घर मते आता हेक्टरवर पसरलेल्या घनदाट जंगलात स्रोत थंड पाणी वाहू लागले आहेत
मते - मे 20, 2017

आता हेक्टरवर पसरलेल्या घनदाट जंगलात स्रोत थंड पाणी वाहू लागले आहेत

काशी हिन्दू विश्व विद्यालय (BHU) के इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल सायेंस (आईएमएस) के न्यूरोलॉजिस्ट प्रफेसर विजय नाथ मिश्र ने ‘बिग बीयानि अमिताभ बच्चन से कपूर मिले ठंडे तेल का प्रचार न करने का अनुरोध किया है। उन्होंने शनिवार को अमिताभ को ट्वीट कर मेसेज भेजा। उन्होंने यह भी कहा है कि ठंडे तेल का प्रचार न करने से उन्हें जो आर्थिक नुकसान होगा, उसकी भरपाई करने को तैयार हैं। ठंडे तेल के प्रयोग से ब्रेन की नसों के कमजोर या शिथिल पड़ने तथा आंखों की रोशनी कम होने की हाल ही रिपोर्ट आने के बाद प्रो.मिश्र ने यह पहल की है। प्रफेसर विजय नाथ मिश्र का कहना है कि अमिताभ बच्चन को फॉलो करने वालों की बड़ी संख्या है। उन्हें टीवी और अखबारों में ठंडे तेल का विज्ञापन करते लोग देख उस पर विश्वास कर इस्तेमाल करने लगते हैं। ऐसे में ठंडे तेल का प्रयोग करने वालों की संख्या दिन पर दिन तेजी से बढ़ती जा रही है। गलत दावे वाले विज्ञापन से भ्रमित लोग इसके प्रयोग से मौत के मुंह में जा सकते हैं। मिश्र ने कहा कि हमारे लिए मरीज का स्वास्थ्य ही सब कुछ है। मरीज ठीक नहीं होगा तो डॉक्टर भी कभी खुश नहीं रह सकते।
गौरतलब है कि बीएचयू के सर सुंदरलाल हॉस्पिटल की न्यूरोलॉजी ओपीडी में आने वाले मरीजों की केस स्टडी की रिपोर्ट ने बाजार में धड़ल्ले से बिक रहे ठंडे तेल की असलियत सामने लाई है। ठंडे तेल में कूपर का बेतहाशा प्रयोग किए जाने से सरदर्द, थकान और नींद न आने की समस्या दूर होने का दावा पूरी तरह से गलत साबित हो गया है बल्कि इसके जरिए ब्रेन से जुड़ी कई तरह की बिमारियां फैल रही है। यह हेरोइन और शराब की तरह लोगों को नशेड़ी बना रहा है। यह रिपोर्ट केंद्र के डिपार्टमेंट ऑफ सायेंस ऐंड टेक्नॉलजी (डीएसटी) को भेजी गई है।

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