शाहीन बाग पर फैसला सुनाने का माहौल नहीं- सुप्रीम कोर्ट

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CAA को लेकर देश में कोहराम मचा हुआ है. जहां एक ओर मोदी सरकार और उनके समर्थक इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए इसका स्वागत कर रहे हैं, वहीं विपक्ष, मुस्लिम संगठन और कई कैंपसों में छात्र इसका विरोध कर रहे हैं.

इस कानून के बनने के बाद से ही देश में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है. लगातार जगह-जगह इलाकों में दशहत की आग फैल रही है जो बढ़ती ही जा रही है. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में शाहीन बाग मामले को लेकर दायर याचिका पर आज सुनवाई हुई. जिसमे अदालत ने कहा कि सार्वजनिक सड़क प्रदर्शन के लिए नही होती. अदालत ने आगे कहा कि यह माहौल केस की सुनवाई के लिए अभी ठीक नही है. अगली सुनवाई तक माहौल सामान्य हो जाएगा तब फैसला लिया जाएगा.

दरअसल, दिल्ली के बिगड़ते हालात को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 23 मार्च तक के लिए सुनवाई टाल दी है. जिसके बाद अब सुनवाई होली के बाद होगी. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस समय हमारे कॉन्स्टेबल की मौत हुई है. अदालत ने आगे कहा कि 13 लोगों की मौत हुई है यह मामूली बात नही है.

सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि प्रशासन को हमने कार्रवाई करने से नही रोका. कभी-कभी पुलिस को अपने आउट-ऑफ द बॉक्स से बाहर जाकर काम करना पड़ता है. सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को अमेरिका और ब्रिटेन की पुलिस से सीख लेने की बात कही. अदालत ने कहा कि पुलिस में प्रोफेसनलिज्म की कमी है.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में शाहीन बाग मामले को लेकर वजाहत हबीबुल्लाह ने हलफनामा दायर किया था. जिसमें उन्होंने सड़कों को खाली करने के लिए सुप्रीम कोर्ट को कुछ सुझाव दिए थे. कहा था कि पुलिस के बैरिकेड हटाने के बाद तकरीबन 5 सड़के खाली हो जाएंगी. इससे पहले वजाहत हबीबुल्लाह खुद शाहीन बाग के दौरे पर पहुंचे थे और वहां के प्रदर्शनकारियों से बात कर मामले का जायजा लिया था. जिसके बाद उन्होंने हलफनामें में लिखा था कि सड़के बाधित होने में प्रदर्शनकारियों का कोई हाथ नही है. पुलिस ने ही 5 सड़को को बंद कर रखा है. जिसको लेकर आज कोर्ट में सुनवाई हुई.

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