खट्टर सरकार के खिलाफ शिक्षकों के प्रदर्शन का सातवां दिन, 26 नवंबर को काला दिवस मनाने की दी चेतावनी

गैरशिक्षण कार्यों के खिलाफ प्राइमरी स्कूलों के शिक्षक तीन महीने से कर रहे हैं आंदोलन

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कैथल। हरियाणा की खट्टर सरकार द्वार प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी गैरशिक्षण कार्यों में लगाए जाने से शिक्षकों में भारी गुस्सा है। कैथल में पिछले सात दिनों से शिक्षक जनसेवा सर्वे के विरोध में अनिश्चितकालिन धरना प्रदर्शन पर बैठे हैं। लेकिन लगता है गूंगा-बेहरा शासन- प्रशासन शिक्षकों की समस्या को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं!

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं निकलता है तो वो 26 नवंबर यानी कि संविधान दिवस को काला दिवस के रुप में मनाएंगे। उनका कहना है कि इस तरह के आदेश से टीचर्स और स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अधिकारों का हनन है।

 

राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के खंड प्रधान सुरेश द्रविड़ ने बताया कि आज प्रदर्शन का सातवां दिन है लेकिन कोई सतोंषजनक जवाब नहीं मिला है। उनका कहना है कि शिक्षकों की ड्यूटी दूसरें कामों में लगाए जाने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। और यह आरटीई यानी कि राइट टू एजुकेशन जिसमें कहा गया है कि शिक्षकों से कोई भी गैरशिक्षण कार्य नहीं लिया जाए उस कानून का भी उल्लंघन है।

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