नरेश अग्रवाल से एसपी को नहीं, बीजेपी को खानी पड़ेगी मुंह की!

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By- Aqil Raza

नरेश अग्रवाल का बीजेपी में जाना दरअसल एसपी नहीं, खुद बीजेपी के लिए ज़्यादा झटका साबित हो सकता है. उसकी दो वजहें हैं. पहली तो यह कि इस फैसले से पार्टी कार्यकर्ता हतप्रभ हैं. पार्टी का कार्यकर्ता विनय कटियार जैसे नेताओं के साथ आगे बढ़ा है. लेकिन पार्टी विनय कटियार को किनारे कर नरेश अग्रवाल पर दांव खेल रही है. इसे कम से कम कार्यकर्ता आसानी से हजम नहीं कर पाएगा.

पार्टी को बार-बार नरेश अग्रवाल के भाजपा विरोधी बयानों और विवादित टिप्पणियों के चलते मुंह की खानी पड़ेगी. सार्वजनिक मंचों पर बीजेपी की नरेश अग्रवाल के पूर्व के बयानों की वजह से किरकिरी होगी. और बीजेपी में गए नरेश अग्रवाल पता नहीं कबतक बीजेपी के साथ रहेंगे. वो जब भी पार्टी से जाएंगे, पार्टी के कार्यकर्ता का, खासकर हरदोई के बीजेपा और संघ कार्यकर्ताओं का दिल और मनोबल एकबार फिर से टूटेगा ज़रूर.

खुद नरेश अग्रवाल यह भूल रहे हैं कि भाजपा में बाकी दलों से आए हुए लोगों का क्या हश्र हुआ है. जीतन राम मांझी हों, रामअचल राजभर हों, स्वामी प्रसाद मौर्य हों, ऐसे कितने ही नाम हैं जिनको जिस तेज़ी और गर्माहट के साथ भाजपा ने पार्टी में शामिल कराया या गठबंधन किया, उसकी ही तेज़ी से उन्हें ठंडे बस्ते में भी डाल दिया. नरेश अग्रवाल और भाजपा का साथ दोनों के लिए अंततः घाटे का सौदा ही साबित होगा.

बीजेपी को भी इस सौदे में मुंह की खानी पड़ सकती है, बीजेपी हमेशा से हिंदुत्व की छवी को लेकर चुनाव लड़ती आई है और ये वहीं नरेश अग्रवाल हैं जिनकों बयानों के चलते तमाम बीजेपी नेता खुले तौर पर इनके हिंदू विरोधी और देशभर के तमाम हिंदुओ की आस्था को चोट पहुचाने का जिम्मेदार ठहरा चुके हैं, इतना ही नहीं तमाम बीजेपी के बड़े लीडरों ने पिछले दिनों इनके बयान को लेकर गिरफ्तारी की भी मांग की थी। लेकिन सवाल इस बात का है कि अब नरेश अग्रवाल कौन से घाट पर जाकर स्नान कर आए। जिससे इनके ऊपर लगे सारे आरोप धुल गए और बीजेपी ने उन्हें पार्टी में शामिल कर लिया।

नरेश अग्रवाल ने पार्टी में शामिल होने के साथ ही जया बच्चन को लेकर एक और विवादित बयान दे दिया, जिसकी बाजह से उनकी अलोचनांए होनी शुरू हो गई हैं। अब देखना ये होगा कि क्या बीजेपी इस तरह के विवादित बयान देने पर नरेश अग्रवाल के खिलाफ कोई एक्शन लेगी। या फिर ये माना जाए की बीजेपी में शामिल होने के बाद दामन पर लगे सारे दाग धुल जाते हैं।

 

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