بہار میں سیلاب کی تباہ کاریاں: اب تک 200 لوگوں کی موت
پٹنہ۔ बिहार में बाढ़ का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. बिहार में बाढ़ लगातार भयावह होती जा रही है. खासकर उत्तर बिहार में बाढ़ से हाहाकार मचा है. जिसकी वजह से अब तक बाढ़ में 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. सिर्फ कोसी और सीमांचल इलाके में ही अब तक 108 लोगों की मौत हो गई है. सबसे ज्यादा 40 मौत अररिया जिले में हुई है.

नेपाल में हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से आसपास की सभी नदियों में जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. गांवों से लेकर शहरों तक का बुरा हाल है. गांवों से लेकर शहरों तक बाढ़ का पानी घुस गया है. बाढ़ से हालात बेकाबू हैं. सभी इलाकों में पानी भरा हुआ है. लोग घरों में फंसे हैं और पानी घटने का इंतजार कर रहे हैं. इलाकों के लोगों को पीने के पानी और खाने की दिक्कत हो रही है. बता दें कि बाढ़ से प्रभावित जिलों की संख्या भी बढ़कर अब 16 तक पहुंच गई है. जहां की कुल 73 लाख की आबादी बाढ़ से घिरी है. जबकि इन जिलों के 3867 गांव बाढ़ से घिरे हुए हैं.

प्रशासन की नाकामी
बिहार का बाढ़ग्रस्त इलाका. जितनी दूर तक नजर जाये, हर ओर बस बाढ़ का पानी. जी हां सीमांचल से लेकर उत्तर बिहार के कई जिलों में चारों ओर सिर्फ और सिर्फ पानी है. जहां तक नजर जाये, चारों ओर पानी ही पानी का नजारा है. भीषण बाढ़ से से जूझ रहे उत्तर बिहार के अलग-अलग हिस्सों की तस्वीरों को देखकर यही लगता है कि यहां कि नारकीय स्थिति को नियंत्रित करने और पीड़ितों को राहत पहुंचाने में प्रशासन नाकाम साबित होता दिख रहा है. राहत कार्य में जो नावें लगाईं गई हैं वो भी नाकाफी दिखती हैं.

مولانا آزاد اور ان کی برسی کو یاد کرتے ہوئے۔
مولانا ابوالکلام آزاد, مولانا آزاد کے نام سے بھی جانا جاتا ہے۔, ہندوستان کے نامور اسکالر تھے۔, آزادی…






