मुजफ्फरपुर कांड: भूमिहार बेदाग, कुशवाहों को कलंक!

0
Want create site? With Free visual composer you can do it easy.

By- Santosh Yadav

मामला मुजफ्फरपुर सामुहिक बलात्कार कांड से जुड़ा है। इस मामले में ब्रजेश ठाकुर(भूमिहार) किंगपिन हैं। लेकिन इसका सारा दोष कुशवाहा जाति से संबंध रखने वाली पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के माथे मढ़ दिया गया। यह विश्वास करने योग्य नहीं है कि बजेश ठाकुर केवल पूर्व मंत्री के पति को ही लड़कियां सप्लाई करता होगा। हालांकि अब इस मामले की जांच पटना हाईकोर्ट की निगहबानी में सीबीआई कर रही है, लिहाजा सनसनीखेज खुलासों के लिए बिहार की जनता को तैयार रहना चाहिए।

बहरहाल बिहार सरकार में शामिल भूमिहार जाति के साझेदारों ने पूरे मामले को कुशवाहा समाज के माथे पर कलंक के समान थोप दिया है। राज्य सरकार ने भी मंजू वर्मा के स्थान पर कुशवाहा जाति के कृष्णनंदन वर्मा को प्रभार देकर यह लगभग साबित ही कर दिया है। लेकिन विपक्ष इसी मात्र से संतुष्ठ नहीं है कि मंजू वर्मा ने इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस और राजद सहित पूरे विपक्ष ने नैतिकता के आधार पर नीतीश कुमार पर इस्तीफा देने का दबाव बना दिया है। इस मामले में वह अकेले भी पड़ते जा रहे हैं। उनके सहयोगी भाजपा के डॉ. सी. पी. ठाकुर और राज्यसभा सांसद गोपाल नारायण सिंह ने मोर्चा खोल दिया है।

वैसे यह नीतीश कुमार की राजनीतिक रणनीति भी है। कुशवाहा समाज को अपने पाले में बनाये रखने की। वजह यह है कि बिहार में कुशवाहा जाति ओबीसी वर्ग में दूसरा सबसे बड़ा समुदाय है। हाल के चुनावों में इस जाति का वोट एनडीए को मिलता रहा है और इसके नेता के रूप में उपेंद्र कुशवाहा उभरकर सामने आये हैं।

हालांकि सत्ता पक्ष के लोग यह स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं कि वे कोई जातिवाद कर रहे हैं। जदयू के प्रवक्ताा नीरज कुमार का कहना है कि उनकी सरकार ने समय रहते कड़ी कार्रवाई की। उन्होंने यह स्वीकार किया कि एक कुशवाहा के बदले दूसरे कुशवाहा को मंत्री पद दिया गया है ताकि कुशवाहा समाज के मतदाता नाराज न हो सकें।

बहरहाल अगले साल लोकसभा का चुनाव होना है। बिहार में कथित तौर पर सत्ता का नेतृत्व कर रहे नीतीश कुमार पर छवि को धवल बनाये रखने का संकट है। वजह यह कि मुजफ्फरपुर मामले में खुलासा होने के करीब ढाई महीने बाद सरकार की नींद तब खुली जब पूरे देश ने 34 बच्चियों के साथ सामुहिक बलात्कार का सच जान लिया। मंजू वर्मा के इस्तीफे के बाद अब विपक्ष द्वारा उनके उपर इस्तीफा देने का दबाव बनाया जा रहा है। सनद रहे कि नीतीश कुमार अपनी साफ-सुथरी छवि के लिए जाने जाते हैं और इसी छवि को बचाने के लिए उन्होंने कई मौकों पर आगे बढ़कर इस्तीफा दिया है।

संतोष यादव

santoshyadavindia123@gmail.com

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

You might also like More from author