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Hindi - February 24, 2020

CAA के खिलाफ जाफराबाद में प्रदर्शन जारी, मेट्रो स्टेशन बंद

CAA और NRC के विरोध में दो महीनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन के चलते माहौल गर्माया हुआ है. जो देश के अलग-अलग राज्यों से सामने आ रहे है. शाहीन बाग के बाद अब इस प्रदर्शन ने जाफराबाद में भी उग्र रुप ले लिया है. यह प्रदर्शन इतना बढ़ गया कि स्थिती को काबू में करने के लिए मौजपुर और बाबरपुर के मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए. इस मेट्रो पर किसी भी ट्रेन की स्टोपेज नही हो रही है. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में आज शाहीन बाग की सड़के खोलने को लेकर सुनवाई होगी.

दरअसल, शाहीन बाग में बड़ी तादाद में महिलाएं नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ आंदोलन कर रही है. इसके अलावा शनिवार को एक और महिलाओं का समूह सीलमपुर और जाफराबाद में धरने पर बैठी. इस दौरान सभी ने वहां पत्थरबाजी कर तोड़-फोड़ की इसके साथ ही वहां प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियों में आगजनी भी की. इसी के साथ रविवार को भीम आर्मी चीफ ने भारत बंद का आह्वाहन कर संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में अपना समर्थन भी दिया.

बता दें कि शाहीन बाग में लगभग दो महीनों से सीएए के खिलाफ लगातार प्रदर्शन जारी है. जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट ने वार्ताकार नियुक्त किए कि प्रदर्शनकारियों से बात कर कोई सामाधान निकाला जा सके. लेकिन वार्ताकारों के चार दिन तक शाहीन बाग का दौरा करने और आंदोलनकारियों से बात करने के बावजूद कोई हल नही निकल पाया है. वहीं सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त वार्ताकार वजाहत हबीबुल्लाह का कहना है कि 5 सड़को के बंद होने में प्रदर्शनकारियों का कोई हाथ नही है, पुलिस ने ही बेवजह उन रास्तों को बंद कर रखा है. अगर पुलिस उन रास्तों को खोल दे तो हालात सामान्य हो जाएंगें और लोगों को किसी भी मुश्किलातों का सामना नही करना पड़ेगा.

गौरतलब है कि इससे पहले वार्ताकारों ने बातचीत के दौरान प्रदर्शनकारियों को सड़के खाली करने के लिए कहा था, प्रदर्शनकारियों ने मांग रखी थी कि दिल्ली पुलिस हमें सुरक्षा दें तो हम सड़क तुरंत खाली कर देंगे. जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने कहा कि हम सुरक्षा देने के लिए तैयार है. लेकिन प्रदर्शनकारी नही माने. उनका कहना था कि हमें दिल्ली पुलिस पर भरोसा नही है. जामिया की लाइब्रेरी में उन्होंने ही संपत्ति के साथ तोड़-फोड़े की थी. वहां के छात्रों पर लाठीचार्ज कर आंसू गैस के गोले दागे थे. शाहीन बाग में पुलिस के रहते गोलियां चली तो हम उन पर कैसे यकीन करें. प्रदर्शकारियों ने यह भी कहा कि अगर दिल्ली पुलिस हमें लिखित रुप में दें तो हम सड़के खाली कर देंगे.

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