अविवाहित महिला पुलिसकर्मी हुई गर्भवती तो सस्पेंड किया
एक अविवाहित ट्रेनी महिला पुलिसकर्मी को गर्भपात कराने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि उसे ट्रेनिंग से सस्पेंड कर दिया गया था। हालांकि, राज्य पुलिस मुख्यालय ने ट्रेनिंग के दौरान एक अविवाहित महिला के गर्भधारण में कुछ गलत नहीं पाया और पिछले सप्ताह उसके निलंबन वापस ले लिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुका थी। महिला पहले ही गर्भपात करवा चुकी थी।
महिला कॉन्स्टेबल को बिहार मिलिटरी पुलिस कमांडेंट की ओर से गर्भधारण करने के कारण ट्रेनिंग जॉइन करने से रोक दिया गया था। इससे पहले बीएमपी 2 के कमांडेंट परवेज अख्तर ने महिला की प्रेग्नेंसी को सर्विस रूल्स के तहत अनैतिक बताया था और जनवरी में उसे सस्पेंड कर दिया था। वहीं, पिछले सप्ताह सस्पेंशन वापस लेते समय पुलिस मुख्यालय ने महिला कॉन्स्टेबल को मैटरनिटी लीव दिए जाने का भी सुझाव रखा, लेकिन तब तक प्रेग्नेंसी के 9 सप्ताह हो चुके थे और महिला पहले ही गर्भपात करवा चुकी थी।
रोहतास पुलिस के सूत्रों ने बताया कि पीड़ित कॉन्स्टेबल ने अब तक इस मामले में अपने बॉयफ्रेंड के खिलाफ शादी न करने को लेकर कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई है
मामले पर संज्ञान लेते हुए पुलिस मुख्यालय ने पाया कि पीड़िता बालिग थी और उसके निलंबन को सही नहीं ठहराया जा सकता। सूत्र ने बताया, ‘आईजी(ट्रेनिंग) के पास जब सस्पेंशन की फाइल पहुंची तो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए उसका समर्थन किया। उन्होंने पुलिस मुख्यालय से पीड़िता का सस्पेंशन वापस लिए जाने की सिफारिश की।’ हालांकि अख्तर का कहना है कि महिला कॉन्स्टेबल का सस्पेंशन वापस ले लिया गया है लेकिन उसे ‘अनैकित कार्य’ के लिए सजा दी जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक महिला को अब तक दोबारा ट्रेनिंग शुरू करने की इजाजत नहीं मिली है और कमांडेंट ने विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी है। मामले में पीड़ित महिला कॉन्स्टेबल ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
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