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Social - May 21, 2020

‘अम्फान’ तूफान ने ली 12 लोगों की जान

जहां एक तरफ कोरोना की वजह से मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।तो वहीं दूसरी तरफ अम्फान तूफान ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में तबाही मचा रखी है।यहां तक की लोग पहले कोरोना से बचने के लिए घर से नहीं निकल रहे थे।तो वही अब लोगों ने इस तूफान की वजह से घरों में खुद को पूरी तरह कैद कर लिया है।दराअसल दोनों राज्यों में एक दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है।जहां देर रात तक तेज बारिश और तूफानी हवाएं दोनों राज्यों को झकझोरती रही,ऐसा अंधड़ बीते कई सालों में न किसी ने देखा न सुना। हवा की रफ्तार ऐसी थी मानो धरती पर जो कुछ भी है सब उखाड़कर उड़ा ले जाने को बेकरार है।

अम्फान तूफान ने ओडिशा और बंगाल के लोगों को चंद घंटों में ही कयामत की झलक दिखा दी।तूफान की रफ्तार जब तक थमी, कोलकाता में सबकुछ उलट-पुलट हो चुका था।शहर में चारों तरफ पानी भर चुका था, गाड़ियां नावों की तरह तैर रही थी,सड़कों पर पेड़ उखड़े पड़े थे. बड़े बड़े होर्डिंग, बिजली के पोल औंधे मुंह गिरे हुए थे।जो भी ये मंजर देख रहा था उसके मन में एक खौफ पैदा हो रहा था।

बुधवार शाम के वक्त जब तूफान पूरे शबाब पर था,तब हावड़ा ब्रिज ने भी इसके आगे अपने घुटने टेक दिए।आंधी के झोंकों ने पुल को ऊपर से लेकर नीचे तक कुछ इस तरह अपने आगोश में ले लिया कि पुल दिखना ही बंद हो गया।हावड़ा में तूफानी हवाओं के जोर से एक स्कूल की छत देखते-देखते ही उड़ गई।जानकारी के लिए बता दें की बंगाल में समुद्र तट से टकराने के वक्त तूफान की रफ्तार 180 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा पहुंच गई थी।जबकि कई घंटे बाद तक कोलकाता शहर में 130 किमी प्रति घंटे की तक की रफ्तार से हवाएं चलती रहीं।अम्फान का सबसे ज्यादा कहर प. बंगाल के उत्तर 24 परगना, दक्षिणी 24 परगना, मिदनापुर और कोलकाता में रहा।

तबाही का मंजर बंगाल में कई जगहों पर है, तूफान के गुजर जाने के बाद उसके गहरे निशान हर तरफ बसरे हैं।राहत टीमें टूटे पेड़ों को सड़कों से हटाने में जुटी हैं, लेकिन काम खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा।सड़कों पर पानी भरा होने के चलते राहत काम में और भी मुश्किल आ रही है।पश्चिम बंगाल में तूफान से तबाही कितनी हुई इसका हिसाब किताब अभी बाकी है, लेकिन सीएम ममता बनर्जी कह रही हैं कि कम से कम 10-12 लोग तो तूफान की भेंट चढ़ ही गए हैं।उनका कहना है कि डीएम, एसपी और प्रशासन के अधिकारी जमीनी स्तर पर हैं. अभी नंबर के बारे में सही जानकारी नहीं है, लेकिन 10-12 लोगों की मौत हुई है।

बंगाल और ओडिशा में करीब साढ़े 6 लाख लोग पहले ही सुरक्षित निकाले जा चुके थे।तूफान की चपेट में आने वालों की मदद के लिए एनडीआरएफ और अर्धसैनिक बल भी पहले से ही तैनात थे।लेकिन सवाल ये पैदा होता है की इस देश पर अपनी कितने संकट और आने बाकी है।क्योकि जिस तरह से इस साल इस देश पर जिस तरह की परेशानियां आ रही है ये वाकई एक सोचने वाला विषय है।

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