BJP के ‘चाणक्य’ माने जानेवाले गृह मंत्री अमित शाह को शरद पवार ने दी जोरदार पटखनी

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महाराष्ट्र की सियासत के माहिर खिलाड़ी एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार का नाम इस समय हर किसी की जुबान पर है. बीजेपी के ‘चाणक्य’ माने जानेवाले गृह मंत्री अमित शाह को महाराष्ट्र के सियासी दांवपेच में 79 साल के इस कद्दावर नेता ने जोरदार पटखनी दी है. शरद पवार ने अपने भतीजे अजित पवार की घर वापसी करा बीजेपी का बना बनाया समीकरण ही बिगाड़ दिया जिसकी वजह से 3 दिन बाद ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा. उद्धव ठाकरे को मंगलवार को जिस समय गठबंधन का नेता चुना जा रहा था होटल के बाहर जमा लोग ‘महाराष्ट्र में एक टाइगर शरद पवार’ के नारे लगा रहे थे. इस सियासी उलटफेर का असर यह हुआ कि महाराष्ट्र की सत्ता पर दोबारा काबिज होने के सपने देख रही बीजेपी को जोरदार झटका लगा .अब कई विपक्षी दल एक साथ सरकार बनाने जा रहे हैं और शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री होंगे.

विधानसभा चुनाव में अपनी मेहनत के बल पर पवार अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही एनसीपी को मजबूत स्थिति में ले आए. हालांकि उनकी कोशिशों को उस समय झटका लगा जब भतीजे ने परिवार से विद्रोह करते हुए 23 नवंबर की सुबह बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना ली थी. यह पवार की रणनीति का ही नतीजा था कि बीजेपी की यह सरकार महज 80 घंटे ही अस्तित्व में रही. पवार ने पारिवारिक दबाव बनाकर न सिर्फ अपने भतीजे अजित की घर वापसी कराई बल्कि उनका इस्तीफा भी हो गया. हालांकि अजीत ने इस्तीफे की वजह निजी कारणों को बताया है जिससे बीजेपी में हड़कंप मच गया. उधर फ्लोर टेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व भी ऐक्टिव हो गया. बहुमत न मिलता देख बीजेपी ने फडणवीस का इस्तीफा दिलाना ही बेहतर समझा. वही अमित शाह और शरद पवार में सियासी तल्खी की ये कोई नई बात नहीं है.

लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के सामने मात खाने के बाद शरद पवार ने महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनाव में पश्चिमी महाराष्‍ट्र में बहुत अच्‍छी वापसी कर एनसीपी ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से 10 सीटें ज्‍यादा जीतीं जो उसके लिए संतोषजनक रहा. शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे की महत्‍वाकांक्षाओं ने अगर सिर नहीं उठाया होता तो शरद पवार सत्‍ता की दौड़ से बाहर रहते. खैर अब शरद पवार की पार्टी भी सत्ता में आ रही है. वही महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार गिरने से ट्वीटर पर एक ट्रैंड चल रहा है #फिल्मसिटीनोएडा में मातम.

जिसमें गोदी मीडिया यानि मनुवादी मीडिया का अपमान किया जा रहा है. महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार गिरने से एंकरों के हाल पर लोग ट्वीट कर रहे है. prof. dilip mandal लिखते है कि ताजा हालात पर एंकरों के दिल का हाल बताने वाला सबसे अच्छा गाना क्या हो सकता है?दिल के अरमां आंसूओं में बह गए. जिसपर प्रदीप यादव लिखते है कि न्यूज़ रूम में ख़ुद के एंकरों ने देश को बर्बाद कर दिया. ये लोग हमेशा टीवी चैनलों में जातिवाद को आगे रखते हैं. ऐसे एंकरों पर प्रतिबंध लगना चाहिए.वही ललित मोहन लिखते है कि आज यह किरकिरी किसकी हुई है राष्ट्रपति राज्यपाल या मोदी शाह की लेकिन रोने की आवाज़ें न्यूज़ स्टूडियो से आ रही है . ऐसे तमाम लोग गोदी मीडिया का मजाक बना ट्वीट कर रहे है. फिलहाल राजनीति में तो उठापठक चलती रहती है लेकिन हर इंसान को ईमानदारी से अपना फर्ज निभाकर सही सरकार को चुनें जो हम आम जनता की दुख तकलीफों को सुनें.

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