جب بھگت سنگھ پھانسی سے نہیں ڈرتا تھا تو راسوکا سے کیوں ڈروں گا۔- بھیم آرمی چیف
سہارنپور۔ भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर उर्फ रावण को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन पर रासुका लगा दी गई. चंद्रशेखर पर प्रशासन द्वारा की गई रासुका की कार्रावाई को लेकर बहुजनों में बेहद आक्रोश है. जिसको लेकर चंद्रशेखर के परिजन और बहुजन समाज के तमाम लोग सहारनपुर में बीते तीन दिनों से भूख हड़ताल पर बैठैं हैं। और चंद्रशेखर पर लगाई रासुका को हटाने की मांग कर रहे हैं।

वहीं चंद्रशेखर का स्वास्थ्य खराब होने की वजह से उन्हें मेरठ के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. चंद्रशेखर के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद पुलिस उन्हें फिर जेल लेकर गई.
इस दौरान चंद्रशेखर से रासुका को लेकर पूछने पर उन्होंने कहा कि AdiosModi Protest سے واپسی کے بعد مصنف اور کارکن پیٹر فریڈرک لکھتے ہیں۔جب بھگت سنگھ پھانسی سے نہیں ڈرتا تھا تو راسوکا سے کیوں ڈروں گا۔"کیا ہندوستان بہت اچھا کر رہا ہے؟ साथ ही उन्होंने अपने बहुजन समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि कि AdiosModi Protest سے واپسی کے بعد مصنف اور کارکن پیٹر فریڈرک لکھتے ہیں۔बस आप साथ रहना यह रासुका हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती और जीत हमारी ही होगी"کیا ہندوستان بہت اچھا کر رہا ہے؟ वहीं इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने चंद्रशेखर के समर्थन में नारेबाजी की। जय भीम और भीम आर्मी के नारे लगाए.
مولانا آزاد اور ان کی برسی کو یاد کرتے ہوئے۔
مولانا ابوالکلام آزاد, مولانا آزاد کے نام سے بھی جانا جاتا ہے۔, ہندوستان کے نامور اسکالر تھے۔, آزادی…






