसा कौन सा शानदार सेक्स करता दिख रहा है वीडियो में जिसे….

बीजेपी के मंत्री की सीडी में सेक्स है. विवाहित व्यक्ति का विवाहेतर सेक्स. वह सीडी मीडिया में नहीं दिखाई गई. देश का एक नामी पत्रकार विनोद वर्मा जेल में है. इस आरोप में कि उनके पास उस सीडी की कॉपी थी.

हार्दिक पटेल ऐसा कौन सा शानदार सेक्स करता दिख रहा है कि चैनल कूद-कूद कर उसकी सीडी दिखा रहे हैं. बैचलर, अनअटैच्ड बंदा है. एक लड़की की सहमति से उसके साथ है. फिर लाइट बुझ जाती है. कुछ भी नहीं है. लेकिन दिखाए जा रहे हैं.

इस बीच वरुण गांधी राष्ट्रवादी बना हुआ है. मीडिया में ओपिनियन दे रहा है और मीडिया उसका ओपिनियन ले रहे हैं.

चैनल पागल हो चुके हैं.

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