شرد یادو نتیش کو طاقت دکھائیں گے۔, تیر کے نشان پر دعویٰ کریں گے۔
बिहार में नीतीश के महागठबंधन छोड़कर भाजपा से हाथ मिलाने का विरोध कर रहे शरद यादव शनिवार को बिहार में एक सम्मेलन के माध्यम से अपनी ताकत दिखाएंगे।
ऐसा माना जा रहा है कि शरद यादव ने नीतीश कुमार को खुली चुनौती देने के मकसद से इस सम्मेलन का आयोजन किया है जिसमें नीतीश के फैसले असहमत नेताओं को जुटाने की कोशिश है। इतना ही नहीं, शरद यादव ने अपने गुट के साथ पार्टी के नाम एवं चुनाव चिन्ह पर दावेदारी के लिए जल्द ही चुनाव आयोग में जाने का फैसला किया है। इससे स्पष्ट है कि जदयू में सुलह की संभावनाएं खत्म सी हो गई है।
पटना में सम्मेलन का उद्घाटन शरद यादव करेंगे। वे शनिवार को साढ़े दस बजे सांसद अली अनवर अंसारी और अरुण कुमार श्रीवास्तव के साथ पटना पहुंचंगे। अली अनवर ने नीतीश कुमार का बिना नाम लिये बताया कि दिल्ली में आयोजित साझी विरासत बचाओ सम्मेलन की अभूतपूर्व सफलता से भाजपा की गोद में जा बैठे जदयू नेताओं को अहसास हो गया होगा कि रियल जनता दल यू कौन है।
शनिवार को पटना में आयोजित सम्मेलन में रियल जनता दल यू के कार्यकर्ता और नेता आएंगे। उन्होंने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, नीतीश जी भाजपा में समाहित जदयू का नेतृत्व कर रहे हैं।
अली अनवर ने जदयू में विभाजन के सवाल पर कहा, इसकी जरूरत कहां है? रियल जदयू तो शरद यादव के साथ है। कल के सम्मेलन के उद्देश्य के बारे में उन्होंने कहा, बिहार में हमलोग दो तरह की बाढ़ की चपेट में हैं। एक बाढ़ तो नदी से निकलकर आई है, भले ही वो जलधारा नेपाल से आकर तबाही मचा रही है।
दूसरी धारा राजनीतिक नदी से त्रासदी फैला रही है उसमें कोर्स ही चेंज कर दिया है। वो धारा हम लोग समाजवादियों की है जो भाजपा की गोद में चली गई है। सम्मेलन में ऐसे समाजवादियों की बदली धारा के विकल्प पर विमर्श किया जाएगा। इस त्रासदी से जनता को उबारने का प्रयास करेंगे।
वैसे भी हमारे पास न केंद्र की, न राज्य सरकार की ताकत है कि जनता के बीच उडऩखटोले से हवाई सर्वेक्षण करेंं। जनता के दुख को बांटने के लिए अपने कार्यकर्ताओं को जरूर लगाएंगे।
مولانا آزاد اور ان کی برسی کو یاد کرتے ہوئے۔
مولانا ابوالکلام آزاد, مولانا آزاد کے نام سے بھی جانا جاتا ہے۔, ہندوستان کے نامور اسکالر تھے۔, آزادی…






