घर सामाजिक राजस्थानमध्ये गोरक्षणाच्या नावाखाली मुस्लिमांची हत्या, राज्याच्या गृहमंत्र्यांनी बेताल वक्तव्य केले
सामाजिक - राज्य - नोव्हेंबर 13, 2017

राजस्थानमध्ये गोरक्षणाच्या नावाखाली मुस्लिमांची हत्या, राज्याच्या गृहमंत्र्यांनी बेताल वक्तव्य केले

गायीच्या नावाखाली हत्या, यूपी योगी सरकारचे कत्तलखाने बंद करण्याचे आदेश, और इस फरमान के बाद देश के अलग-अलग कौने में कथित गौरक्षकों का बेकसूर लोगों के खिलाफ बढ़ता आतंक। भारत की उस एकता को खत्म कर रहा है जिस एकता को बनाने के लिए हमारे पूर्वज देशवासियों ने अपनी जानों को कुर्बान करने से भी परहेज नहीं किया था। आज न जाने हम कौन से देश का निर्माण कर रहे हैंजिसमें एक इंसान को एक षडयंत्र के तहत मौत के घाट उतार दिया जाता है

एक ओर जहां देशभर में गौरक्षा के नाम पर की जाने वाले हिंसा की घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। वहीं गौरक्षा के नाम पर हिंसा को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुंच चुका है। इसी बीच राजस्थान के अलवर जिले में गौरक्षा के नाम पर दो मुस्लिम गोपालकों को गोली मार दी गई, जिनमें से एक की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, गौपालक अलवर से पिकअप में गाय लेकर भरतपुर के घाटमिका गांव जा रहे थे कि कुछ युवकों के साथ रास्तें में गौ-तस्करी के शक में मारपीट की गई और इस मारपीट के बाद उनको गोली मार दी गई। इस हमले में एक युवक उमर खान की मौत हो गई, जबकि दूसरे युवक का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी अलवर में ही ठीक इसी प्रकार का मामला सामने आ चुका है, जिसमें एक गौ—तस्करी के शक में एक शख्स की पीट—पीट कर हत्या कर दी गई थी। इसी साल की शुरुआत में तीन अप्रेल को अलवर के बहरोड में 55 साल के पहलू खान को गोरक्षकों की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार दिया गया था। इस मामले को लेकर देशभर में गौरक्षा के नाम पर की जाने वाली मारपीट को लेकर काफी हंगामा भी हुआ था।

फिलहाल पुलिस ने मामले में एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है। आरोपी नाबालिग है। उसकी उम्र 16 साल है। उसे बाल अपचारी अपराध की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है। उसके साथ 6 अन्य लोग भी इस अपराध में शामिल थे। पुलिस का दावा है कि यह दल गोरक्षा के नाम पर लोगों के साथ लूटपाट भी करता है। पुलिस अन्य आरोपियों का पता लगा रही है।

वहीं इस मामले पर राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने गैर जिम्मेदारान बयान देते हुए कहा है कि, हमारे पास सभी शहरों में होने वाली हर घटना को रोकने के लिए पर्याप्त लोग नहीं हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जल्द ही दोषिषों को पकड़ लिया जाएगा।

तो मंत्रीजी के इस बेतुके बयान से साफ जाहिर होता है कि राजस्थान सरकार के लिए एक इंसान की जिंदगी जाना या बेकसूर लोगों को मौत के घाट उतारना कितनी मामूली बात है।

आपको बता दें कि गौरक्षा के नाम पर होनी वाली घटनांए सबसे ज्यादा यूपी में हुई हैं.. और गौरक्षा के नाम पर हुई घटनाओं में मरने वाले लोग सबसे ज्यादा मुस्लिम समाज से आते हैइंडिया स्पेंड नामक वेबसाइड के आंकड़ो की माने तो 51 फीसदी मामले मुस्लिमों के साथ हुए हैं।

जिससे साफ जाहिर होता है कि गोरक्षा के नाम पर आतंक फैसलाने वाले किसी एक समाज को अपना निशाना बना रहे हैंलेकिन अब देखना होगा की गौरक्षा के नाम पर देश में बढ़ती हिंसा पर क्या कार्रवाई होती है ?

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