MP में सियासी हलचल, नोटिस के बाद भी पेश नही हुए 6 विधायक

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मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार पर सियासी संकट के बीच काले बादल छटने का नाम ही नही ले रहे है. तमाम कवायदों और प्रयासों के बाद भी सरकार पर कारे बादल उल्टा लगातार घने होते जा रहे है. कांग्रेस से 22 विधायकों के इस्तीफा देने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने 6 विधायकों को व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होकर इस्तीफा देने को कहा था. इसके साथ ही अपने इस्तीफे की वजह भी बताने की बात कही थी कि इस्तीफा किसी के दबाव में आकर दिया है या स्वेच्छा से दिया गया है.

वहीं विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले छह विधायक अपने इस्तीफे का कारण बताने के लिए व्यक्तिगत तौर पर उनके समक्ष पेश नहीं हुए. हमने करीब 3 घंटे से ज्यादा उनका इंतजार किया लेकिन कोई भी विधायक पेश नही हुआ.

दरअसल, एनपी प्रजापति ने जिन 6 विधायकों को पेश होने के नोटिस दिए थे वे विधायक इमरती देवी, तुलसीराम सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, महेन्द्र सिंह सिसोदिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर और डॉ. प्रभुराम चौधरी हैं. ये सभी एमपी में कमलनाथ के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री थे. लेकिन राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ की सलाह पर शुक्रवार को उन्हें तत्काल प्रभाव से मंत्रिपरिषद से हटा दिया है.

बता दें कि 10 फरवरी को कांग्रेस से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद से ही सियासत में हलचल बनी हुई है. लेकिन हद तो तब हो गई जब सिंधिया ने अगले ही दिन बीजेपी का दामन थाम लिया. इस घटना के बाद से ही सियासत और ज्यादा गर्माई हुई है. जिसके बाद सिंधिया की राह पर चलते हुए 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया. वहीं अब इस सियासी हलचल के बीच कांग्रेस सरकार को तगड़ा झटका लगा है जो पूरी तरह से हिल चुकी है. अब देखना यह होगा कि कमलनाथ सरकार अपनी बहुमत विधानसभा में कैसे साबित करती है.

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