जनसंख्या पर रोक लगाने के लिए बीजेपी सरकार ने लिया चौंकाने वाला फैसला
बीजेपी सरकार ने जनसंख्या पर रोकथाम लगाने के लिए बेहद चौंकाने वाला फैसला लिया है. सरकार ने कहा कि ऐसे लोग जिनके दो से ज्यादा बच्चे होंगे उनको नगर निकाय चुनाव लड़ने और सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी।
असम में मुख्यमंत्री सर्वांवद सोनोवाल के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार की नई जनसंख्या पॉलिसी ने देश में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। दरअसल असम विधान सभा में 15 सितंबर को लंबी बहस के बाद ये जनसंख्या को पॉलिसी को लेकर कानून पारित किया गया।

असम के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने विधानसबा में 15 सितंबर को ही विधेयक पेश किया है। इस विधेयक के पारित होने के बाद असम के सभी सरकारी कर्मचारियों पर दो बच्चों की पॉलिसी लागू हो जाएगी।
असम में नए कानून के मुताबिक, शादी के लिए निर्धारित न्यूनतम उम्र का पालन न करने वालों को भी सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य करार दिया जाएगा।

सरकार ने बढ़ती जनसंख्या को वजह बताया-
दरअसल असम की जनसंख्या की बात की जाए तो साल 2001 की जनगणना में 2.66 करोड़ थी। साल 2011 की जनगणना में राज्य की जनसंख्या 3.12 करोड़ थी।
असम सरकार ने हवाला दिया है कि पिछले 10 वर्षों में जनसंख्या में 17.07 फीसदी की वृद्धि हुई। इतनी तेजी से बढ़ती जनसंख्या को राज्य वहन करने में अक्षम है।
असम के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब राज्य में भाजपा की सरकार आई हो। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ने विधान सभा में कहा, राज्य की नई जनसंख्या नीति जनसंख्या वृद्धि पर लगाम लगाने और सामाजिक-आर्थिक और स्वास्थ्य बेहतरी के लिए बनाई गई है।
उन्होंने आगे कहा कि वह केंद्र से आग्रह करेंगे कि ऐसा ही कानून बनाया जाए और जिनके दो से ज्यादा बच्चे हैं वे लोग चुनाव न लड़ सकें।
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