पूरे देश में दिखा भारत बंद का असर
भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर ने आज भारत बंद का आह्वाहन किया है. इसका ऐलान उन्होंने पहले ही कर दिया था. इसके साथ ही उन्होंने एससी,एसटी और अल्पसंख्यक वर्ग के नेताओं से अपील की है कि वह भारत बंद का समर्थन करें. अगर अल्पसंख्यक वर्ग के सांसद और विधायकों ने ऐसा नही किया तो उनके घर के आगे भी ऐसे ही प्रदर्शन होगा. वहीं भीम आर्मी चीफ नें प्रमोशन में आरक्षण को लेकर 23 फरवरी को भारत बंद बुलाया है. जिसका प्रभाव देश के राज्यों में देखने को मिल रहा है.
जानकारी के मुताबिक भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर का यह प्रदर्शन जो आरक्षण को लेकर किया जा रहा है वह चांद बाग से लेकर राजघाट के लिए निकलेगा, जिसकी इजाजत नहीं ली गई है. लेकिन पुलिस का कहना है कि इन प्रोटेस्टर्स को राजघाट तक जाने से रोका जाएगा. विरोध बढ़ने पर पुलिस लोगों को हिरासत में भी ले सकती है.
बता दें कि बिहार के भोजपुर में भारत बंद के समर्थकों ने पूर्वी रेलवे गुमटी के पास रेल ट्रैक पर बैठकर रेल परिचालन को बाधित कर दिया है. और रेलवे ट्रैक पर बैठकर ट्रेनों की आावाजाही को जाम कर दिया है. बिहार के दरभंगा में भी ट्रेने रोक दी गई. कई जगह सड़के भी जाम कर दी गई है.
वहीं भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर का कहना है कि केंद्र सरकार अल्पसंख्क वर्ग का आरक्षण छीनने की कोशिश कर रही है. अगर उन्होंने हमारी मांगे नही मानी तो हमें मजबूरन पहले जैसे एससी एसटी एक्ट की तरह जैसे पूरे देश में प्रदर्शन हुआ था फिर से करना पड़ेगा.
गौरतलब है कि इससे पहले ही सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस नागेश्वर राव और हेमंत गुप्ता की बेंच ने कहा था कि प्रमोशन में आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं हैं. लिहाजा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को प्रमोशन में आरक्षण देने के लिए राज्य सरकार बाध्य नहीं है. यह पूरी तरह से सरकार की इच्छा पर निर्भर है. जिसके बाद भी आज भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर ने एससी,एसटी और अल्पसंख्यक वर्ग के आरक्षण के हक के लिए भारत बंद प्रोटेस्ट कर रहे है और इसके साथ ही सीएए और एनआरसी को वापस लेने की भी मांग कर रहे है.
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