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सामाजिक - राज्य - नवम्बर 11, 2017

पहले शिक्षा मंत्री मौलाना आजाद की 129वीं जंयती पर जानिए आजाद से जुड़ी खास बातें!

द्वारा- Aqil रजा

आज पुरा देश मौलान आजाद की 129वीं जन्म वर्षगांठ मना रहा है. मौलाना आजाद का पूरा नाम अबुल कलाम आज़ाद या अबुल कलाम गुलाम मुहियुद्दीन था. मौलाना आजाद का जन्म 11 नवंबर 1888 में हुआ था, मौलाना आजाद एक प्रसिद्ध भारतीय मुस्लिम विद्वान थे। मौलाना आजाद कवि, लेखक, पत्रकार और भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे।

 

मौलाना आजाद एक ऐसी महान शख्सियत थी जिन्होंने भारत रत्न लेने से इनकरा कर दिया था. जिसके बाद आजाद को मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था। साल 2008 के बाद से ही आजाद के जन्मदिन को “राष्ट्रीय शिक्षा दिवस” के रूप में मनाया जाता है.

 

भारत की आजादी के बाद मौलाना आजाद देश के पहले शिक्षा मंत्री बने थे। आजाद ने हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए काम किया, मौलान आजाद अलग मुस्लिम राष्ट्र के सिद्धांतों के विरोधी रहे थे। खिलाफत आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। 1923 में आजाद भारतीय नेशनल काग्रेंस के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बने। मौलाना आजाद 1940 और 1945 के बीच काग्रेंस के अध्यक्ष रहे। आजादी के बाद आजाद उत्तर प्रदेश राज्य के रामपुर जिले से साल 1952 में सांसद चुने गए थे।

 

मौलाना आजाद ने ग्यारह सालों तक राष्ट्र की शिक्षा नीति का मार्गदर्शन किया। मौलाना आज़ाद को ही ‘भारतीय प्रद्योगिकी संस्थान’ अर्थात ‘आई.टी.आई.’ और ‘विश्वविद्यालय अनुदान आयोग’ की स्थापना का श्रेय जाता है। उन्होंने शिक्षा और संस्कृति को विकिसित करने के लिए कई संस्थानों की स्थापना की। केंद्रीय सलाहकार शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष होने पर सरकार से केंद्र और राज्यों दोनों के अतिरिक्त विश्वविद्यालयों में सारभौमिक प्राथमिक शिक्षा, 14 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा, कन्याओं की शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, कृषि शिक्षा और तकनीकी शिक्षा जैसे सुधारों की वकालत की थी।

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