किसके इशारे पर सुरेश प्रभु ने किया मंत्री पद से इस्तीफा देने का नाटक ? जानिए बड़ा खुलासा
यूपी में चार दिन में हुए दो बड़े रेल हादसों के बाद बीजेपी सरकार सवालों के कटघरे में है। विपक्ष सत्ता पक्ष को घेरने में जुटा हुआ है, ट्रेन हादसों की वजह से हो रहे हंगामे के बाद रेलवे बोर्ड के चेयमैन एके मित्तल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, विपक्ष लगातार रेलमंत्री सुरेश प्रभु से मंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग कर रहा है।

वही रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने हादसों को लेकर सफाई पेश की है हादसों की नैतिक जिम्मेदारी ली है. सुरेश प्रभु ने ट्वीट करके बताया कि उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की है लेकिन उन्होंने इंतजार करने को कहा है. माना जा रहा है कि रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एके मित्तल के इस्तीफा देन के बाद सुरेश प्रभु ने भी मंत्री पद से इस्तीफा देने की पेशकश की है, जिसके बाद पीएम ने उन्हें इंतजार करने को कहा है।

सुरेश प्रभु ने ट्वीट करके कहा कि “बतौर मंत्री तीन साल से कम समय में, मैने रेलवे की बेहतरी के लिए अपना खून पसीन बहाया है. हाल ही में हुए हादसों से मैं काफी आहत हूं, यात्रियों की जान जाने और घायल होने से मैं काफी दुखी हूं. इससे मुझे बहुत पीड़ा है. पीएम के सपनो के न्यू इंडिया में एक ऐसा रेलवे होना चाहिए जो आधुनिक और प्रभावी हो। मैं विश्वास दिलाता हुं कि हम उसी राह पर है और रेलवे उसी रास्ते पर आगे बढ़ रही है।“
مولانا آزاد اور ان کی برسی کو یاد کرتے ہوئے۔
مولانا ابوالکلام آزاد, مولانا آزاد کے نام سے بھی جانا جاتا ہے۔, ہندوستان کے نامور اسکالر تھے۔, آزادی…






