لاک ڈاؤن اس طرح ہوگا۔ 4.0 کی ظاہری شکل !
2019 जाते-जाते दुनिया को एक खतरनाक वायरस दे गया।लाख कोशिश करने के बाद अभी तक ना तो इसकी वैक्सीन तैयार हो पाई है और ना ही इसकी किसी तरह की दवाई।सभी देशों के वैज्ञानिक छोटी मोटी दवाईयों से एक्सपेरिमेंट कर इसकी दवा निकालने में लगे हुए है। पूरी दुनिया में दहशत फैलाने के बाद कोरोना वायरस जिस तरह से भारत में पांव पसार रहा था, उसे देखते हुए केंद्र सरकार ने लॉकडाउन जैसा कदम उठाना जरूरी समझा।

लेकिन अब इसे खत्म करना भी जरूरी हो गया है, क्योंकि इस वायरस की वजह से आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गई हैं।औऱ इसका सबसे ज्यादा असर इस देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ा जो रोजगार समेत कई समस्या पैदा कर गया।जो अभी तक खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। हालात अगर ऐसे ही रहे तो हमारे देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह तबाह हो जाएगी, ऐसे में केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के चौथे भाग में कुछ ढील देने की बात कही है। जिससे कोरोना महामारी के प्रसार पर भी काबू रहे, साथ ही देश की इकोनॉमी भी पटरी पर लौट सके।
इस लॉकडाउन में भविष्य को देखते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं, जिससे कोरोना वायरस के साथ-साथ हम सभी की भी जिंदगी चलती रहे। अब इन हालातों को नई सामान्य स्थिति मानते हुए अब देश आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है।लॉकडाउन-4 में साफ-सफाई, सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क आदि सुरक्षा का ख्याल रखते हुए, कई चीजों में ढील मिलेगी।

इस लॉकडाउन में भविष्य को देखते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं, जिससे कोरोना वायरस के साथ-साथ हम सभी की भी जिंदगी चलती रहे। अब इन हालातों को नई सामान्य स्थिति मानते हुए अब देश आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है।लॉकडाउन-4 में साफ-सफाई, सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क आदि सुरक्षा का ख्याल रखते हुए, कई चीजों में ढील मिलेगी।
नए लॉकडाउन यानी चौथे हिस्से में स्कूल, کالج, मॉल और मूवी थियेटर किसी भी इलाके में नहीं खुलेंगे। वहीं सैलून, नाई की दुकान और स्पा सेंटर को रेड जोन में सावधानी के साथ खोला जा सकता है। हालांकि कटेंनमेंट इलाके में यह बंद रहेगा, इसके अलावा ग्रीन जोन और ऑरेंज जोन में भी यह खुला रहेगा। तो वहीं सिक्किम जैसा राज्य, जहां पर एक भी कोविड-19 का केस नहीं है, उन्होंने भी कठोर लॉकडाउन की मांग की है। जबकि इनकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से पर्यटन पर आधारित है। सिक्किम का मानना है कि अगर कोई संक्रमित व्यक्ति गलती से भी वहां पहुंच जाता है तो फिर पूरे राज्य में इसके फैलने का खतरा रहेगा।

हालांकि केंद्र सरकार आने वाले कुछ दिनों में सार्वजनिक परिवहन, जैसे कि बस, रेल और घरेलू विमानों की आवाजाही में ढील दे सकती है। हालांकि तमिलनाडु, कर्नाटक और बिहार जैसे राज्य मई के आखिर तक ट्रेन और विमान सेवा शुरू करने के पक्ष में नहीं हैं।साथ ही वहीं केंद्र सरकार आने वाले कुछ दिनों में सार्वजनिक परिवहन, जैसे कि बस, रेल और घरेलू विमानों की आवाजाही में ढील दे सकती है।हालांकि तमिलनाडु, कर्नाटक और बिहार जैसे राज्य मई के आखिर तक ट्रेन और विमान सेवा शुरू करने के पक्ष में नहीं हैं।

लेकिन ये तो आने वाला समय ही बताएगा की कितनी आने वाले लॉकडाउन में ढील दी जाती है।अगर देखा जाए तो इससे गरीबों का खासी नुकसान हुआ है जिसपर सरकार ने कोई भी ध्यान नहीं दिया।अगर सरकार आने वाले समय में इसपर भी ध्यान दे तो इससे अच्छी और बड़ी ख़बर गरीबों के लिए भला क्या होगी।
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