ઘર રાજ્ય દિલ્હી-એનસીઆર કચરાની જેમ ઘરમાં ચોરી કરવા માટે વપરાય છે,પોલીસે પકડ્યો

કચરાની જેમ ઘરમાં ચોરી કરવા માટે વપરાય છે,પોલીસે પકડ્યો

દિલ્હી:- મેડિકલ સિસ્ટમને લઈને BJP MLA સામે ગ્રામજનો નારાજ. આવી સ્થિતિમાં મનીષ રાઠોડના ચોરીના કેસમાં દિલ્હી પોલીસને મોટી સફળતા મળી હોવાનું માનવામાં આવે છે. (28) અને તેના સહયોગી મોહમ્મદ સફીકની ધરપકડ કરવામાં આવી છે. इन चोरों के पास से पुलिस ने अर्टिगा कार, दो डिजिटल गोल्ड वज़न मापने वाली मशीनें बरामद की हैं,

साथ ही पुलिस ने एक जोड़ी बैंगल्स, दो जोड़ी कड़ा, एक जोड़ी अंगूठी, शिकायतकर्ता के संपत्ति के कागजात, 20 हजार रुपये भी बरामद किए। चोरी के समय दोनों चोरों के जरिए इस्तेमाल किया गया एक तौलिया भी पुलिस ने जब्त किया है.

बदमाशों को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस

बदमाशों पर पहले से भी कई मुकदमे दर्ज है. हालांकि मनीष और इनके साथी इतने कुख्यात है कि सोने तौलने का मशीन भी साथ रखता था. मनीष पहले कबाड़ी का काम करता है और घर घर जाकर समान खरीदता था. मसलन मनीष पहले सामान खरीदने के बहाने घर का रैक करता था और जो घर में ताला लगा रहता था उस घर में रात में जाकर चोरी करता था.

ખરેખર 27 जून को मंजीत कौर नाम की एक महिला ने थाना पहाड़गंज में चोरी की FIR दर्ज कराई थी। शिकायत में मंजीत कौर ने बताया था कि वो चोरी वाले दिन अपने भाई के घर गई हुई थी। जब वो सुबह अपने घर वापस आई तो उन्होंने अपने घर का ताला टूटा हुआ पाया। घर के अंदर देखने पर उन्हें पता चला की घर से सोने की चेन, बैंगल्स, अंगूठियां, मंगलसूत्र 55 हजार रुपये नकद और संपत्ति के कागजात चोरी हुए हैं।

इस वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह को पकड़ने के लिए एसीपी पहाड़ गंज ओम प्रकाश लेखवाल इंचार्ज विशुद्धानन्द झा ने अपनी निगरानी में एक पुलिस पार्टी तैयार की इसमें एसआई सुशील कुमार, एएसआई चंद्रपाल, एएसआई इफ्तिखार, हवलदार राजवीर, सिपाही, साइबर एक्सपर्ट दीपक कुमार , राजीव, मुकुल, को शामिल किया गया।

गौरतलब है कि साइबर एक्सपर्ट दीपक कुमार इससे पहले भी कई मामले रेप,कीडनपिंग,छीनाझपटी, 365, 363, 376, 420 जैसे मामले में अपना તેણે મહત્વની ભૂમિકા ભજવીને ઘણા એવોર્ડ જીત્યા છે..

દીપક કુમાર સાયબર એક્સપર્ટ


જોકે, પહાડગંજ કેસમાં પોલીસની ટીમ 100 CCTV कैमरों की जांच करने के बाद नबी करीम इलाके में लगे एक CCTV कैमरे की फुटेज से एक सुराग मिला। फुटेज में दिखा ‘सुनसान जगह पर खड़ी अर्टिगा कार में कुछ लोग तेजी से बैठ रहे हैं । पुलिस ने इस अर्टिगा कार को अपनी जांच के दायरे में ले लिया। चोरी की वारदात का समय और इस कार बैठने वाले लोगों के समय में अधिक अंतराल नहीं था।

આ પછી પોલીસ સ્ટાફે કાર નંબર DL-1ZB-3740ને ઝડપી લીધો હતો અને તેના માલિકની વિગતો મેળવી હતી. આ કાર દિલ્હીના ઈન્દ્રલોક પત્તા પર રહેતી સાયમા કામિલ નામની મહિલાના નામે હતી. આ પછી પોલીસને ખબર પડી કે આ કારનો એસબીઆઈ બેંકમાં વીમો લેવામાં આવ્યો છે. પોલીસને ત્યાંથી એક ફોન નંબર અને સરનામું મળ્યું જે કારના માલિક સાયમા કામિલનું હતું. જ્યારે પોલીસ સાયમા કામિલ પાસે પહોંચી અને તેની પૂછપરછ કરી તો મહિલાએ જણાવ્યું કે તે વ્યવસાયે ફાર્માસિસ્ટ છે અને તેણે સફીક નામના વ્યક્તિને માસિક ભાડા પર તેની અર્ટિગા કાર આપી છે.


इसके बाद पुलिस की जाँच के दायरे में सफीक आ चुका था । पुलिस को साइमा से सफीक का मोबाइल नंबर मिल गया था। थाने के साइबर एक्सपर्ट सिपाही दीपक ने बिना वक्त गवाएं सफीक के नंबर की लोकेशन तलाश ली। सफीक की लोकेशन एम्स अस्पताल के आस पास आ रही थी। पुलिस टीम लोकेशन के आधार पर पीछा करते करते तक औखला पहुँच गई और उसे रस्ते से गिरफ्तार कर लिया।


पूछताछ के बाद आरोपी सफीक ने चोरी का गुनाह कबूल करते हुए अपने साथी मनीष राठौर के बारे में बता दिया। मनीष (28) को आनंद पर्वत की कटपुतली कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया गया। मनीष के पास से एक कार जेन एस्टिलो नंबर – डीएल -5 सीबी- 9533 जिसे चोरी में इस्तेमाल किया करता था। इनके पास से 2 कारें संपत्ति के कागजात चोरी किया हुआ माल बरामद कर लिया गया किन्तु इनका एक साथी अभी फरार है जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।


गिरफ्तार आरोपी मनीष राठौर जो एक पेशेवर अपराधी हैं । यह रंजीत नगर में कबाड़ी की दुकान चलाता है। मनीष के साथी कबाड़ी बनकर इलाकों में घरों की रैकी किया करते थे। कई लोग इन कबाड़ियों को पुराना सामान दिखाने के लिए घर के अंदर बुला लेते थे। उस घर की रैकी करके रात को कार लेकर निकलते थे सफीक कार चलाता था वारदात करने की जगह से कुछ दूरी पर सुनसान में कार खड़ी कर देते थे। इसके सेंधमारी करने के बाद कार में बैठ कर फरार हो जाते थे। लिहाजा पहाड़गंज थाने की पुलिस टीम ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार का जेल भेज दिया है.

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