घर सामाजिक बिर्याणी बनवल्याबद्दल विद्यार्थ्यांना दंड, जेएनयू प्रशासनाने भाजपच्या हावभावांवर काम केल्याचा आरोप केला
सामाजिक - राज्य - नोव्हेंबर 10, 2017

बिर्याणी बनवल्याबद्दल विद्यार्थ्यांना दंड, जेएनयू प्रशासनाने भाजपच्या हावभावांवर काम केल्याचा आरोप केला

नवी दिल्ली. देश का नामी विश्वविद्यालय जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी को सियासत का अखाड़ा कहा जाता है, विद्यापीठात दररोज कोणत्या ना कोणत्या वादावरून राजकारण होत असते.. यावेळी जेएनयूमध्ये बिर्याणी बनवण्यावरून वाद झाला आहे.….खरंतर कॅम्पसमध्ये बिर्याणी बनवताना आणि खाताना 4 स्टूडेंट्स के खिलाफ डिसिप्लिनरी एक्शन लिया गया है। यूनिवर्सिटी ने इसे गंभीर मामला मानते हुए स्टूडेंट पर 6 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। साथ ही ये चेतावनी भी दी है कि आगे ऐसी कोई घटना नहीं की जाए

बीजेपी की स्टूडेंट विंग एबीवीपी ने आरोप लगाया है कि 27 जून को कुछ छात्रों ने एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग की सीढ़ियों पर बिरयानी बनाई थी। इसके लिए बीफ का इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने जांच के लिए एक कमेटी बनाई।

 

वहीं बिरयानी बनाने के इस मामले ने अब सियासी रंग ले लिया है। बीजेपी सांसद सुब्रहमण्यम स्वामी ने तो इन छात्रों को जेल तक भेजने की बात कह डाली.. वहीं कांग्रेस नेता शाहजाद पूनावाला का कहना है कि जेएनयू का प्रशासन अब बीजेपी के इशारे पर काम कर रहा है। बीजेपी की सहयोगी जनता दल यूनाइटेड का कहना है कि छात्र को किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं करना चाहिए लेकिन बिरयानी बनाकर खाने में कुछ भी गलत नहीं है।

यहां गौर करने वाली बात ये है कि जहां पहले कॉलेज, विश्वविद्यालयों में सिर्फ पढ़ाई और करियर की बात होती थी, वहीं अब छात्रों को संप्रदायक सोच में फंसाकर, कहीं न कहीं सियासी रोटियां सेकी जा रही है..जो कि देश के लिए बड़ा खतरे साबित हो सकता है। लेकिन सवाल इस बात का है कि आखिर इस तरह के बेवजह के मुद्दों को उठाकर क्यों एक खास वर्ग को टारगेट किया जा रहा हैक्यों कभी गौरक्षा तो कभी बीफ के नाम पर हिंसा फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है.

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