ઘર ભાષાની હિન્દી રાજસ્થાન: 'જય શ્રી રામ’ એક વૃદ્ધ રિક્ષાચાલકે બોલ્યા નહીં હોવાથી તેને માર માર્યો હતો
હિન્દી - રાજકીય - ઓગસ્ટ 9, 2020

રાજસ્થાન: 'જય શ્રી રામ’ એક વૃદ્ધ રિક્ષાચાલકે બોલ્યા નહીં હોવાથી તેને માર માર્યો હતો

जय श्री राम ना बोलने पर मारपीट करना किस हद तक वाजिब है। ये कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी कई मामले ऐसे सामने आए जहां सिर्फ और सिर्फ इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि उसने जय श्री राम नहीं बोला। अब ऐसा ही एक और मामला राजस्थान से सामने आया है जहां राजस्थान के सीकर जिले की पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, दोनों सख्स के ऊपर 52 साल के एक ऑटोरिक्शा ड्राइवर के साथ कथित तौर परमोदी जिंदाबाद” અને “जय श्री रामका नारा लगाने से इनकार करने के बाद मारपीट करने का आरोप है।

एक खबर के मुताबिक ऑटोरिक्शा ड्राइवर गफ्फार अहमद कच्छवा की शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एफाआईआर दर्ज कर ली हैय़ गफ्फार ने दोनों पर उनकी घड़ी और पैसे चुराने का आरोप भी लगाया है. मारपीट में गफ्फार के दांत टूट गए हैं, आंख और गाल पर भी चोटें आई हैं।

कच्छवा के भतीजे शाहिद ने कहा, ”शुक्रवार को सुबह लगभग 4 बजे मेरे चाचा पास के एक गांव में यात्रियों को छोड़ने के बाद लौट रहे थे। तबतक एक कार में सवार दो लोगों आए उन्हें रोका और तंबाकू के लिए पूछा, बाद में उन्होंने तम्बाकू लेने से मना कर दिया और उन्हें मोदी जिंदाबाद कहने के लिए कहने लगे।

गफ्फार अहमद ने कहा कि उन लोगों ने मुझसे मोदी जिंदाबाद का नारा लगाने को कहा और जब मैंने मना कर दिया तो उनमें से एक ने मुझे थप्पड़ मारा। किसी तरह मैंन अपनी ऑटोरिक्शा से सीकर की तरफ निकला लेकिन उन्होंने अपनी कार पर मेरा पीछा किया और जगमालपुरा के पास मेरी ऑटो रोक दिया। गफ्फार ने अपनी शिकायत में कहा कि उन्होंने मुझे ऑटो से उतार कर बुरी तरह से पीटा, उसके बाद उन्होंने कहा कि तुम्हें पाकिस्तान भेजने के बाद ही हम आराम करेंगे।

लेकिन इस सरकार में अब और क्या देखना रह गया है सरकार सबका साथ सबका विकास की बात कर सत्ता में आई थी। लेकिन एक ही कौम को लगातार टारगेट किया जा रहा है और सरकार हर बार की तरह इस बार भी कार्रवाई की बात कह रही है।

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